• तालिबान से चल रही जंग के बीच अफगानिस्तान के सेना प्रमुख का भारत दौरा, क्या हैं इसके मायने?

जनरल अहमदजई अपने समकक्ष जनरल एमएम नरवणे और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजीत डोभाल समेत शीर्ष भारतीय सैन्य अधिकारियों के साथ व्यापक बातचीत करेंगे। एक सूत्र ने बताया, ‘‘अफगानिस्तान के सेना प्रमुख 27 जुलाई को तीन दिवसीय यात्रा पर भारत आने वाले हैं। उनका 30 जुलाई को लौटने का कार्यक्रम है।

नयी दिल्ली। अफगानिस्तान के सेना प्रमुख जनरल वली मोहम्मद अहमदजई के 27 जुलाई से तीन दिवसीय दौरे पर भारत आने की संभावना है। विदेशी सैनिकों की वापसी के बाद अफगानिस्तान में तालिबान की बढ़ रही आक्रामकता के बीच दोनों देशों के द्विपक्षीय सैन्य संबंधों को मजबूत करने के लिए उनकी यात्रा महत्वपूर्ण है। सूत्रों ने मंगलवार को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जनरल अहमदजई अपने समकक्ष जनरल एमएम नरवणे और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजीत डोभाल समेत शीर्ष भारतीय सैन्य अधिकारियों के साथ व्यापक बातचीत करेंगे। एक सूत्र ने बताया, ‘‘अफगानिस्तान के सेना प्रमुख 27 जुलाई को तीन दिवसीय यात्रा पर भारत आने वाले हैं। उनका 30 जुलाई को लौटने का कार्यक्रम है। इस दौरे के दौरान रक्षा सहयोग को मजबूत करने पर ध्यान होगा।’’

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अमेरिका द्वारा एक मई से सैनिकों की वापसी शुरू करने के बाद देश भर में अपने प्रभाव का विस्तार करने के लिए तालिबान द्वारा व्यापक हिंसा का सहारा लेने की पृष्ठभूमि में अफगानिस्तान अपने सुरक्षा बलों को मजबूत करने के लिए प्रमुख सहयोगियों से संपर्क साध रहा है। पिछले कुछ वर्षों में भारत ने अपनी वायु शक्ति को मजबूत करने की कोशिश कर रहे अफगानिस्तान को कम से कम पांच सैन्य हेलीकॉप्टर प्रदान किए हैं। पिछले महीने राष्ट्रपति अशरफ गनी ने जनरल यासीन जिया की जगह जनरल वली मोहम्मद अहमदजई को नया सेनाध्यक्ष नियुक्त किया था। यह पता चला है कि जनरल अहमदजई अपने सुरक्षा बलों की युद्धक क्षमता बढ़ाने के लिए भारत से सैन्य साजो-सामान की आपूर्ति की मांग कर सकते हैं।