मकड़ी से लगता है डर, यह है अर्कनोफोबिया के लक्षण

मकड़ी से लगता है डर, यह है अर्कनोफोबिया के लक्षण

मकडि़यों व अन्य कुछ जानवरों के प्रति मनुष्य के मन में डर जन्मजात होता है। इस बात का खुलासा शोध में भी हो चुका है। लेकिन जब यह डर बहुत अधिक बढ़ जाता है तो अर्कनोफोबिया बन जाता है।

हमारे आसपास कई जीव−जंतु रहते हैं और उनसे थोड़ा−बहुत डर लगना या फिर घबराना एक सामान्य बात है। कई बार घर की दीवार पर चलने वाली छिपकली या मकड़ी को देखकर हर किसी को थोड़ी घबराहट होती है। लेकिन अगर आप मकड़ी से इतना डरते हैं कि उसे देखते ही चीखने−चिल्लाने या भागने लगते हैं या फिर कमरे में मकड़ी के होते हुए आप अंदर भी नहीं जाते, तो यह अर्कनोफोबिया के लक्षण हो सकते हैं। अगर आप अभी भी इस फोबिया से अनजान हैं तो आज हम आपको इसके बारे में विस्तारपूर्वक बता रहे हैं−

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क्या है अर्कनोफोबिया

मनोवैज्ञानिक बताते हैं कि मकडि़यों व अन्य कुछ जानवरों के प्रति मनुष्य के मन में डर जन्मजात होता है। इस बात का खुलासा शोध में भी हो चुका है। लेकिन जब यह डर बहुत अधिक बढ़ जाता है तो अर्कनोफोबिया बन जाता है। ऐसे फोबिया से ग्रस्त व्यक्ति ऐसी किसी भी जगह पर जाने से डरते हैं, जहां उन्हें लगता है कि मकडि़यां हो सकती हैं। इतना ही नहीं, कई बार तो ऐसे लोग मकड़ी को दूर करने की जगह अपना कमरा या घर तक भी छोड़ सकते हैं।

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अर्कनोफोबिया के कारण

मनोवैज्ञानिकों की मानें तो अर्कनोफोबिया के कई कारण हो सकते हैं। मसलन, हो सकता है कि आपने बचपन में घर के सदस्यों को मकड़ी से डरते हुए या फिर उसे देखकर चीखते−चिल्लाते देखा हो और इसलिए उनके मन में भी यह डर समा जाता है। इसी तरह, मकडि़यों की जहरीली प्रजाति और उनके काटने से होने वाली समस्याओं के बारे में जब हम टीवी पर देखते हैं तब भी मन में बसा हुआ डर हम पर हावी हो जाता है। यहां यह समझना जरूरी है कि हर व्यक्ति मकड़ी व सांप आदि से कुछ हद तक डरता है, लेकिन इसका अर्थ यह कतई नहीं है कि उसे अर्कनोफोबिया ही है। जब आपको मकड़ी को देखकर या उसके बारे में सोचकर ही दूसरे फोबिया के लक्षणों की तरह कंपकंपी छूटना, सांस फूलना, छाती में दर्द, घुटन का अहसास होना, मतली, कोल्ड फलैश, हार्ट रेट का बढ़ना आदि लक्षण नजर आएं तो यह अर्कनोफोबिया है।

उपचार

इस फोबिया के उपचार के लिए आप एक मनोवैज्ञानिक या काउंसलर की मदद ले सकते हैं। मनोवैज्ञानिक आपके मन के डर को बाहर करने में आपकी मदद करेगा। वहीं इसके अलावा कुछ थेरेपी व दवाइयों के माध्यम से भी आप अपने डर से बाहर निकल सकते हैं।

मिताली जैन





डिस्क्लेमर: इस लेख के सुझाव सामान्य जानकारी के लिए हैं। इन सुझावों और जानकारी को किसी डॉक्टर या मेडिकल प्रोफेशनल की सलाह के तौर पर न लें। किसी भी बीमारी के लक्षणों की स्थिति में डॉक्टर की सलाह जरूर लें।