चीन करीबी दोस्त लेकिन भारत हमारा भाई है, श्रीलंकाई राजदूत ने कहा- हमारी जमीन का इस्तेमाल उसके खिलाफ नहीं हो सकता

Sri Lanka
ANI
अभिनय आकाश । Sep 20, 2022 12:58PM
राजदूत मिलिंदा मोरागोडा ने महिंदा राजपक्षे की उस टिप्पणी का हवाला दिया जिसमें वह कहा करते थे कि "चीन करीबी दोस्त है लेकिन भारत हमारे भाई-बहन की तरह है। मोरागोदा ने दोनों देशों के बीच संबंधों को "खास" बताया।

भारत में श्रीलंका के उच्चायुक्त मिलिंडा मोरागोडा ने द्वीप राष्ट्र में आर्थिक संकट के दौरान एक सहायता प्रदान करने के लिए भारत का आभार व्यक्त किया और आशा व्यक्त की कि यह उनके देश के आर्थिक पुनरुद्धार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। आर्थिक संकट के दौरान श्रीलंका को भारत की सहायता पर श्रीलंका के उच्चायुक्त मिलिंडा मोरागोडा ने कहा कि हम बहुत आभारी हैं, यह ऐसे समय में था जब किसी ने कदम नहीं उठाया था। भारत श्रीलंका के लिए मजबूती के साथ खड़ा है। उन्होंने दिल्ली में भारतीय महिला प्रेस कोर (IWPC) में मीडिया से बातचीत करते हुए ये बातें कहीं। 

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पिछले महीने द्वीप के दक्षिणी बंदरगाह पर चीनी शोध जहाज के डॉकिंग के मामले में, श्रीलंकाई दूत ने कहा कि उनका देश मुद्दों से बचने के लिए भारत के साथ सहयोग के लिए एक रूपरेखा पर काम कर रहा है। मोरागोडा ने कहा कि चीनी जहाज 'युआन वांग 5' को डॉकिंग की अनुमति देने का निर्णय जब पूर्व राष्ट्रपति गोटाबाया राजपक्षे देश छोड़ रहे थे उस समय में "अधिकारियों" के स्तर पर लिया गया था। श्रीलंका के उच्चायुक्त मिलिंडा मोरागोडा ने सोमवार को कहा कि उनका देश भारत के साथ सहयोग के लिए एक योजना पर काम कर रहा है, ताकि उसके (श्रीलंका के) हंबनटोटा बंदरगाह पर पिछले महीने चीन के एक अनुसंधान पोत के रूकने जैसे मुद्दों को टाला जा सके।

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राजदूत मिलिंदा मोरागोडा ने महिंदा राजपक्षे की उस टिप्पणी का हवाला दिया जिसमें वह कहा करते थे कि "चीन करीबी दोस्त है लेकिन भारत हमारे भाई-बहन की तरह है।  मोरागोदा ने दोनों देशों के बीच संबंधों को "खास" बताया और कहा कि भारत के सुरक्षा हित हमारे अपने सुरक्षा हित हैं। बता दें कि चीनी बैलिस्टिक मिसाइल और उपग्रह निगरानी पोत चीन संचालित हंबनटोटा बंदरगाह पर 16 अगस्त से 22 अगस्त तक रूका था। भारत ने पोत की यात्रा के उद्देश्य को लेकर चिंता जाहिर की थी।

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