कोरोना महामारी के कारण EU ने अमेरिकियों के प्रवेश पर लगाई रोक

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  जून 27, 2020   18:47
कोरोना महामारी के कारण EU ने अमेरिकियों के प्रवेश पर लगाई रोक

ईयू के राजनयिक के मुताबिक अमेरिका में कोरोना वायरस के मामलों को देखते हुए अमेरिकियों के यूरोप आने पर कुछ और समय के लिए रोक जारी रह सकती है। राजनयिक ने बताया कि एक शर्त यह भी होगी कि क्या उस देश ने यूरोपीय देशों के नागरिकों के प्रवेश पर रोक लगाई है।

ब्रसेल्स। यूरोपीय संघ (ईयू) के प्रतिनिधि उन देशों की सूची को अंतिम रूप देने के करीब हैं जिन्हें यूरोप में दोबारा प्रवेश की अनुमति दी जाएगी और संभवत अगले हफ्ते इसका खुलासा कर दिया जाएगा। ईयू के राजनयिक ने शनिवार को इसकी पुष्टि की। राजनयिक के मुताबिक अमेरिका में कोरोना वायरस के मामलों को देखते हुए अमेरिकियों के यूरोप आने पर कुछ और समय के लिए रोक जारी रह सकती है। उम्मीद की जा रही है कि ईयू प्रतिनिधि शनिवार देर शाम तक मापदंड को अंतिम रूप देंगे जिसके आधार पर उन देशों की सूची बनाई जाएगी जिनके नागरिकों को यूरोप आने की अनुमति होगी, इन मापदंडों में संक्रमण के प्रसार और उनका प्रबंधन भी शामिल होगा। राजनयिक ने बताया कि एक शर्त यह भी होगी कि क्या उस देश ने यूरोपीय देशों के नागरिकों के प्रवेश पर रोक लगाई है। अमेरिका में गत एक हफ्ते से कोरोना वायरस से संक्रमण के मामले तेजी से बढ़े हैं और एक दिन में सबसे अधिक 45,300 नये मामलों का रिकॉर्ड बना है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने मार्च के आदेश के जरिये यूरोपीय पहचान पत्र के आधार पर मुफ्त यात्रा क्षेत्र से आने वाले सभी नागरिकों के देश में प्रवेश पर रोक लगाई है। ईयू के राजनयिक ने पुष्टि की कि मापदंडों को लेकर होने वाले समझौते में प्रति एक लाख आबादी पर संक्रमितों की संख्या सहित कई अन्य शर्तें होंगी और सोमवार देर शाम या तड़के मंगलवार समझौता हो सकता है।

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हालांकि, जानकारी देने के लिए अधिकृत नहीं होने की वजह से राजनयिक ने अपनी पहचान गुप्त रखी। राजनयिक ने बताया कि ब्राजील, भारत और रूस में संक्रमण दर अधिक है ऐसे में ईयू वहां के नागरिकों को प्रवेश देने की सूची से बाहर रख सकता है। इस सूची को प्रत्येक 14 दिन में अद्यतन किया जाएगा और कुछ देशों को शामिल करने के साथ कुछ को बाहर किया जा सकता है और यह उस देश द्वारा महामारी को काबू करने और उसकी सफलता पर निर्भर होगा। उल्लेखनीय है कि हर साल डेढ़ करोड़ से अधिक अमेरिकी यूरोप की यात्रा करते हैं और उनकों अनुमति देने में और देरी से यूरोप और अमेरिका दोनों ही जगह कोरोना वायरस से पहले ही दबाव का सामना कर रही अर्थव्यवस्थाओं और पर्यटन क्षेत्र को झटका लगेगा क्योंकि करीब एक करोड़ यूरोपीय भी हर साल अटलांटिक पार कर अमेरिका छुट्टियां मनाने या कारोबार के सिलसिले में जाते हैं।

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उल्लेखनीय है कि ईयू के 27 देश और चार अन्य देश यूरोप ‘शेंजेन क्षेत्र’ का हिस्सा है। ईयू के 26 देशों में सामान और लोगों की आवाजाही बिना किसी दस्तावेज के आधार पर होती है और एक जुलाई से यह व्यवस्था पटरी पर आने की उम्मीद है। एक बार इस क्षेत्र में आवाजाही शुरू होने के बाद मार्च में कोरोना वायरस के संक्रमण की वजह से यूरोप में गैर जरूरी यात्रा पर लगी रोक भी चरणबद्ध तरीके से हटा ली जाएगी। उल्लेखनीय है कि बृहस्पतिवार को अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पियों ने चिंता जताते हुए कहा था कि ईयू संभवत: अमेरिकियों को यूरोप में प्रवेश देने से इनकार कर सकता है। यूरोपीय आयोग जो संगठन के कानूनों की निगरानी करता है ने कहा कि यात्रा पाबंदी को खत्म नहीं की जानी चाहिए क्योंकि ईयू के 27 देशों,आइसलैंड, लिस्टेंस्टीन, नार्वे और स्विट्जरलैंड के औसत प्रदर्शन से अन्य देशों की स्थिति अधिक खराब है।





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