• 9/11 हमले के बारे में यह रही A to Z जानकारी, जानें कैसे आतंक से दहल उठा था अमेरिका

अमेरिकी हमले में करीब 3,000 लोगों की मौत हो गई थी। जबकि 6,000 से अधिक लोग जख्मी हुए थे। इस दौरान आतंकवादियों ने पेंटागन और पेन्सिलवेनिया को भी निशाना बनाया था।

वॉशिंगटन। अमेरिका में 11 सितंबर, 2001 को हुए आतंकवादी हमले ने पूरी दुनिया को हिलाकर रख दिया था। इस दिन आतंकवादियों ने अगवा किए गए विमानों की मदद से वर्ल्ड ट्रेड सेंटर पर हमला किया था। जिसमें करीब 3,000 लोगों की मौत हो गई थी। जबकि 6,000 से अधिक लोग जख्मी हुए थे। इस दौरान आतंकवादियों ने पेंटागन और पेन्सिलवेनिया को भी निशाना बनाया था। आज हम आपको 9/11 अमेरिकी हमले का ए टू जेड बताने जा रहे हैं। अंग्रेजी समाचार पत्र 'टाइम्स ऑफ इंडिया' की रिपोर्ट के मुताबिक ए टू जेड का तात्पर्य कुछ इस प्रकार है। 

इसे भी पढ़ें: 9/11 हमले पर आई रिपोर्ट में बड़ा खुलासा, अटैक से ज्यादा लोग उससे जुड़ी बीमारी से मारे गए 

एबटाबाद (A for Abbottabad)

पाकिस्तान के खैबर-पख़्तूनख़्वा राज्य के हज़ारा क्षेत्र में स्थित एबटाबाद फौजी संस्थानों के लिए मशहूर है। जहां पर ओसामा बिन लादेन छिपा हुआ था। जिसे अमेरिकी सेना ने 2 मई, 2011 की आधीरात को मार गिराया था।

बुश और बाइडेन (B for Bush and Biden)

अमेरिका में हुए आतंकवादी हमले के बाद तत्कालीन राष्ट्रपति जॉर्ज वॉकर बुश ने देशवासियों की सुरक्षा के मद्देनजर अफगानिस्तान में अपने सैनिकों को तैनात किया था लेकिन मौजूदा राष्ट्रपति जो बाइडेन ने वहां से अपने सैनिकों को वापस बुला लिया। जिसके बाद वहां पर तालिबानी सरकार का गठन हो गया।

कॉन्ट्रेक्टर (C for Contractors)

दो दशकों में अमेरिकी सैन्य मशीन में कॉन्ट्रेक्टर्स की भूमिका तेजी से बढ़ी है।

डेज़ी कटर (D for Daisy Cutters)

डेज़ी कटर कोई बागवानी का उपकरण नहीं है बल्कि ऐसा बम है, जिसके माध्यम से जंगलों को समतल किया जा सकता है, जहां पर हेलीकॉप्टर आसानी से उतर सकते हैं। इसका पहली बार वियतनाम में इस्तेमाल हुआ था। लेकिन अफगानिस्तान का धन्यवाद क्योंकि नई पीढ़ी के लिए वह प्रसिद्ध हो गया। 

इसे भी पढ़ें: 9/11 की 20वीं बरसी से पहले बाइडन ने बुश, ओबामा और ट्रंप की सारी मेहनत पर फेर दिया पानी 

उन्नत पूछताछ तकनीक (E for Enhanced Interrogation Techniques)

अमेरिकी हमले के बाद पूछताछ का तरीका बदल गया। उन्नत पूछताछ तकनीक के माध्यम से बिना किसी टॉर्चर के ही पूछताछ संपन्न हो जाती है लेकिन पहले के समय में टॉर्चर करना पड़ता था और जानकारी प्राप्त हो यह भी जरूरी नहीं था।

फुल बॉडी स्कैनर्स (F for Full Body Scanners)

पहले फुल बॉडी स्कैनर्स के माध्यम से घुसपैठियों को रोकने में मदद मिलती थी। लेकिन बढ़ती हुई तकनीक के चलते इस तरह की व्यवस्था को सही नहीं माना जा रहा है। ऐसे में उन्नत व्यवस्था का इस्तेमाल किया जा सकता है।

गिटमो (G for Gitmo)

क्यूबा के ग्वांतानामो बे में अमेरिका का सैन्य बंदीघर है, जो विदेशी स्थान को देखते हुए पूछताछ के लिए पसंदीदा स्थान बन गया है।

हमवी (H for Humvee )

