कोरोना वायरस लॉकडाउन: दक्षिण अफ्रीकी राष्ट्रपति ने एक जून से पाबंदियों में रियायत देने की घोषणा की

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  मई 25, 2020   10:28
कोरोना वायरस लॉकडाउन: दक्षिण अफ्रीकी राष्ट्रपति ने एक जून से पाबंदियों में रियायत देने की घोषणा की

दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति ने एक जून से पाबंदियों में रियायत देने की घोषणा की है।देश में कोविड-19 के अभी 22,583 पुष्ट मामले हैं, जिनमें से आधे लोग ठीक हो चुके हैं। वहीं वायरस से कुल 429 लोगों की जान जा चुकी है। रामफोसा ने कहा, ‘‘ हम सबको पता है कि लॉकडाउन वायरस को केवल फैलने से रोक सकता है उसे समाप्त नहीं कर सकता।

जोहानिस्बर्ग। दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामफोसा ने कहा कि कोरोना वायरस से निपटने के लिए लगाए गए लॉकडाउन की पाबंदियों में एक जून से छूट दी जाएगी। रामफोसा ने रविवार शाम कहा कि 10 सप्ताह के लॉकडाउन सेअन्य देशों की तुलना में दक्षिण अफ्रीका काफी बेहतर स्थिति में है। देश में कोविड-19 के अभी 22,583 पुष्ट मामले हैं, जिनमें से आधे लोग ठीक हो चुके हैं। वहीं वायरस से कुल 429 लोगों की जान जा चुकी है। रामफोसा ने कहा, ‘‘ हम सबको पता है कि लॉकडाउन वायरस को केवल फैलने से रोक सकता है उसे समाप्त नहीं कर सकता। जब तक इसका टीका नहीं बन जाता, कोरोना वायरस फैलता रहेगा। इसका मतलब यह है कि आने वाले कुछ समय के लिए हमें कोरोना वायरस के साथ रहने की आदत डालनी होगी।’’ उन्होंने कहा, ‘‘ जैसा वैज्ञानिकों ने अनुमान जताया था, हमारे देश में संक्रमण के मामले अब तेजी से बढ़ना शुरू हुए हैं। पुष्ट मामलों में से एक-तिहाई केवल पिछले सप्ताह ही सामने आए और हमें इसके और तेजी से बढ़ने की आशंका है।’’

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राष्ट्रपति ने कहा कि पांच स्तरीय लॉकडाउन के तीसरे चरण में कुछ आर्थिक गतिविधियां बहाल की जाएंगी लेकिन साथ ही उन्होंने आगाह किया कि देश के कुछ हिस्से ऐसे हैं जहां वायरस काफी फैला है और वहां मामले लगातार बढ़ते रहेंगे। उन्होंने कहा, ‘‘ कोरोना वायरस के मामले जहां अधिक हैं, उन इलाकों के लिए हमारी नीति अलग होगी। ऐसे इलाकों को ‘कोरोना वायरस हॉटस्पॉट’ घोषित किया जाएगा।’’ उन इलाकों को ‘कोरोना वायरस हॉटस्पॉट’ घोषित किया जाएगा, जहां एक लाख की आबादी पर पांच से अधिक वायरस के मामले होंगे या संक्रमण के मामले तेजी से बढ़ रहे होंगे। यह सूची हर पखवाड़े संशोधित की जाएगी। स्कूलों को एक जून से क्रमबद्ध तरीके से खोले जाने के विवाद पर रामफोसा ने कहा कि किसी भी अभिभावक पर अपने बच्चों को स्कूल भेजने का दबाब नहीं बनाया जाएगा। साथ ही उन्होंने कहा, ‘‘ मैं इस बात पर जोर देना चाहूंगा कुछ प्रतिबंधों में छूट देने का मतलब यह नहीं है कि कोरोना वायरस का खतरा टल गया है और उसके खिलाफ हमारी लड़ाई समाप्त हो गई है।’’ राष्ट्रपति ने आगाह किया, ‘‘ बल्कि वायरस फैलने का खतरा अब पहले से कहीं अधिक बढ़ गया है।





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