• भारत और कुवैत का सहमति पत्र पर हस्ताक्षर, घरेलू कामगारों की भर्ती में मिलेगा सहयोग

जयशंकर बृहस्पतिवार को तेल समृद्ध खाड़ी देश कुवैत की पहली द्विपक्षीय यात्रा पर यहां आए थे। यहां भारतीय दूतावास द्वारा जारी एक प्रेस विज्ञप्ति में यह जानकारी दी गई है।

कुवैत सिटी। भारत और कुवैत ने एक सहमति पत्र पर हस्ताक्षर किए हैं, जिसके तहत भारतीय घरेलू कामगारों को एक कानूनी ढांचे के दायरे में लाकर उनकी भर्ती को सुव्यवस्थित करते हुए कानून का संरक्षण प्रदान किया जाएगा। विदेश मंत्री एस जयशंकर और कुवैत के उनके समकक्ष शेख अहमद नसर अल-मोहम्मद अल-सबा की मौजूदगी में बृहस्पतिवार को भारतीय राजदूत सिबी जॉर्ज और कुवैत के उप विदेश मंत्री ने इस सहमति पत्र पर हस्ताक्षर किये। जयशंकर बृहस्पतिवार को तेल समृद्ध खाड़ी देश कुवैत की पहली द्विपक्षीय यात्रा पर यहां आए थे। यहां भारतीय दूतावास द्वारा जारी एक प्रेस विज्ञप्ति में यह जानकारी दी गई है। सहमति पत्र में कहा गया है कि भारतीय घरेलू कामगारों को एक कानूनी ढांचे के दायरे में लाकर उनकी भर्ती को सुव्यवस्थित करते हुए कानून का संरक्षण प्रदान किया जाएगा।

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दोनों मंत्रियों ने सहमति पत्र पर हस्ताक्षर किये जाने का स्वागत किया, जिसके तहत नियोक्ता और घरेलू कामगारों दोनों के अधिकारों व दायित्वों को सुनिश्चित करते हुए रोजगार अनुबंध पेश किया जाएगा। सहमति पत्र के अनुसार घरेलू कामगारों की 24 घंटे सहायता के लिए एक तंत्र स्थापित करने का प्रयास किया जाएगा। इसमें आवधिक समीक्षा और मूल्यांकन के लिए एक संयुक्त समिति के गठन की बात कही गई है, जो सहमति पत्र के कार्यान्वयन को लेकर वार्षिक बैठकें आयोजित करेगी। कुवैत में 10 लाख से ज्यादा भारतीय रहते हैं। भारत कुवैत के सबसे बड़े व्यापारिक साझेदारों में से एक है और कुवैत भारत के लिए तेल का एक प्रमुख आपूर्तिकर्ता है। जयशंकर ने बृहस्पितवार को कुवैत प्रधानमंत्री शेख सबा खालिद अल-हमाद अल-सबा से मुलाकात की। उस दौरान उन्होंने उन्हें कुवैत के अमीर शेख नवाफ अल-अहमद अल-जाबिर अल-सबा के लिये प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा भेजा गया निजी पत्र सौंपा।