हमवी (हाई मोबिलिटी मल्टीपर्पज व्हील्ड व्हीकल) एक उच्च तकनीक वाला वाहन है। मुख्य रूप से अमेरिका की सेना इसका इस्तेमाल करती है। अफगानिस्तान में आतंकवाद के खिलाफ छेड़े गए अभियान में हमवी अमेरिका का मुख्य वाहन है। 

इसे भी पढ़ें: 9/11 हमले के बाद अमेरिका समेत तमाम देशों ने सुरक्षा व्यवस्था पर दिया था ध्यान, आतंक के खिलाफ पहली बार दुनिया हुई थी एकजुट 

इस्लामोफोबिया (I for Islamophobia)

इस्लाम या फिर इस्लाम को मानने वाले मुसलमान के बारे में दिलों में हिंसा, भय, घृणा और भेदभाव को रखना ही इस्लामोफोबिया है। इसमें ऐसा प्रतीत होता है कि एक समूह के रूप में मुसलमान दुनिया और आधुनिकता के लिए खतरे का प्रतिनिधित्व करता है। जिसकी वजह से घृणित अपराध बढ़ रहे हैं।

जिहाद (J for Jihad)

जिहाद अरबी भाषा का शब्द है। इस्लामी विद्वानों के मुताबिक जिहाद का मतलब पवित्र युद्ध होता है लेकिन सैन्यवादी भावना के मुताबिक यह पैसा कमाने का एक जरिया है।

खालिद शेख मोहम्मद (K for Khalid Sheikh Mohammed)

अमेरिकी हमले का मास्टरमाइंड खालिद शेख मोहम्मद को पाकिस्तान के गिटमो से गिरफ्तार किया गया था। अलकायदा ने 9/11 हमले की बाद में जिम्मेदारी ले ली थी और इसका मुख्य साजिशकर्ता खालिद शेख मोहम्मद ही था। 

इसे भी पढ़ें: अमेरिका ने की पंजशीर में तालिबान के हमले में मदद करने के लिए पाकिस्तान पर प्रतिबंध लगाने की मांग 

लश्कर-ए-तैयबा (L for Lashkar-e-Taiba)

लश्कर-ए-तैयबा एक आतंकवादी संगठन है। जिसको हाफिज सईद द्वारा बनाया गया है। जिसको अफगानिस्तान के कुनार में 1987 में ओसामा ने फंड कर तैयार किया था। इस समूह ने ही 9/11 हमले के कुछ समय बाद भारतीय लोकतंत्र के सबसे पवित्र स्थान 'संसद' पर हमला किया था। इस समूह ने 26/11 मुंबई हमले और साल 2019 में हुए पुलावामा आतंकवादी हमले को भी अंजाम दिया था।

मुल्ला उमर (M for Mullah Omar)

अफगानिस्तान में रूस को हटाकर तालिबान ने सत्ता में अपना कब्जा किया था। उस वक्त मुल्ला उमर तालिबान का सर्वोच्च नेता था। जिसने अमेरिका के दखल के पहले तक अफगानिस्तान में शासन किया था। लेकिन अमेरिका की एंट्री के साथ ही वह वहां से भाग गया और साल 2013 में टीबी के चलते उसकी मौत हो गई।

नॉर्दर्न एलायंस (N for Northern Alliance)

नॉर्दन एलायंस जो कि आधिकारिक तौर पर यूनाइटेड इस्लामिक नेशनल फ्रंट का कहा जाता है। जिसने अफगानिस्तान से तालिबानियों को उखाड़ फेंकने की लड़ाई में अहम भूमिका निभाई थी। इस समूह में मुख्य रूप से उज्बेक और ताजिक नेता है।

ओसामा बिन लादेन (O for Osama)

ओसामा बिन लादेन को अमेरिकी हमले का जिम्मेदार माना जाता है। जो एक सऊदी अरबपति का बेटा है, जिसने सोवियत का विरोध करते हुए धन और हथियारों का जखीरा तैयार किया। लेकिन अमेरिका में हमला कर उसने अपनी मौत को दावत दे दी। साल 2011 में ओबामा प्रशासन ने एबटाबाद में घुसकर ओसामा को ढेर किया था। 

इसे भी पढ़ें: चीन को तालिबान से काफी दिक्कत, इसलिए समझौता करने कोशिश में लगा, बाइडेन ने कहा- इंतज़ार कीजिए और देखिए, ये दिलचस्प होगा 

पैट्रियट एक्ट (P for Patriot Act)

साल 2001 में अमेरिका का एक अहम कानून पैट्रियट एक्ट है, जिसे दुनिया के बहुत से मुल्कों ने अपने यहां पर लागू किया है। इस कानून के माध्यम से व्यक्तिगत अधिकारों और देश की सुरक्षा के बीच में संतुलन को सुनिश्चित किया जाता है।

