प्रतिरक्षा तंत्र को करना है मजबूत तो जरूर करें प्राणायाम और जलनेति का अभ्यास

  •  मिताली जैन
  •  जनवरी 8, 2021   18:39
  • Like
प्रतिरक्षा तंत्र को करना है मजबूत तो जरूर करें प्राणायाम और जलनेति का अभ्यास

योगागुरू बताते हैं कि प्राणायाम मुख्य रूप से ब्रीदिंग एक्सरसाइज है। सांस ऊर्जा का महत्वपूर्ण स्रोत है और जब हम अपनी सांसों के प्रवाह पर ध्यान देते हैं तो इसका अर्थ है कि हम खुद को अंदर से हील कर रहे हैं। हमारी कोशिकाएं ऑक्सीजन की मदद से हर समय पुनर्जीवित होती हैं।

कोरोना काल में हर व्यक्ति ने प्रतिरक्षा तंत्र को मजबूत करने पर जोर दिया है। साथ ही साथ बेहतर प्रतिरक्षा तंत्र से मिलने वाले फायदों को भी गहराई से समझा है। मजबूत प्रतिरक्षा तंत्र आपके शरीर के लिए एक रक्षा कवच की तरह काम करता है, जो बाहरी संक्रमण से आपका बचाव करता है। अमूमन लोग अपने खानपान के जरिए इम्युन सिस्टम को मजबूत करने की कोशिश करते हैं। लेकिन इसमें योग भी उतना ही लाभकारी है। कई योगासनों के अलावा प्राणायाम व जलनेति आदि कई ऐसी क्रियाएं जो आपके इम्युन सिस्टम को बूस्ट करती हैं। तो चलिए आज हम आपको इस बारे में बता रहे हैं−

इसे भी पढ़ें: लोअर बैक में दर्द से रहते हैं परेशान तो नियमित रूप से करें यह योगासन

प्राणायाम से बढ़ती इम्युनिटी

योगागुरू बताते हैं कि प्राणायाम मुख्य रूप से ब्रीदिंग एक्सरसाइज है। सांस ऊर्जा का महत्वपूर्ण स्रोत है और जब हम अपनी सांसों के प्रवाह पर ध्यान देते हैं तो इसका अर्थ है कि हम खुद को अंदर से हील कर रहे हैं। हमारी कोशिकाएं ऑक्सीजन की मदद से हर समय पुनर्जीवित होती हैं। ऑक्सीजन प्राप्त करने के लिए श्वास सबसे तेज और सबसे कुशल स्रोत है। गहरी सांस लेने से हमारी प्रतिरक्षा प्रणाली को संक्रमण और किसी अन्य बीमारी से लड़ने के लिए कोशिकाओं को पुनर्जीवित करने में मदद मिलती है जो हमें प्रभावित करती हैं। कुछ ब्रीदिंग एक्सरसाइज हमारे प्रतिरक्षा प्रणाली की क्षमता को बढ़ाते हैं। बेहतर हवा की गुणवत्ता और आप जितनी गहरी साँस लेते हैं उतना ही आप अपने प्रतिरक्षा प्रणाली को ठीक से काम करने में मदद कर सकते हैं। नियमित रूप से गहरी साँस लेने के व्यायाम का अभ्यास आपके समग्र प्रतिरक्षा प्रणाली में सुधार कर सकता है।

इसे भी पढ़ें: इन 8 शाकाहारी चीजों से नहीं होगी शरीर में प्रोटीन की कमी, बनेगी अच्छी फिटनेस!

जलनेति से बढ़ाएं इम्युनिटी

जलनेति भी प्रतिरक्षा तंत्र को मजबूत करने में बेहद प्रभावी मानी गई है। योगागुरू के अनुसार, जल नेति छह शुद्धिकरण प्रक्रियाओं में से एक है। यह मुख्य रूप से नाक की सफाई करता है। अधिकतर, वायरस मुख्य रूप से नाक और मुंह के माध्यम से हमारे सिस्टम में प्रवेश करते हैं। ऐसे में जब गर्म नमकीन पानी के साथ जलनेति क्रिया की जाती है तो इससे नथुने से वायरल और बैक्टीरिया के कीटाणुओं को हटाने में मदद मिलती है। इतना ही नहीं, जलनेति इम्युनिटी बढ़ाने के साथ−साथ हमारी श्वास नली को साफ करके श्वसन क्षमता को भी बढ़ाती है।

मिताली जैन





डिस्क्लेमर: इस लेख के सुझाव सामान्य जानकारी के लिए हैं। इन सुझावों और जानकारी को किसी डॉक्टर या मेडिकल प्रोफेशनल की सलाह के तौर पर न लें। किसी भी बीमारी के लक्षणों की स्थिति में डॉक्टर की सलाह जरूर लें।


