पाकिस्तान में एक तिहाई आबादी गरीबी रेखा से नीचेः रिपोर्ट

पाकिस्तान में छह करोड़ लोग गरीबी की गर्त में जी रहे हैं। नवाज शरीफ सरकार द्वारा अपनाए गए गरीबी आंकने के नए फार्मूले के तहत देश की एक तिहाई आबादी गरीब है।

इस्लामाबाद। पाकिस्तान में गरीबी के नये मानकों के आधार पर तैयार रपट के अनुसार देश में छह करोड़ लोग गरीबी की गर्त में जी रहे हैं। नवाज शरीफ सरकार द्वारा अपनाए गए गरीबी आंकने के नए फार्मूले के तहत देश की एक तिहाई आबादी गरीब है। गरीबी के नए पैमाने में केवल भोजन की न्यूनतम कैलोरी (ऊर्जा) पर आधारित पिछले पैमाने में अन्य जरूरतों को भी शामिल किया गया है।

देश के योजना, विकास और सुधार मंत्री अहसान इकबाल ने कहा कि एन पैमाने के अनुसार गरीबों का अनुपात बढ़कर करीब 30 प्रतिशत हो गया है। नयी रपट में 2013-14 के सर्वेक्षण के आंकड़े को आधार बनाया गया है। दैनिक अखबार, डॉन के मुताबिक मंत्री ने कहा कि 2001 का गरीबी का मापने का फार्मूला आहार की ताकत (कैलोरी) पर आधारित था जो गरीबी की सही पहचान नहीं कराता। नए फार्मूले में गैर-खाद्य उत्पादों में शिक्षा, स्वास्थ्य और मोबाइल फोन पर होने वाला खर्च को भी आधार बनाया गया है।

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