बच्चा हो गया है बड़ा, ऐसे छुड़वाएं स्तनपान की आदत

By मिताली जैन | Publish Date: Jul 1 2019 2:38PM
बच्चा हो गया है बड़ा, ऐसे छुड़वाएं स्तनपान की आदत
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जब बच्चा भूखा होता है तो वह मां के दूध की तरफ भागता है। इसलिए यह सुनिश्चित करें कि आपका बच्चा भूखा न हो। इसके लिए आप उसे कुछ ठोस आहार जैसे दाल का पानी, केेला, चावल, मौसमी फल व सब्जियां आदि खिलाना शुरू कर सकती हैं।

मां का दूध शिशु के लिए सर्वोत्तम व संपूर्ण आहार माना गया है। कहा जाता है कि शिशु के जन्म के बाद शुरूआती छह माह तक बच्चे को सिर्फ और सिर्फ मां का दूध ही दिया जाना चाहिए। लेकिन जैसे−जैसे बच्चा बड़ा होने लगता है, उसकी खानपान की जरूरतें भी बढ़ती हैं। ऐसे में शिशु सिर्फ मां के दूध पर ही निर्भर नहीं रह सकता। बच्चे के एक से डेढ़ साल का हो जाने के बाद उसे स्तनपान छुड़वा देना चाहिए। लेकिन अक्सर बच्चे इसके लिए तैयार नहीं होते। कुछ बच्चे तो इस स्टेज में आने के बाद मां के दूध के लिए रोते या चिल्लाते हैं। ऐसे में मां के लिए स्थिति और भी अधिक कठिन हो जाती है। अगर आप भी बच्चे की स्तनपान की आदत को छुड़वाना चाहती हैं तो इन उपायों को अपना सकती हैं−


रखें सब्र
बच्चों के साथ हमेशा धैर्य रखने की आवश्यकता होती है। अगर आप बच्चे को स्तनपान की आदत छुड़वाना चाहती हैं तो इसके लिए कभी भी जल्दबाजी न करें। हमेशा उसे धीरे−धीरे इसकी आदत डालें। अन्यथा आपको और शिशु दोनों को ही परेशानी होगी। मसलन, जब बच्चा छह माह का हो जाए तो उसका स्तनपान का समय बढ़ाएं। अगर आप हर दो घंटे में बच्चे को फीड करवाती थीं तो अब गैप कम से कम चार से छह घंटे का रखें। इसी तरह धीरे−धीरे उसे सिर्फ रात में ही फीड करवाएं। ऐसा करने से आपको बच्चे की स्तनपान की आदत छुड़वाना आसान हो जाएगा। 


न रहे भूखा
जब बच्चा भूखा होता है तो वह मां के दूध की तरफ भागता है। इसलिए यह सुनिश्चित करें कि आपका बच्चा भूखा न हो। इसके लिए आप उसे कुछ ठोस आहार जैसे दाल का पानी, केला, चावल, मौसमी फल व सब्जियां आदि खिलाना शुरू कर सकती हैं। हालांकि इस बात का ध्यान रखें कि आप एकदम से उसे नई−नई चीजें न खिलाएं और शुरूआत में आहार की मात्रा भी कम हो। जब बच्चे का पेट भरा होगा तो उसे नींद भी अच्छी आएगी और फिर वह स्तनपान के लिए भी नहीं रोएगा।
यह भी अपनाएं
अगर बच्चा पेट भरा होने के बाद भी स्तनपान की जिद करता है तो आप अपने स्तनों पर ऐसी कोई चीज लगा सकती हैं, जिसका स्वाद उसे पसंद न आए। हालांकि इस बात का ख्याल रखें कि उस चीज में कोई केमिकल न हो और वह बच्चे को किसी भी प्रकार से नुकसान न पहुंचाए।
 
मिताली जैन
 

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