PTI के सभी सदस्य असेंबली से देंगे इस्तीफा, समर्थकों से बोले इमरान- जीना चाहते हैं, तो मौत का खौफ छोड़ दें

Imran khan
ANI
अंकित सिंह । Nov 26, 2022 9:59PM
इमरान खान ने कहा कि अब मैं मौत से नहीं डरता हूं। मौत तभी आएगी जब अल्लाह चाहता है। उन्होंने अपने समर्थकों से साफ तौर पर कहा कि डर पूरे देश को गुलाम बना देता है। इसलिए हमें आगे बढ़ना है क्योंकि मैंने मौत को करीब से देखा है।

पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान ने एक बार फिर से गोली कांड के बाद विशाल जनसभा को संबोधित किया। इसके लिए वह हेलीकॉप्टर से रावलपिंडी पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने जबरदस्त तरीके से पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और उनकी सरकार पर निशाना साधा। साथ ही साथ इमरान खान ने इस बात का भी ऐलान कर दिया कि उनकी पार्टी ने सभी विधानसभाओं से इस्तीफा देने का फैसला लिया है। इमरान खान का यह कदम पाकिस्तान की राजनीति में बड़ा कदम साबित हो सकता है। इसके साथ ही पूर्व प्रधानमंत्री ने खुद पर हुए हमलों को लेकर फिर से 3 लोगों को जिम्मेदार बताया और यह भी कहा कि मेरे ऊपर एक बार फिर से हमला कराया जा सकता है। 

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इमरान खान ने कहा कि अब मैं मौत से नहीं डरता हूं। मौत तभी आएगी जब अल्लाह चाहता है। उन्होंने अपने समर्थकों से साफ तौर पर कहा कि डर पूरे देश को गुलाम बना देता है। इसलिए हमें आगे बढ़ना है क्योंकि मैंने मौत को करीब से देखा है। खान ने बार-बार आरोप लगाया है कि उन पर हमले के पीछे प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ, गृह मंत्री राणा सनाउल्लाह और खुफिया एजेंसी आईएसआई के ‘काउंटर इंटेलिजेंस विंग’ के प्रमुख मेजर-जनरल फैसल नसीर थे। अपने समर्थकों से आह्वान किया कि अगर वे आजादी से जीना चाहते हैं तो मौत के डर से बेखौफ हो जाएं। उन्होंने कर्बला की लड़ाई का जिक्र करते हुए कहा ‘‘डर पूरे देश को गुलाम बना देता है।

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पूर्व प्रधानमंत्री खान ने कहा कि जब वह लाहौर से निकल रहे थे तो सभी ने उन्हें सलाह दी कि वह अभी घायल हैं इसलिए ना जाएं क्योंकि इससे खतरा हो सकता है। खान ने कहा कि वह इसलिए आगे बढ़े क्योंकि उन्होंने मौत को करीब से देखा था। उन्होंने कहा, ‘‘यदि आप जीना चाहते हैं, तो मौत का खौफ छोड़ दें।’’ खान ने कहा कि राष्ट्र एक ‘‘निर्णायक बिंदु’’ और ‘‘चौराहे’’ पर खड़ा है, जिसके सामने दो रास्ते हैं- एक रास्ता दुआओं और महानता का है जबकि दूसरा रास्ता अपमान और विनाश का है। वह देश में जल्द आम चुनाव की मांग करते हुए ‘लॉन्ग मार्च’ का नेतृत्व कर रहे हैं। 

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