इन बातों का रखेंगे ध्यान तो आग लगने पर नुकसान से बच पाएंगे

By अमृता गोस्वामी | Publish Date: Dec 20 2018 4:50PM
इन बातों का रखेंगे ध्यान तो आग लगने पर नुकसान से बच पाएंगे
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आग लगने पर जान और माल दोनों को खतरा रहता है। किसी भीड़ वाली जगहों मॉल, अपार्टमेंटस, हॉस्पिटल्स, कारखानों, ट्रेन और बस आदि में तो आग लगने से भारी तबाही की संभावना रहती है।

आग लगने की घटनाएं आए दिन हमें अखबारों में या टेलिविजन न्यूज़ चैनल्स पर देखने को मिलती रहती हैं। ऑफिस या घर पर भी हमें आग लगने के प्रति हमेशा सतर्क रहना पड़ता है। आग लगने की वजह कई हो सकती हैं कभी शॉर्ट सर्किट से, कभी पटाखों से, कभी बिजली संयंत्रों से, कभी गैस सिलेंडर फटने से और कभी जलती माचिस की तीली इधर−उधर फेंकी जाने पर या सुलगती बीड़ी/सिगरेट से भी आग लगने की घटनाएं घटित होती हैं। पेट्रोल डीजल के वाहनों कार, बस आदि में भी कई बार आग लगने की घटनाएं देखने में आती हैं।
 
आग लगने पर जान और माल दोनों को खतरा रहता है। किसी भीड़ वाली जगहों मॉल, अपार्टमेंटस, हॉस्पिटल्स, कारखानों, ट्रेन और बस आदि में तो आग लगने से भारी तबाही की संभावना रहती है। कुल मिलाकर कहा यही जा सकता है कि आग से होने वाली दुर्घटनाएं खतरनाक होती हैं। जानना जरूरी है कि आग लगने पर तुरंत क्या एहतियात बरती जाएं कि संभावित नुकसानों से बचा जा सके।
 


 
आमतौर पर देखा गया है कि आग लगने पर लोग उपाय करने से पहले अफरातफरी मचा देते है जिससे ज्यादा परेशानी होती है। आग लगने पर संयम से काम लें। यदि आपके पास अग्निशामक यंत्र है और आप उसे हैंडिल करना जानते हैं तो उसे सक्रिय करें। आग बढ़ने पर अग्निशामक दल को बुलाने के लिए 101 या 112 नंबर डायल करें। किसी बड़ी बिल्डिंग या ऑफिस में आग में फंसे हों तो तुरंत फायर अलार्म सक्रिय करें और बिल्डिंग से नीचे आने के लिए लिफ्ट की जगह सीढ़ियों का उपयोग करें। आग के धुएँ से बचने के लिए नाक और मुँह को गीले कपड़े से ढक लें। आग यदि कपड़ों में लगी हो तो भागने की जगह जमीन पर लेट जाएं और उलट पलट कर या कंबल लपेट कर आग बुझाएं।
 
ये कुछ आवश्यक उपाय हैं जिन्हें अमल में लाकर आग लगने पर बचाव किया जा सकता है। इसके अलावा अब जमाना जब तकनीकी का है तो उम्मीद की जा सकती है कि कोई ऐसा तकनीकी समृद्ध नया संसाधन भी मार्केट में उपलब्ध हो जिससे आग से बचाव में और भी आसानी हो जाए और दोस्तों, कहा जाता है जहां आवश्यकता है वहां आविष्कार भी है। हाल ही में वैज्ञानिकों ने आग लगने पर उसे बुझाने वाला तकनीकी समृद्ध एक ऐसा उपकरण तैयार किया है जिससे बहुत आसानी से और तुरंत प्रभावी रूप से आग पर काबू पाया जा सकेगा। तकनीकी समृद्ध इस उपकरण को एक प्राइवेट भारतीय कंपनी ब्रांडस्डैडी ने तैयार किया है। इस उपकरण का आकार गेंद के जैसा गोल है। कंपनी का कहना है कि अभी तक जो अग्निशामक यंत्र प्रयोग में लाए जाते रहे हैं उन्हें उपयोग करना आसान नहीं है, उनके उपयोग के लिए ट्रेनिंग की जरूरत होती है, इनके रखरखाव पर भी काफी ध्यान देना होता है और अधिक वजनी होने के कारण भी इन्हें उपयोग कर पाना हर किसी के लिए संभव नहीं इसके अलावा आग बुझाने के लिए इन्हें लेकर आग के पास तक जाना होता है जो जोखिम भरा होता है अलवा इसके फायर ब्रिगेड को भी ट्रैफिक या किसी अन्य वजह से निर्धारित स्थान तक पहुंचने में कई बार वक्त लग जाता है ऐसे समय में ब्रांडस्डैडी निर्मित नया अग्नि शामक उपकरण 'ऑटो फायर बॉल' आग से होने वाले काफी नुकसान को बचा सकता है। 


