तेजी से अपनी सैन्य ताकत बढ़ाने में जुटा ड्रैगन, 2049 तक खुद को बनाना चाहता है वर्ल्ड क्लास

तेजी से अपनी सैन्य ताकत बढ़ाने में जुटा ड्रैगन, 2049 तक खुद को बनाना चाहता है वर्ल्ड क्लास

चीन के पास 2,800 से ज्यादा विमान मौजूद हैं। जिसमें 2,250 लड़ाकू विमान, टैक्टिकल और स्ट्रेटेजिक विमान शामिल हैं। हालांकि यूएवी को भी शामिल कर दिया जाए तो ड्रैगन की ताकत में काफी इजाफा हो जाता है। इतना ही नहीं वो चौथी पीढ़ी के विमानों से अपनी वायुसेना की ताकत को मजबूत करने में जुटा हुआ है।

न्यूयॉर्क। अपने नापाक इरादों के लिए जाने जाना वाला देश 'चीन' अब अपनी सेना को मजबूत करने में जुटा हुआ है। इसका खुलासा पेंटागन की एक हालिया रिपोर्ट से हुआ है। आपको बता दें कि चीन अपनी सेना पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) का आधुनिकिकरण 2035 तक करने और साल 2049 तक उसे वर्ल्ड क्लास बनाने की कोशिशों में जुटा हुआ है। 

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चीन को लेकर अमेरिका के डिपार्टमेंट ऑफ डिफेंस यानि रक्षा विभाग (पेंटागन) ने कांग्रेस (संसद) के सामने एक रिपोर्ट पेश की है। जिसमें यह चौंका देने वाली बातें सामने आई हैं। रिपोर्ट के मुताबिक चीन भारत-प्रशांत क्षेत्र में इस वक्त तीसरी सबसे बड़ी ताकत है। इतना ही नहीं वो काफी तेजी से अपनी वायुसेना की ताकत को भी बढ़ा रहा है।

तेजी से बढ़ रही वायुसेना की ताकत

चीन के पास 2,800 से ज्यादा विमान मौजूद हैं। जिसमें 2,250 लड़ाकू विमान, टैक्टिकल और स्ट्रेटेजिक विमान शामिल हैं। हालांकि यूएवी को भी शामिल कर दिया जाए तो ड्रैगन की ताकत में काफी इजाफा हो जाता है। इतना ही नहीं वो चौथी पीढ़ी के विमानों से अपनी वायुसेना की ताकत को मजबूत करने में जुटा हुआ है। उसके पास कुल 800 विमान चौथी पीढ़ी वाले हैं। 

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समुद्री ताकत में भी किया इजाफा

चीन ने न सिर्फ अपनी थल सेना बल्कि वायु और जलसेना को भी मजबूत किया है। इस वक्त 355 युद्धपोत और पनडुब्बियों के साथ ड्रैगन दुनिया की सबसे बड़ी समुद्री ताकतों में शुमार हो चुका है।

पेंटागन की रिपोर्ट के मुताबिक चीन 2027 तक अपनी परमाणु ताकत को भी बढ़ा चुका होगा। उसके पास करीब 700 परमाणु वॉरहेड होंगे और 2030 तक इसकी संख्या में भी इजाफा हो सकता है। जो बढ़कर करीब 100 तक पहुंच सकती है। 

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तेजी से साइलो का कर रहा निर्माण

कुछ वक्त पहले खबर सामने आई थी कि चीन तेजी से साइलो का निर्माण किया है। आपको बता दें कि चीन न सिर्फ अपनी सेनाओं की ताकत में झजाफा कर रहा है बल्कि परमाणु क्षमता में भी बड़ा विस्तार करने में जुटा हुआ है। गौरतलब है कि ओपन-सोर्स इंटेलिजेंस (OSINT) ग्रुप ने चीन के तीन बड़े मिसाइल साइलो साइटों को खोजा था। जिसमें युमेन, हामी और मंगोलिया में मौजूद साइलों साइट शामिल हैं। चीन ने शिंजियांग प्रांत के हामी में दूसरा मिसाइल ठिकाना बनाया है। जबकि मंगोलिया में तीसरे का निर्माण किया। युमेन में 100, हामी में 110 और मंगोलिया में करीब 29 साइलों साइट्स का खुलासा हुआ था।






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