भारत को मिला अमेरिका का न्योता, लोकतंत्र पर चर्चा के लिए पाकिस्तान को भी मिला निमंत्रण; चीन भड़का

भारत को मिला अमेरिका का न्योता, लोकतंत्र पर चर्चा के लिए पाकिस्तान को भी मिला निमंत्रण; चीन भड़का

विश्व लोकतंत्र शिखर सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य लोकतंत्र पर चर्चा करना होगा। करोना के नए वेरिएंट से बढ़ते मामलों को देखते हुए यह सम्मेलन वीडियो लिंक द्वारा व्हाइट हाउस से संचालित किया जाएगा। इस सम्मेलन में लोकतंत्र और तानाशही जैसे मुद्दों पर चर्चा की जाएगी।

व्हाइट हाउस में गुरुवार यानि की आज से विश्व लोकतंत्र शिखर सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है। अमेरिका में हो रहे इस सम्मेलन के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने 100 से अधिक देशों को आमंत्रित भी किया है। इसमें भारत समेत पाकिस्तान, नेपाल और मालदीव को भी न्योता मिला है। विश्व लोकतंत्र शिखर सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य लोकतंत्र पर चर्चा करना होगा। करोना के नए वेरिएंट से बढ़ते मामलों को देखते हुए यह सम्मेलन वीडियो लिंक द्वारा व्हाइट हाउस से संचालित किया जाएगा। इस सम्मेलन में लोकतंत्र और तानाशही जैसे मुद्दों पर चर्चा की जाएगी। इसको लेकर नागरिक सुरक्षा, लोकतंत्र और मानवाधिकार राज्य के अवर सचिव उजरा जेया ने कहा कि, हम लोकतांत्रिक गणना के क्षण में है और इसमें कोई गलती न करें।

इन देशों को नहीं मिला है न्योता

बता दें कि, अमेरिका ने चीन को न्योता नहीं भेजा है। वहीं भारत के पड़ोसी देश नेपाल और मालदीव को न्योता भेजा गया है।  वहीं चीन के पड़ोसी देश दक्षिण कोरिया हमेशा से अमेरिका को अपना करीबी मानता आया है और इसी कारण अमेरिका ने इस सम्मेलन के लिए दक्षिण कोरिया को भी निमंत्रण मिला है। इसके अलावा बांग्लादेश, श्रीलंका, म्यांमार, अफगानिस्तान, भूटान और ईरान को भी इस सम्मेलन में न्योता नहीं मिला है। लोकतंत्र के विषय पर पाकिस्तान को न्योता भेजना थोड़ा हैरान कर देने वाला है क्योंकि इमरान सरकार हमेशा से लोकतंत्र देश होने का दिखावा करता आया है। पाकिस्तान में सरकार वहां का प्रधानमंत्री केवल दिखावे के लिए है क्योंकि इस देश की सरकार को पीछे से सेना और आईएसआई ही चलाते हैं।

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इस सम्मेलन का मुख्य उद्देशय क्या

इस सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य दुनिया के कई देशों में लोकतंत्र के सामने आने वाली चुनौतियों पर ध्यान केंद्रित करना है। इसके अलावा दुनिया के नेताओं को लोकतंत्र और मानवाधिकारों की रक्षा के लिए व्यक्तिगत सुधारों की पहल की घोषणा के लिए मंच प्रदान करना है।






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