इंडोनेशिया में ज्वालामुखी फटने की घटना में मरने वालों की संख्या 14 हुई

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  दिसंबर 6, 2021   11:35
इंडोनेशिया में ज्वालामुखी फटने की घटना में मरने वालों की संख्या 14 हुई

इंडोनेशिया की घनी आबादी वाले द्वीप जावा में ज्वालामुखी फटने की घटना में मरने वालों की संख्या बढ़कर 14 हो गई है, वहीं नौ लोग अब भी लापता हैं। अधिकारियों ने रविवार को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सुलगते मलबे के कारण तलाश अभियान में बाधा आ रही है।

लूमागंज (इंडोनेशिया)। इंडोनेशिया की घनी आबादी वाले द्वीप जावा में ज्वालामुखी फटने की घटना में मरने वालों की संख्या बढ़कर 14 हो गई है, वहीं नौ लोग अब भी लापता हैं। अधिकारियों ने रविवार को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सुलगते मलबे के कारण तलाश अभियान में बाधा आ रही है। जावा द्वीप पर सबसे ऊंचे ज्वालामुखी के फटने के एक दिन बाद बचावकर्मीसुलगते मलबे और गीली मिट्टी में जीवित बचे लोगों को तलाशने में लगेहैं। पूर्व जावा प्रांत के लूमागंज जिले में सेमेरू पर्वत में ज्वालामुखी फटने पर आकाश में 40,000 फुट की ऊंचाई पर राख की चादर बिछ गई साथ ही गैस और लावा बहता हुआ नीचे के स्थानों पर आ गया।

भूगर्भीय सर्वेक्षण केन्द्र के प्रमुख इको बुड़ी लेलोनो ने बताया कि तूफान और कई दिनों तक बारिश होने के कारण 3,676 मीटर की ऊंचाई पर सेमेरू पर्वत पर ज्वालामुखी फटा। जिला प्रमुख टी हक ने कहा, ‘‘घनी राख के कारण कई गांवों में अंधेरे का आलम है। सैकड़ों लोगों को अस्थायी आश्रय स्थलों में पहुंचाया गया है और कुछ लोग खुद ही सुरक्षित स्थानों पर चले गए हैं।’’ इंडोनेशिया के ज्वालामुखी और भूवैज्ञानिक जोखिम शमन एजेंसी के अनुसार, गर्म गैस और लावा का प्रवाह शनिवार को कम से कम दो बार और रविवार को तीन बार, दो किलोमीटरकी दूरी से लेकर पास की नदी में 11 किलोमीटर तक गयी। अधिकारियों ने ज्वालामुखी के प्रकोप के कारण अपने-अपने निवास स्थान छोड़कर गए हजारों लोगों को रविवार को वापस नहीं लौटने की चेतावनी दी।

पूर्वी जावा की खोज और बचाव एजेंसी के हरयादी पूर्णोमो ने कहा, ‘‘वहां जीवन नहीं बचा हैपेड़, खेत, घर सब तबाह हो गए हैं। पूरा इलाका राख से भरा हुआ है।’’ राष्ट्रीय आपदा राहत एजेंसी के प्रवक्ता अब्दुल मुहारी ने कहा कि कम से कम 14 ग्रामीणों की गंभीर रूप से जलने से मौत हो गई और 57 लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया, जिनमें से 16 की हालत गंभीर है। उन्होंने कहा कि बचाव दल कुराह कोबोकन गांव में एक नदी के किनारे सात निवासियों और खनिकों की तलाश कर रहे हैं, जिनके लापता होने की खबर है।

मुहारी ने कहा कि ज्वालामुखी के मलबे से गांव के सारे घर क्षतिग्रस्त हो गए और 900 से अधिक लोग अस्थायी सरकारी आश्रय स्थलों में रह रहे हैं। परिवहन मंत्रालय की प्रवक्ता अदिता इरावती ने कहा कि उनके कार्यालय ने शनिवार को सभी एयरलाइन कंपनियों को ज्वालामुखी के पास के मार्गों से बचने के लिए नोटिस जारी किया है। इंडोनेशिया के राष्ट्रपति जोको विडोडो ने कहा कि उन्होंने अपने कैबिनेट मंत्रियों और आपदा एवं सैन्य अधिकारियों को राहत अभियान का संचालन करने का निर्देश दिया है।





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