• जरूरत के वक्त भारत की सहायता कर रहे हैं जैसे पिछले साल कोविड के दौरान उसने की थी: अमेरिकी अधिकारी का बयान

यूएसएड के प्रशासक के कोविड-19 कार्य बल कार्यालय के कार्यकारी निदेशक जेरेमी एम कोनीडिक ने सदन की विदेश मामले समिति की उपसमिति ‘अंतरराष्ट्रीय विकास, अंतरराष्ट्रीय संगठन एवं एवं वैश्विक कॉर्पोरेट सामाजिक प्रभाव’ को बताया कि रक्षा मंत्रालय के सहयोग से, यूएसएआईडी ने अहम चिकित्सीय आपूर्तियों को हवाई मार्ग से वहां पहुंचाया।

वाशिंगटन। अमेरिका के जो बाइडेन प्रशासन के एक अधिकारी ने कहा कि अमेरिका कोविड-19 की गंभीर होती दूसरी लहर के बीच जरूरत के वक्त में भारत की उसी प्रकार सहायता कर रहा है जिस तरह उसने मदद का हाथ बढ़ाया था जब वैश्विक महामारी के चलते यहां अस्पतालों पर बोझ बहुत बढ़ गया था। यूएसएड के प्रशासक के कोविड-19 कार्य बल कार्यालय के कार्यकारी निदेशक जेरेमी एम कोनीडिक ने सदन की विदेश मामले समिति की उपसमिति ‘अंतरराष्ट्रीय विकास, अंतरराष्ट्रीय संगठन एवं एवं वैश्विक कॉर्पोरेट सामाजिक प्रभाव’ को बताया कि रक्षा मंत्रालय के सहयोग से, यूएसएआईडी ने अहम चिकित्सीय आपूर्तियों को हवाई मार्ग से वहां पहुंचाया।

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उन्होंने कहा, “हमारा सहयोग कोविड-19 मरीजों को जीवनरक्षक ऑक्सीजन उपलब्ध कराने में भारत की क्षमता में सुधार कर रहा है।” उन्होंने कहा कि बाइडन प्रशासन लगातार भारत सरकार, गैर सरकारी हितधारकों और अंतर एजेंसी साझेदारों के साथ लगातार विचार-विमर्श कर रहा है ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि यूएसएड की मदद वहां पहुंचे जहां इसकी सबसे ज्यादा जरूरत हो और यह सबसे प्रभावी साबित हो। कोनीडिक ने कहा, “जिस प्रकार भारत ने अमेरिका को मदद भेजी थी जब वैश्विक महामारी की शुरुआत में हमारे अस्पतालों पर बोझ बढ़ गया था, उसी प्रकार अमेरिका जरूरत के वक्त में भारत की मदद कर रहा है।” उन्होंने सांसदों से कहा कि जैसे-जैसे संकट लगातार बढ़ रहा है, यूएसएड भारत में अपने कर्मचारियों के साथ खड़ा है, जिनमें से कुछ ने वायरस के चलते परिवार के सदस्यों को खो दिया या खुद गंभीर रूप से बीमार हो गए। कोनीडिक ने कहा कि भारत में कोविड-19 संकट के तौर पर जो शुरू हुआ वह उसके पड़ोसियों और अन्य को भी प्रभावित कर रहा है।