गर्मी में शिशुओं को घमौरी होने के 7 कारण और उपचार

गर्मी में शिशुओं को घमौरी होने के 7 कारण और उपचार

घमौरी की वजह से बच्चे को त्वचा पर जलन महसूस होगा ऐसे में पूरे शरीर पर दही लगाकर 5 मिनट के लिए रखें, इससे शिशु को ठंडक का एहसास होगा और घमौरियों से भी राहत मिलेगी। ध्यान रहे दही ठंडा नहीं होना चाहिए।

गर्मी के मौसम में पसीने और उमस की वजह से न सिर्फ बड़ों को बल्कि नवजात शिशुओं को भी घमौरी की समस्या हो जाती है। इसकी वजह से बच्चों को इरिटेशन होने लगती है। घमौरी में खुजली व जलन भी हो सकती है। हेल्थ एक्सपर्ट्स के मुताबिक, शिशुओं को घमौरी होने के क्या कारण हैं और इसका उपचार कैसे किया जा सकता है? आइए, जानते हैं।

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घमौरी होने के कारण

- गर्मी व उमस की वजह से घमौरियां होती हैं। दरअसल, छोटे बच्चों की पसीने वाली ग्रंथिया पूरी तरह से विकसित नहीं होती है यानी उनके रोमछिद्र पूरी तरह से खुले नहीं होते हैं जिसकी वजह से पसीना बाहर नहीं निकल पाता और घमौरियां हो जाती हैं।

- शिशु की त्वचा पर ज्यादा पाउडर, क्रीम या तेल का मालिश करने से भी पसीने वाले रोमछिद्र बंद हो सकते हैं जिससे घमौरियां हो सकती हैं।

- बच्चों को ज़्यादा टाइट कपड़े पहनाने से पसीना बाहर नहीं निकल पाता है, यह भी घमौरी का कारण हो सकता है।

- कई बार बच्चों को कई लेयर में कपड़े पहनाएं जाते हैं। ऐसे में ज़्यादा कपड़े पहनाने से भी घमौरी हो सकती है।

- नवजात शिशुओं की त्वचा पर मोड़ यानी स्किन फोल्ड अधिक होते हैं जिसमें पसीना जम जाता है, यह भी घमौरियों के लिए ज़िम्मेदार हो सकता है।

- यदि बच्चे को मालिश वाले किसी तेल से एलर्जी है तो भी उसकी त्वचा/ पर घमौरियां उभर सकती हैं।

- कई बार शिशु को दी जाने वाली किसी दवा से प्रतिक्रिया स्वरूप भी घमौरियां निकल सकती हैं।

विशेषज्ञों के अनुसार, वैसे तो घमौरियां होना कोई चिंता की बात नहीं है, लेकिन यह बच्चे को परेशान कर सकती है, इसलिए जल्द से जल्द इसका उपचार करना ज़रूरी है।

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घमौरी से बचाव के उपाय

- गर्मी के मौसम में बच्चों को मुलायम, सूती व आरामदायक कपड़े ही पहनाएं। फैंसी पॉलिस्टर और नॉयलन के कपड़ों से परहेज़ करें।

- यदि बच्चे के शरीर पर पसीना आता है तो उसे जमा न होने दें, तुरंत किसी मुलायम कपड़े से पोंछे दें।

- 6 महीने से अधिक उम्र के बच्चे को समय-समय पर पानी पिलाना ज़रूरी है। पानी की कमी से यदि त्वचा रूखी हो जाती है तो घमौरी होने का खतरा बढ़ जाता है।

- बच्चों की साफ-सफाई का भी खास ध्यान रखें। गर्मियों में दो बार उनके कपड़े बदलें और नियमित रूप से स्नान कराएं।

घमौरी से राहत के घरेलू उपाय

दही का लेप- घमौरी की वजह से बच्चे को त्वचा पर जलन महसूस होगा ऐसे में पूरे शरीर पर दही लगाकर 5 मिनट के लिए रखें, इससे शिशु को ठंडक का एहसास होगा और घमौरियों से भी राहत मिलेगी। ध्यान रहे दही ठंडा नहीं होना चाहिए।

मुल्तानी मिट्टी और गुलाबजल- मुल्तानी मिट्टी में गुलाबजल मिलाकर लेप बनाएं और इसे बच्चे की त्वचा पर लगाएं। 5-6 मिनट बाद उसे नहला दें, इससे शरीर की गर्मी निकल जाएगी और जलन से भी राहत मिलेगी।

चंदन का पाउडर- चंदन का पाउड ठंडा होता है। इसमें गुलाबजल मिलाकर पूरे शरीर पर इस लेप को लगाएं और कुछ देर बाद शिशु को नहला दें। इससे घमौरी से आराम मिलेगा।

एलोवेरा- घमौरी से राहत और ठंडक के एहसास के लिए एलोवेरा भी अच्छा विकल्प है। ताजे एलोवेरा का जेल निकालकर इसे शिशु की त्वचा पर लगाएं, मगर ध्यान रहे कि यह बच्चे के मुंह में न जाए। फिर कुछ देर बाद नहला दें। इससे घमौरी से राहत मिलने के साथ ही त्वचा की नमी भी बनी रहती है।

- कंचन सिंह





डिस्क्लेमर: इस लेख के सुझाव सामान्य जानकारी के लिए हैं। इन सुझावों और जानकारी को किसी डॉक्टर या मेडिकल प्रोफेशनल की सलाह के तौर पर न लें। किसी भी बीमारी के लक्षणों की स्थिति में डॉक्टर की सलाह जरूर लें।


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