 
 
कंपनी के मुताबिक इस ऑटो फायर बॉल को उपयोग में लाना बहुत आसान है, इसे इस तरह बनाया गया है कि आग लगने पर आग बुझाने में तुरंत ही इसका उपयोग लिया जा सकेगा। इसके उपयोग के लिए किसी ट्रेनिंग की जरूरत नहीं होती और न ही इसकी रीफिलिंग या मेनटेनेंस की भी आवश्यकता है। यह बॉल मात्र 1 किलो 300 ग्राम वजन की है। इसे पांच साल के बच्चे से लेकर बुजुर्ग जन भी इस्तेमाल कर सकते हैं। आग लग जाने पर इस बॉल को दूर से ही आग में फेंकने भर से काम बन जाता है। आग में गिरकर यह फायर बॉल धमाके के साथ फटकर आग बुझा देती है। इस फायर बॉल की विशेषता है कि फटने के बावजूद इससे किसी तरह का नुकसान वातावरण या इंसानों को नहीं पहुंचता और आग पर काबू पा लिया जाता है। इस बॉल में कुछ ऐसी गैसें भरी हैं जो आग को ठंडा करने का काम करती हैं। आग में फेंके जाने पर 70 डिग्री तापमान पर यह बॉल स्वतः ही फट जाती है और कुछ ही सेकिंडों में आग पर काबू पा लेती है।


 
इस ऑटो फायर बॉल को हाल ही में जुहू के जे डब्लू मेरिएट में ब्रांडस्डैडी के फाउंडर रौशन मिश्रा और मशहूर कोरिओग्राफर रेमो डिसूजा ने साथ में मिलकर लॉन्च किया। लॉन्चिंग के समय कोरिओग्राफर रेमो डिसूजा ने बताया कि उनका उद्देश्य इंडिया को फायर प्रूफ बनाने का है। रेमो डिसूजा ने कहा कि उनकी फिल्म ए बी सी डी की शूटिंग के समय सेट पर आग लग जाने से पूरा सेट जल गया था, मुंबई के ट्रैफिक की वजह से फायर ब्रिगेड को यहां तक पहुंचने में जो समय लगा यदि उस समय ये ऑटो फायर बॉल उनके पास होता तो आग पर काफी काबू पाया जा सकता था। इस ऑटो फायर बॉल को रेमो डिसूजा ने ए बी सी डी एफ नाम दिया है जिसका मतलब है एनी बॉडी कैन डोज़ फायर।
 
आपको बता दें कि 'ब्रांडस्डैडी' एक प्राइवेट भारतीय कंपनी है जो अपने तकनीकी प्रोडक्ट्स बड़ी संख्या वाले ग्राहकों के लिए तैयार करती है। इस कंपनी ने पेरिस का वर्ल्ड क्वालिटी कमिटमेंट अवार्ड और यूरोपियन बिजनस असेंबली एमएसएमई अवार्ड जीतकर दुनिया में अपना नाम कमाया है। कंपनी का उद्देश्य पहली बार इस्तेमाल किए जाने वाले उपयोगी प्रोडक्टस बनाने का है जो उपभोक्ताओं की जेब पर भारी न हों और आम लोग भी इन्हें उपयोग कर पाएं।
 
-अमृता गोस्वामी

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