आईएमएफ का खुलासा, कड़ी आर्थिक चुनौतियों से जूझ रहा है पकिस्तान

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Publish Date: Jul 9 2019 3:56PM
आईएमएफ का खुलासा, कड़ी आर्थिक चुनौतियों से जूझ रहा है पकिस्तान
Image Source: Google

आईएमएफ के कार्यकारी निदेशक मंडल के कार्यकारी अध्यक्ष और प्रथम उप प्रबंध निदेशक डेविड लिप्टन ने कहा, ‘‘पाकिस्तान बड़ी राजकोषीय और वित्तीय जरूरतों और कमजोर एवं असंतुलित वृद्धि के चलते कड़ी आर्थिक चुनौतियों का सामना कर रहा है।’’

वाशिंगटन। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) का कहना है कि कमजोर और असंतुलित वृद्धि के चलते पाकिस्तान ‘कड़ी आर्थिक चुनौतियों’ का सामना कर रहा है। उसकी अर्थव्यवस्था ऐसे अहम मोड़ पर आकर खड़ी हो गयी है जहां उसे महत्वाकांक्षी और मजबूत सुधारों की जरूरत है। नकदी संकट से जूझ रहे पाकिस्तान ने अगस्त 2018 में आईएमएफ से राहत पैकेज देने के लिए संपर्क किया था। देश के पास वर्तमान में आठ अरब डॉलर से भी कम का विदेशी मुद्रा भंडार है जो उसके मात्र 1.7 माह का आयात करने के लिए काफी है।

इसे भी पढ़ें: पाकिस्तान ने करतारपुर कॉरिडोर को लेकर दूसरी बैठक के लिये भारतीय मीडिया को बुलाया

पिछले हफ्ते आईएमएफ ने आधिकारिक तौर पर पाकिस्तान को छह अरब डॉलर का ऋण देने की मंजूरी दे दी। इसमें से एक अरब डॉलर की राशि तत्काल पाकिस्तान को मुहैया करायी गयी। बाकी की राशि उसे तीन दिन के भीतर दिए जाने का तय हुआ। यह 1980 के बाद से अब तक पाकिस्तान को दिया गया 13वां राहत पैकेज है। आईएमएफ के कार्यकारी निदेशक मंडल के कार्यकारी अध्यक्ष और प्रथम उप प्रबंध निदेशक डेविड लिप्टन ने कहा, ‘‘पाकिस्तान बड़ी राजकोषीय और वित्तीय जरूरतों और कमजोर एवं असंतुलित वृद्धि के चलते कड़ी आर्थिक चुनौतियों का सामना कर रहा है।’’
उन्होंने कहा कि सार्वजनिक ऋण को कम करने और लचीलापन लाने के लिए निर्णायक राजकोषीय एकीकरण सबसे अहम उपाय है और वित्त वर्ष 2020 का बजट इस दिशा में शुरुआती कदम उठाने के लिए महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि राजकोषीय लक्ष्यों को पाने के लिए एक बहु-वर्षीय राजस्व संग्रहण रणनीति, कर दायरा और कर राजस्व बढ़ाने की जरूरत है। यह सब कार्य एक सटीक संतुलन और न्यायसंगत तरीके से होना चाहिए।

रहना है हर खबर से अपडेट तो तुरंत डाउनलोड करें प्रभासाक्षी एंड्रॉयड ऐप   


Related Story