• कान की उपलब्धि मेरे लिए और मेरे देश के लिए काफी मायने रखती है: अब्दुल्ला मोहम्मद साद

फ्रांस का प्रसिद्ध कान फिल्म महोत्सव अंतिम पड़ाव की तरफ आगे बढ़ रहा है और बहुप्रतिक्षित पुरस्कारों के लिए नामों की घोषणा होने में अब कुछ ही घंटे शेष बचे हैं। इन सबके बीच बांग्लादेश के एक फिल्म निर्माता को इस महोत्सव में विशेष उपलब्धि हासिल हुई है।

नयी दिल्ली। फ्रांस का प्रसिद्ध कान फिल्म महोत्सव अंतिम पड़ाव की तरफ आगे बढ़ रहा है और बहुप्रतिक्षित पुरस्कारों के लिए नामों की घोषणा होने में अब कुछ ही घंटे शेष बचे हैं। इन सबके बीच बांग्लादेश के एक फिल्म निर्माता को इस महोत्सव में विशेष उपलब्धि हासिल हुई है। बांग्लादेश के अब्दुल्ला मोहम्मद साद 74वें कान फिल्म महोत्सव के अन सर्टेन रिगार्ड वर्ग में शामिल होने वाले दक्षिण एशिया के एक मात्र फिल्म निर्माता है।

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साद की फिल्म ‘रेहाना मरियम नूर’ की स्क्रीनिंग इस फिल्म महोत्सव के शुरुआती चरण में हुई थी और इसने अपनी एक मजबूत मौजूदगी दर्ज कराई। इस वर्ग में कुल 20 फिल्में शामिल हैं और साद की फिल्म के भाग्य का फैसला ब्रितानी फिल्मनिर्माता एंड्रिया आर्नोल्ड की अध्यक्षता में पांच सदस्यों वाली जूरी द्वारा किया जाएगा। बांग्लादेश से पहली बार कान फिल्म महोत्सव के आधिकारिक चयन वर्ग में शामिल होने वाले फिल्म निर्माता ने पीटीआई-को बताया, ‘’ यह मेरे लिए बहुत बड़ा सम्मान और बड़ी प्रेरणा है।’’

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इससे पहले कान में स्क्रीनिंग तक जाने वाली बांग्लादेश की फिल्म ‘माटिर मैना’ थी लेकिन यह 2002 में डायरेक्टर फोर्टनाइट वर्ग में थी। उन्होंने बताया कि यह उपलब्धि जितनी उनके लिए बड़ी है उतनी ही बांग्लादेश के सिनेमा के लिए भी है। बहुचर्चित फिल्म ‘लाइव फ्रॉम ढाका’ से 2016 में करियर की शुरुआत करने वाले 36 वर्षीय निर्देशक ने कहा, ‘‘ एक फिल्म बनाने में काफी कुर्बानी देनी पड़ती है। इसलिए, जब ऐसा कुछ होता है तो आप और आगे बढ़ने के लिए प्रेरित होते हैं। मेरे देश के लिए यह बड़ी उपलब्धि है क्योंकि हमारी आजादी के 50 वर्ष भी हो रहे हैं।