अमेरिकी राज्य विस्कॉन्सिन में पुलिस के अश्वेत व्यक्ति को गोली मारने के बाद व्यापक विरोध प्रदर्शन

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  अगस्त 24, 2020   22:09
अमेरिकी राज्य विस्कॉन्सिन में पुलिस के अश्वेत व्यक्ति को गोली मारने के बाद व्यापक विरोध प्रदर्शन

अमेरिकी राज्य विस्कॉन्सिन में एक अफ्रीकी -अमेरिकी शख्स को पुलिस ने कई बार गोली मारी। गंभीर रूप से घायल शख्स को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। नाराज लोगों ने रात में प्रदर्शन और पथराव किया व कुछ गाड़ियों में आगजनी की।

केनोशा। विस्कॉन्सिन के दक्षिणपूर्वी केनोशा शहर में पुलिस ने एक अश्वेत व्यक्ति को संभवत: पीठ में गोली मारकर घायल कर दिया। घरेलू विवाद के एक मामले को लेकर की गई फोन कॉल के बाद पहुंची पुलिस की इस कार्रवाई से नाराज लोगों ने रात में प्रदर्शन और पथराव किया व कुछ गाड़ियों में आगजनी की। पुलिस को उपद्रवियों को हटाने के लिये आंसू गैस के गोले दागने पड़े। गोलीबारी की यह घटना रविवार शाम करीब पांच बजे हुई और एक सेलफोन पर बनाए गए घटना के वीडियो को ऑनलाइन पोस्ट किया गया। इस वीडियो क्लिप को सड़क के दूसरी तरफ से बनाया गया है और इसमें एक अश्वेत व्यक्ति फुटपाथ पर चलते हुए अपनी गाड़ी के सामने की तरफ आता है और ड्राइवर के तरफ वाला दरवाजा खोलता है तभी उसकी तरफ बंदूक ताने उसके पीछे आ रहा अधिकारी उस पर चिल्लाता है। जैसे ही व्यक्ति चालक की तरफ वाला दरवाजा खोलकर अंदर झुकता है, एक अधिकारी पीछे से उसकी शर्ट पकड़कर पीछे खींचता है और गाड़ी पर गोलियां चलाना शुरू कर देता है। गवर्नर ने इस व्यक्ति की पहचान जैकब ब्लेक के तौर पर की है। सात गोलियों के चलने की आवाज सुनी जा सकती है यद्यपि यह स्पष्ट नहीं है कि अश्वेत व्यक्ति को कितनी गोलियां लगीं और मौके पर मौजूद तीन में से कितने अधिकारियों ने गोलियां चलाईं। 

इसे भी पढ़ें: अमेरिका में प्लाज्मा थेरेपी से होगा कोरोना वायरस का इलाज, ट्रंप ने की ये घोषणा

गोलीबारी के दौरान एक अश्वेत महिला को सड़क पर चिल्लाते हुए देखा जा सकता है। पुलिस विभाग ने एक विज्ञप्ति में कहा कि ब्लेक को मिलवाकी के एक अस्पताल में ले जाया गया और उसकी हालत गंभीर थी। विज्ञप्ति में हालांकि उसके नाम का जिक्र नहीं किया गया है। तीनों अधिकारियों को प्रशासनिक अवकाश पर भेज दिया गया है जो गोलीबारी के घटनाओं में शामिल अधिकारियों के मामले में सामान्य प्रक्रिया है। गोलीबारी की घटना के बाद शहर में अशांति देखने को मिली और करीब 1,00,000 लोग सड़कों पर आ गए। रविवार देर रात कई गाड़ियों में आगजनी की गई और कइयों के शीशे तोड़ दिये गए। उग्र भीड़ की कई जगहों पर सुरक्षाकर्मियों से झड़प भी हुई। पुलिसकर्मी और स्वात वाहन सड़कों पर गश्त कर रहे थे और प्रशासन ने सुबह सात बजे तक कर्फ्यू की घोषणा कर दी है।मौके पर मौजूद संवाददाताओं के मुताबिक कुछ जगहों पर लोगों के समूह को हटाने के लिये आंसू गैस के गोलों का इस्तेमाल किया गया। गवर्नर टोनी इवर्स ने रविवार रात एक बयान जारी कर ब्लेक नाम के व्यक्ति पर गोली चलाए जाने की घटना की निंदा की और कहा, “हमारे पास यद्यपि अभी पूरा विवरण नहीं है लेकिन हम यह निश्चित रूप से जानते हैं कि वह पहला अश्वेत शख्स नहीं है जिसे हमारे राज्य या देश में सुरक्षाकर्मियों द्वारा निर्दयतापूर्वक गोली मारी गई है या जिनकी हत्या हुई है।” विस्कॉन्सिन न्याय विभाग मामले की जांच कर रहा है और उसने घटना या संबंधित अधिकारियों को लेकर कोई जानकारी दिये बगरै सिर्फ इतना बताया कि संबंधित अधिकारियों को प्रशासनिक अवकाश पर भेज दिया गया है। गोलीबारी के बाद सोशल मीडिया पोस्ट में नजर आया कि आस पास की सड़कों पर पड़ोसी इकट्ठा हो गए और पुलिस पर चिल्लाने लगे। लोगों को ‘‘ न्याय नहीं, शांति नहीं’’ के नारे लगाते हुए भी सुना गया। कुछ लोगों ने पुलिसवालों पर कुछ चीजें फेंकीं और उनकी गाड़ियों को भी नुकसान पहुंचाया। ब्लेक की साथी लाकिशा बूकर ने डब्ल्यूटीएमजे-टीवी से संबद्ध एनबीसी को बताया कि उसके और ब्लेक के तीन बच्चे गाड़ी में पिछली सीट पर बैठे थे जब पुलिस ने उसे गोली मारी। बूकर ने कहा, “उस व्यक्ति ने उसे उसकी शर्ट से पकड़ लिया और दूसरी तरफ देखा और उसे गोली मार दी। गाड़ी में पीछे बैठे बच्चे चिल्ला रहे थे।” बाद में रविवार को जॉर्ज फ्लॉयड, ब्रेओना टायलर और अन्य अश्वेत लोगों की पुलिस गोलीबारी में मौत के बाद हुए व्यापक प्रदर्शनों की तर्ज पर प्रदर्शनकारियों ने केनोशा आउंटी पब्लिक सेफ्टी बिल्डिंग की तरफ मार्च किया जहां पुलिस और काउंटी शेरिफ विभाग का कार्यालय है। अधिकारियों ने पूरी इमारत को घेर कर रास्ता बंद कर दिया था और कुछ अधिकारी छत पर भी तैनात थे। इमारत के बाहर सुरक्षाकर्मियों के साथ प्रदर्शनकारियों की झड़प भी हुई। इवर्स ने इस बीच संकेत दिये हैं कि वह गोलीबारी पर आगे कार्रवाई करने की मंशा रखते हैं।





Disclaimer:प्रभासाक्षी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।