सत्ता पर कब्जे की पुनरावृत्ति को रोकने के लिए ऑस्ट्रेलिया पदों पर नियुक्तियों को सार्वजनिक करेगा

Australia News
प्रतिरूप फोटो
Google Creative Commons
प्रधानमंत्रीएंथनी अल्बनीस ने कहा कि वह अपनी कैबिनेट से सिफारिश करेंगे कि अगले हफ्ते बैठक के दौरान सेवानिवृत्त न्यायाधीश की सभी सिफारिशों को स्वीकार करे। अल्बनीस ने गत अगस्त में जांच का आदेश दिया था।

ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री द्वारा गोपनीय तरीके से खुद को कई मंत्रालयों में नियुक्त करने के खिलाफ जारी जांच के तहत शुक्रवार को सिफारिश की गई कि सरकार में भरोसे को संरक्षित रखने के लिहाज से इस तरह की सभी नियुक्तियों को भविष्य में सार्वजनिक किया जाए। प्रधानमंत्रीएंथनी अल्बनीस ने कहा कि वह अपनी कैबिनेट से सिफारिश करेंगे कि अगले हफ्ते बैठक के दौरान सेवानिवृत्त न्यायाधीश की सभी सिफारिशों को स्वीकार करे। अल्बनीस ने गत अगस्त में जांच का आदेश दिया था।

अल्बनीस ने यह कदम उस खुलासे के बाद उठाया जिसमें कहा गया है कि मार्च 2000 और मई 2001 के बीच पूर्ववर्ती प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरिसन ने अभूतपूर्व कदम उठाते हुए खुद को पांच मंत्रियों की भूमिका के लिए नियुक्त किया था और इसकी जानकारी मौजूदा मंत्रियों को आमतौर पर नहीं थी। सत्ता पर कब्जे की यह असाधारण घटना मॉरिसन के नेतृत्व वाली कंजर्वेटिव गठबंधन की गत मई मेंचुनाव में हार के बाद सामने आई। इसके पहले कंजर्वेटिव गठबंधन सरकार नौ साल तक सत्ता में रही।

उनके इस अभूतपूर्व कदम को ऑस्ट्रेलिया की राजनीति की उस व्यापक परिपाटी के हिस्से के रूप में देखा गया जिसके तहत सत्ता को नेता के कार्यालय में केंद्रित किया जाता है। अल्बनीस ने पूर्व सरकार की गोपनीयता की संस्कृति पर दोषारोपण करते हुए कहा कि इसके कारण इसके नेताओं के पास व्यक्तिगत रूप से सत्ता का असाधारण संकेंद्रण हो गया। उच्च न्यायालय की सेवानिवृत्त न्यायाधीश वर्जिनिया बेल ने अपनी जांच में सफारिश की है कि मंत्रियों की नियुक्ति से संबंधित सार्वजनिक नोटिस को सार्वजनिक करने के लिए कानून बनाने की जरूरत है।

मॉरिसन अपने वकीलों के माध्यम से जांच में सहयोग कर रहे हैं, लेकिन उन्होंने निजी तौर पर कोई साक्ष्य नहीं दिया है। फिलहाल प्रतिपक्ष के सांसद के रूप में कार्यरत मॉरिसन ने कहा है कि उन्होंने कोरोना वायरस महामारी के कारण आपात कदम के तहत स्वास्थ्य, वित्त, राजकोष, संसाधान एवं आवास मामलों के मंत्रालय खुद को आवंटित किये।

अल्बनीस ने कहा, ‘‘हम उस छद्म सरकार पर चमकदार प्रकाश डाल रहे हैं जो अंधेरे में कार्य करने को प्राथमिकता देती है, एक सरकार जो गोपनीयता और छिपाने-ढंकने की संस्कृतिक के तहत काम करती है और जिसने केवल असुविधा के आधार पर संसद की ओर से छानबीन को अहंकारपूर्वक खारिज कर दिया।’’ मॉरिसन ने शुक्रवार को एक बयान जारी कर कहा, ‘‘एक प्रधानमंत्री के रूप में मैं अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन इस प्रकारन करना चाहता था कि ऑस्ट्रेलिया के राष्ट्रीय हितों और देश की जनता के कल्यण की भलीभांति रक्षा करने समेत इसे आगे बढ़ाया जा सके।’’

मॉरिसन ने कहा कि यह सब ऐसी अहम चुनौती के समय समय किया गया जिसे द्वितीय विश्वयुद्ध और महान मंदी के बाद से अब तक नहीं देखा गया था। न्यायाधीश बेल ने पाया कि मॉरिसन को ‘डुप्लीकेट’ मंत्री बनाना गैर जरूरी था, क्योंकि मूल मंत्री के कोविड-19 के कारण अक्षम होने होने पर एक सक्रिय मंत्री को मिनटों में नियुक्त किया जा सकता था। अल्बनीस ने मॉरिसन के बयान पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया क्योंकि मामला अभी अदालत में है।

Disclaimer:प्रभासाक्षी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।


अन्य न्यूज़