चीन की अर्थव्यवस्था पर छाए खतरों के बादल, कहीं कारण अमेरिका तो नहीं?

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Publish Date: Mar 9 2019 4:46PM
चीन की अर्थव्यवस्था पर छाए खतरों के बादल, कहीं कारण अमेरिका तो नहीं?
Image Source: Google

चीन इस समय वैश्विक मांग विशेषकर अमेरिकी मांग में गिरावट के संकट का सामना कर रहा है। चीन की आर्थिक वृद्धि दर पिछले साल 6.6 प्रतिशत पर आ गयी जो पिछले 28 साल का सबसे निचला स्तर है।

बीजिंग। चीन में उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) पिछले महीने एक साल के निचले स्तर पर आ गया। चीन के राष्ट्रीय सांख्यिकी ब्यूरो के शनिवार के आंकड़ों में इसकी जानकारी मिली। सीपीआई खुदरा मुद्रास्फीति का मुख्य संकेतक होता है। फरवरी महीने में चीन का सीपीआई महज 1.5 प्रतिशत की दर से बढ़ा जो कि जनवरी में 1.7 प्रतिशत था। यह लगातार चौथा महीना है जब सीपीआई की वृद्धि दर में गिरावट आयी है। यह जनवरी 2018 के बाद का निचला स्तर भी है।

भाजपा को जिताए

इसे भी पढ़ें: चीन के साथ व्यापार सौदा तभी जब वह अमेरिका के हित में होगा: ट्रम्प

चीन इस समय वैश्विक मांग विशेषकर अमेरिकी मांग में गिरावट के संकट का सामना कर रहा है। चीन की आर्थिक वृद्धि दर पिछले साल 6.6 प्रतिशत पर आ गयी जो पिछले 28 साल का सबसे निचला स्तर है। सरकार ने इस साल के लिये वृद्धि दर छह से 6.50 प्रतिशत रहने का अनुमान व्यक्त किया है।

इसे भी पढ़ें: चीन ने अमेरिका-उत्तर कोरिया शिखर वार्ता को ‘महत्वपूर्ण कदम’ बताया



घरेलू मांग का मुख्य संकेतक उत्पादक मूल्य सूचकांक (पीपीआई) भी फरवरी में महज 0.10 प्रतिशत बढ़ सका। यह चीन की अर्थव्यवस्था के सुस्त पड़ने का स्पष्ट संकेत है। चीन का पीपीआई लगातार सातवें महीने सुस्त हुआ है और फरवरी में दो साल से अधिक के निचले स्तर पर आ गया। हालांकि सीपीआई वृद्धि विश्लेषकों के अनुमान के अनुकूल ही रही पर पीपीआई वृद्धि अनुमान से भी अधिक सुस्त हुई। नोमुरा के अर्थशास्त्री तिंग लु के अनुसार 2019 में सीपीआई मुद्रास्फीति सरकार के तीन प्रतिशत के लक्ष्य से काफी नीचे रहने वाली है। उन्होंने पीपीआई वृद्धि के इस साल नकारात्मक हो जाने की भी आशंका व्यक्त की है।

रहना है हर खबर से अपडेट तो तुरंत डाउनलोड करें प्रभासाक्षी एंड्रॉयड ऐप   


Related Story

Related Video