क्रिया योग क्या है? जानिए इसके फायदे

  •  कंचन सिंह
  •  अगस्त 8, 2020   17:12
  • Like
क्रिया योग क्या है? जानिए इसके फायदे

क्रिया योग आध्यात्मिक विकास का अहम ज़रिया है, इसमें सांसों को नियंत्रित किया जाता है। इसकी खासियत यह है कि ध्यान के साथ ही इसमें जीवनशैली में सकारात्मक बदलाव भी लाया जाता है। योग के जानकारों के मुताबिक, क्रिया योग 5 तरीके के होते हैं।

क्रिया योग एक तरह का प्राचीन योग है। इसमें प्राणायाम की कई पद्धतियां शामिल है। एकाग्रता और आध्यात्मिक विकास के लिए क्रिया योग किया जा सकता है। यह साधारण प्राणायाम से उच्च स्तर का माना जाता है यानी इसे करने के लिए आपको बहुत अधिक ध्यान की ज़रूर है। सही तरीके से क्रिया योग करने पर न सिर्फ आपकी एकाग्रता बढ़ती है, बल्कि कई रोगों से भी मुक्ति मिलती है।

इसे भी पढ़ें: हाई बीपी को कंट्रोल करने के लिए करें यह एक्सरसाइज

विशेषज्ञों के मुताबिक, क्रिया योग आध्यात्मिक विकास का अहम ज़रिया है, इसमें सांसों को नियंत्रित किया जाता है। इसकी खासियत यह है कि ध्यान के साथ ही इसमें जीवनशैली में सकारात्मक बदलाव भी लाया जाता है। योग के जानकारों के मुताबिक, क्रिया योग 5 तरीके के होते हैं।

क्रिया हठ योग- यदि आप अपने शरीर को स्वस्थ रखना चाहते हैं तो क्रिया हठ योग करें।

क्रिया कुण्डलिनी प्राणायाम- जो व्यक्ति अपनी चेतना और आंतरिक शक्ति को बढ़ाना चाहते हैं, उन्हें कुण्डलिनी प्राणायाम करना चाहिए।

क्रिया ध्यान योग- यदि आपका ध्यान भटक जाता है किसी एक चीज़ पर ध्यान केंद्रित नहीं कर पा रहे हैं, तो अपनी एकाग्रता बढ़ाने के लिए क्रिया ध्यान योग करिए। 

क्रिया मंत्र योग- योग के जानकारों के अनुसा, यह योग आपकी बुद्धि, ज्ञान और शरीर के सात चक्रों को जागृत करने का काम करती है।

क्रिया भक्ति योग- इस योग को करने वालों को अपने सभी काम में सफलता मिलती है।

इसे भी पढ़ें: माइग्रेन के दर्द को दूर करने के लिए करें यह योगासन

कैसे करें क्रिया योग?

क्रिया योग गुरु-शिष्य परंपरा के जरिए ही सीखा जा सकता है, यानी इसे इंटरनेट पर देखकर अपने आप नहीं करना चाहिए जैसा आप बाकी योगासन करते हैं। इसे किसी गुरु के मार्गदर्शन में ही किया जाना चाहिए, क्योंकि यह सिर्फ प्राणायाम नहीं है, बल्कि एक तरह की साधना है और आपको अपनी जीवनशैली में भी सकारात्मक बदलाव करना होता है।

क्रिया योग के फायदे

विशेषज्ञों के मुताबिक, यदि योग क्रिया का नियमित अभ्यास किया जाए तो व्यक्ति को कई रोगों से मुक्ति मिल सकती है इसके साथ ही

- शरीर ऊर्जावान बनता है।

- भावनात्मक संतुलन और मानसिक शांति मिलती है।

- बुद्धि तेज होती है।

- एकाग्रता बढ़ती है।

- आपको खुद काम करने की प्रेरणा मिलती है।

- अंदर से शक्ति का संचार होता है।

- यह शरीर के साथ ही मन का भी कायाकल्प कर देती है।

- व्यक्ति का समग्र विकास होता है।

- जीवन का उद्देशय स्पष्ट हो जाता है।

- मानसिक रोग जैसे अवसाद, तनाव से छुटकारा मिलता है।

अगर आप भी मानसिक शांति और एकाग्रता बढ़ाना चाहते हैं तो किसी गुरु के सानिध्य में नियमित रूप से क्रिया योग का अभ्यास करिए।

- कंचन सिंह





डिस्क्लेमर: इस लेख के सुझाव सामान्य जानकारी के लिए हैं। इन सुझावों और जानकारी को किसी डॉक्टर या मेडिकल प्रोफेशनल की सलाह के तौर पर न लें। किसी भी बीमारी के लक्षणों की स्थिति में डॉक्टर की सलाह जरूर लें।


This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.Accept