योगाभ्यास से याद्दाश्त बेहतर होती है और सीखने की क्षमता भी बढ़ती है

By मिताली जैन | Publish Date: Oct 8 2018 4:29PM
योगाभ्यास से याद्दाश्त बेहतर होती है और सीखने की क्षमता भी बढ़ती है

योग के फायदे किसी से छिपे नहीं हैं। योग से होने वाले लाभों से लोगों को अवगत कराने के लिए जून के महीने में योगा दिवस भी मनाया जाता है। इतना ही नहीं, पिछले कुछ सालों में लोगों के बीच योग का क्रेज भी काफी बढ़ा है।



योग के फायदे किसी से छिपे नहीं हैं। योग से होने वाले लाभों से लोगों को अवगत कराने के लिए जून के महीने में योगा दिवस भी मनाया जाता है। इतना ही नहीं, पिछले कुछ सालों में लोगों के बीच योग का क्रेज भी काफी बढ़ा है। लेकिन अगर आप सोचते हैं कि इसके फायदे सिर्फ व्यस्क लोगों तक ही सीमित हैं तो आप गलत हैं। सात−आठ साल से अधिक उम्र के बच्चे बेझिझक कई प्रकार के योगासन कर सकते हैं और इसका लाभ उठा सकते हैं। तो चलिए जानते हैं बच्चों को योग से होने वाले फायदों के बारे में−
 
मिलते हैं गजब के फायदे
 
अपनी दिनचर्या में यदि बच्चे योग को शामिल कर लें तो इससे उन्हें कई तरह के लाभ होते हैं। सबसे पहले तो इससे उनके शरीर की कार्यप्रणाली बेहतर तरीके से काम करती है। साथ ही योग करने से एंडोक्राइनल नामक ग्रंथि को पोषण मिलता है। यह ग्रंथि बच्चों के विकास में अहम भूमिका निभाती है। योग जहां एक ओर शारीरिक विकास में सहायक होता है, वहीं दूसरी ओर यह बच्चों की मेंटल हेल्थ को भी बेहतर बनाता है। योग का नियमित अभ्यास करने से बच्चों में एकाग्रता, लर्निंग पावर व मेमोरी बेहतर होती है। इतना ही नहीं, यह उन्हें शांत भी बनाता है, इसलिए जो बच्चे एग्रेसिव स्वभाव के होते हैं, उन्हें नियमित रूप से योगाभ्यास करना चाहिए।


 
लड़कियों के लिए फायदेमंद
 


योगाभ्यास लड़कियों के लिए भी बेहद लाभकारी माना गया है। इसका अभ्यास करने से उन्हें आगे चलकर मासिक धर्म के दौरान दर्द का अनुभव कम होता है। साथ ही उन्हें मासिक धर्म में अनियमितता या हैवी ब्लीडिंग जैसी समस्याओं का सामना नहीं करना पड़ता। इसके अतिरिक्त योगाभ्यास लड़कियों के पिट्यूटरी व पाइनल फंक्शन को नियंत्रित करता है, जिसके कारण उनका व्यवहार भी बेहतर होता है।
 
करें यह योगाभ्यास 
 
भले ही योगाभ्यास बच्चों के लिए फायदेमंद हो लेकिन शुरूआती दौर में, बच्चों को कुछ ही योगासनों का अभ्यास करना चाहिए। जैसे ताड़ासन, वीरासन, पश्चिमोत्तानासन, त्रिकोणासन, वृक्षासन, पादहस्तासन, प्रणायाम, सूर्य नमस्कार आदि। यह सभी आसन बच्चों के समग्र विकास में सहायक होते हैं। वहीं जब आप योग करने के अभ्यस्त हो जाएं तो आप अन्य सभी योगासनों का भी अभ्यास कर सकते हैं। 


 
-मिताली जैन
 
योगा विशेषज्ञ जितेन्द्र कुमार कौशिक से बातचीत पर आधारित

रहना है हर खबर से अपडेट तो तुरंत डाउनलोड करें प्रभासाक्षी एंड्रॉयड ऐप



Disclaimer: The views expressed here are solely those of the author in his/her private capacity and do not necessarily reflect the opinions, beliefs and viewpoints of Prabhasakshi and do not in any way represent the views of Prabhasakshi.

Related Story

Related Video