ईरान द्वारा जब्त ब्रिटिश तेल टैंकर मुक्त होने के बाद पहुंचा दुबई

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  सितंबर 29, 2019   14:25
ईरान द्वारा जब्त ब्रिटिश तेल टैंकर मुक्त होने के बाद पहुंचा दुबई

लेकिन इस जब्ती को जैसे को तैसे की कार्रवाई के तौर पर देखा गया था क्योंकि इससे पहले जिब्राल्टर में ईरान के एक टैंकर को इस संदेह पर जब्त कर लिया गया था कि वह यूरोपीय संघ (ईयू) के प्रतिबंधों का उल्लंघन कर सीरिया को तेल भेज रहा था। ईरान ने इन दोनों मामलों को जोड़ कर देखे जाने का लगातार विरोध किया।

दुबई। दो महीने से ईरान द्वारा जब्त ब्रिटिश ध्वजवाहक तेल टैंकर स्टेना इंपेरो शनिवार को दुबई पहुंच गया। टैंकर जब्ती और उसके चालक दल के सदस्यों को हिरासत में लिए जाने की इस घटना के बाद क्षेत्र में तनाव बढ़ गया था। ईरान के रेवोल्युशनरी गार्ड्स ने हरमुज जलडमरूमध्य में 19 जुलाई को इस पोत को जब्त कर लिया था। उसके बाद इसे ईरान के बंदरगाह बंदर अब्बास पर रोक कर रख लिया गया था। मछली पकड़ने वाली एक नौका को टक्कर मारने के बाद मदद की गुहार पर कथित तौर पर प्रतिक्रिया नहीं देने और अपना ट्रांसपोंडर बंद कर लेने के कारण उसे जब्त किया गया था।

इसे भी पढ़ें: ईरान किसी देश के आंतरिक मामले में दखल नहीं देता: जरीफ

लेकिन इस जब्ती को जैसे को तैसे की कार्रवाई के तौर पर देखा गया था क्योंकि इससे पहले जिब्राल्टर में ईरान के एक टैंकर को इस संदेह पर जब्त कर लिया गया था कि वह यूरोपीय संघ (ईयू) के प्रतिबंधों का उल्लंघन कर सीरिया को तेल भेज रहा था। ईरान ने इन दोनों मामलों को जोड़ कर देखे जाने का लगातार विरोध किया। शुक्रवार को स्टेना इंपेरो को अंतत: ईरान से खाड़ी के अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में जाने की मंजूरी मिल गई। 

इसे भी पढ़ें: सऊदी अरब के तेल संयंत्र हमलों पर ईरानी राष्ट्रपति रूहानी ने इन देशों से मांगे सबूत

दक्षिणी ईरान में हरमुज प्रांत के समुद्री संगठन ने अपनी वेबसाइट पर कहा कि पोत को जाने की मंजूरी देने के बावजूद इसका कानूनी मामला ईरान की अदालत में अब भी चल रहा है। जहाजों की गतिविधि का पता लगाने वाली वेबसाइट ‘मरीनट्रैफिक डॉट कॉम’ के डेटा के मुताबिक रात भर अमीरात के तट पर खड़े रहने के बाद इस पोत को शनिवार को दुबई के राशिद बंदरगाह पर ले जाकर खड़ा किया गया। पोत की मालिक कंपनी स्टेना बल्क के सीईओ ने कहा कि टैंकर के चालक दल के सदस्य सुरक्षित हैं और उनके दुबई पहुंचने पर उन्हें उनके घर वापस भिजवाने की व्यवस्था कर ली गई है।





Disclaimer:प्रभासाक्षी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।