योगासन करते समय इन सावधानियों को जरूर बरतें वर्ना होगा नुकसान

By मिताली जैन | Publish Date: Nov 29 2018 5:20PM
योगासन करते समय इन सावधानियों को जरूर बरतें वर्ना होगा नुकसान

पिछले कुछ समय से पूरी दुनिया में योग का डंका बज रहा है। आज लोग गंभीर से गंभीर बीमारियों का इलाज योग के जरिए तलाश रहे हैं। योग न सिर्फ बीमारियों के इलाज में सार्थक भूमिका निभा रहा है, अपितु हेल्दी लाइफ जीने में भी मददगार साबित हो रहा है।

पिछले कुछ समय से पूरी दुनिया में योग का डंका बज रहा है। आज लोग गंभीर से गंभीर बीमारियों का इलाज योग के जरिए तलाश रहे हैं। योग न सिर्फ बीमारियों के इलाज में सार्थक भूमिका निभा रहा है, अपितु हेल्दी लाइफ जीने में भी मददगार साबित हो रहा है। लेकिन यह सब तभी संभव है, जब योगासनों का अभ्यास सही तरह से किया जाए। अक्सर लोग योगासन करते समय कुछ महत्वपूर्ण गलतियां कर बैठते हैं, जिसके कारण उन्हें फायदा कम और नुकसान ज्यादा भुगतना पड़ता है। तो चलिए जानते हैं ऐसी ही कुछ गलतियों के बारे में−

झटके से आसन का अभ्यास
अक्सर देखने में आता है कि जब भी व्यक्ति किसी योगासन का अभ्यास करता है तो उसे एकदम झटके से करता है। मसलन, अधिकतर आसनों में व्यक्ति झटके से उठता, बैठता व लेटता है। ऐसा करने से शरीर में झटका आने की संभावना अधिक रहती है। इसके अतिरिक्त कई बार चोट भी लग सकती है।


 
 
नजरअंदाज न करें होल्डिंग
किसी भी आसन की रिपीटेशन से ज्यादा जरूरी होता है, उस पॉश्चर को लंबे समय तक बरकरार रखना। जब किसी भी योगासन पॉश्चर में शरीर को होल्ड किया जाता है तो उससे संबंधित भाग मजबूत बनता है और बेहतर रिजल्ट देखने को मिलते हैं। जबकि बार−बार और जल्दी−जल्दी रिपीटेशन करने से लाभ के स्थान पर हानि होती है। 
 


 
कपड़ों पर ध्यान
योग के दौरान जितना महत्व पॉश्चर के सही होने का है, उतना ही जरूरी है कि आप योगाभ्यास के दौरान अपने कपड़ों पर भी ध्यान दें। अगर योगासन करते समय आपके कपड़े आरामदायक नहीं होंगे तो इससे आसनों के अभ्यास में तो परेशानी होगी ही, साथ ही शरीर के विभिन्न भागों में दर्द की शिकायत भी हो सकती है।
 


 
कठिन आसनों का अभ्यास
कुछ लोग बेहतर रिजल्ट पाने के चक्कर में शुरूआती दौर में कठिन आसनों का अभ्यास करना शुरू कर देते हैं। जबकि वास्तव में ऐसा नहीं करना चाहिए। अगर आपने अभी−अभी योगाभ्यास शुरू किया है, तो शुरूआत में आसान आसन ही करें। जब धीरे−धीरे बॉडी फ्लेक्सिबल हो जाए तो कठिन आसन करना शुरू करें। इसके अतिरिक्त प्रांरभ में किसी योग विशेषज्ञ की देख−रेख में ही अभ्यास करें। इससे लाभ भी अधिक होगा और चोटिल होने की संभावना भी न के बराबर होगी। एक बात का हमेशा ध्यान रखें कि किसी भी योगासन का अभ्यास करते समय ब्रीदिंग व पॉश्चर पर खासतौर पर ध्यान दें। अन्यथा आपकी सारी मेहनत यूं ही बेकार चली जाएगी।
 
-मिताली जैन

रहना है हर खबर से अपडेट तो तुरंत डाउनलोड करें प्रभासाक्षी एंड्रॉयड ऐप



Disclaimer: The views expressed here are solely those of the author in his/her private capacity and do not necessarily reflect the opinions, beliefs and viewpoints of Prabhasakshi and do not in any way represent the views of Prabhasakshi.

Related Story

Related Video