कायदा (Q for Qaida)

साल 1988 में सोवियत के विरोध में खड़े हुए समूह का नाम कायदा है। जिसने बाद में दुनियाभर में आतंकवाद को बढ़ावा देने का काम किया। कायदा का मतलब आधार या नींव होता है।

रेंडिशन (R for Rendition)

साल 2001 से पहले रेंडिशन का मतलब एक संगीतमय कृति होता था लेकिन अब इसके मायने बदल गए। जिसके आधार पर इसे देश-विदेश के उन स्थानों पर ले जाना है, जहां पर सनकी या फिर टॉर्चर करने वाले लोग कम हो। 

इसे भी पढ़ें: अमेरिका, रूस, चीन और फ्रांस जैसे देशों के चुनिंदा समूह शामिल हो जाएगा भारत, न्यूक्लियर मिसाइल ट्रैकिंग जहाज की करने जा रहा है तैनाती 

सऊदी अरब (S for Saudi Arabia)

अमेरिका का एक सहयोगी मित्र देश, जहां की धरती का इस्तेमाल कर 9/11 के हमलावरों ने अपने कृत्य को अंजाम दिया था। यह उनकी विचारधारा का भी घर था। इस दौरान यह भी पता चला कि सऊदी अरब सिर्फ तेल का निर्यात नहीं करता है बल्कि आतंकवादियों को भी दूसरे मुल्कों में भेजता है।

तोरा बोरा (T for Tora Bora)

अफगानिस्तान के पूर्वी पहाड़ों में स्थित गुफाओं के पास तोरा बोरा नामक एक स्थान है। ऐसे में जब तालिबान समाप्त हो गया तो लादेन इन्हीं गुफाओं में छिपा हुआ था।

यूएवी (U for Unmanned Aerial Vehicles)

ड्रोन के तौर पर जाने जाने वाला यूएवी का इस्तेमाल आतंकवाद के खिलाफ अमेरिकियों के मुख्य हथियार के तौर पर उभरा। आज के समय में दुनिया के तमाम मुल्क खुफिया जानकारी एकत्रित करने, अपनी सुरक्षा को बढ़ाने और हमला करने के लिए इसका इस्तेमाल कर रहे हैं।

वेटिंग (V for Vetting)

पिछली पृष्ठिभूमि की जांच करने को वेटिंग कहा जाता है। 9/11 हमले के बाद सभी ने अपनी-अपनी सुरक्षा पर ध्यान दिया और आतंक की पुरानी पृष्ठिभूमि को तलाशना शुरू कर दिया।

वाटरबोर्डिंग (W for Waterboarding)

वाटरबोर्डिंग टॉर्चर करने का सबसे कारगर तरीका है। इसका इस्तेमाल कर किसी से भी सच्चाई को उगलवाया जा सकता है। फिल्मों में इस दृश्य को आप लोगों ने कई बार देखा होगा। 

इसे भी पढ़ें: अमेरिका में कोरोना ने बरपाया कहर, एक दिन में 1500 से अधिक की मौत, कैलिफोर्निया के अस्पतालों में जगह नहीं 

ज़ेनोफ़ोबिया (X for Xenophobia)

ज़ेनोफ़ोबिया एक ऐसा शब्द है जिसे समझना थोड़ा सा मुश्किल है लेकिन नामुमकिन नहीं। इसे आप इस तरह से समझ सकते हैं कि किसी अपरिचित स्थिति का सामना करने पर आप परेशान हो गए हो। जिसमें अनिश्चित परिस्थितियों का सामना करना पड़ सकता है। इसे अपने ही मुल्क में घबराकर रहने की एक दशा के तौर पर भी समझा जा सकता है।

यमन (Y for Yemen)

यमन अलकायदा का मुख्य गढ़ रहा है, जिसने 9/11 हमलों को अंजाम दिया था। यहां से अमेरिका के खिलाफ आतंकवाद को लगातार बढ़ावा मिलता रहा है। जिसे साल 2011 में एक इस्लामी अमीरात घोषित कर दिया गया था।

जवाहिरी (Z for Zawahiri)

मिस्त्र में पैदा हुआ अयमान अल-जवाहिरी, ओसामा का सलाहकार है। इसके अलावा वह एक ट्रेंड सर्जन है। कई रिपोर्ट्स में तो उसके पाकिस्तान के छिपे होने की आशंका जताई गई थी। अयमान अल-जवाहिरी को ओसामा के बाद अलकायदा का उत्तराधिकारी बताया गया था और आतंकवादी हमलों के पीछे इसी का दिमाग होता है।