अफगानिस्तान में तालिबान से भी बड़ा खतरा बना आईएसआईएस-के

अफगानिस्तान में तालिबान से भी बड़ा खतरा बना आईएसआईएस-के

अफगानिस्तान के काबुल एयरपोर्ट पर भीड़ पर गुरुवार को आतंकवादी हमले में 100 से अधिक लोगों की मौत हो गई, जिनमें लगभग 13 अमेरिकी सैनिक थे। इस हमले की जिम्मेदारी आईएसआईएस-के ने ली है।

अफगानिस्तान के काबुल एयरपोर्ट पर भीड़ पर गुरुवार को आतंकवादी हमले में 100 से अधिक लोगों की मौत हो गई, जिनमें लगभग 13 अमेरिकी सैनिक थे। इस हमले की जिम्मेदारी आईएसआईएस-के ने ली है। यूएस मिलिट्री अकेडमी वेस्ट पॉइंट में आंतकवाद विषय की विशेषज्ञ अमीरा जदून और जॉर्ज वाशिंगटन विश्वविद्यालय में चरमपंथ के विषय पर शोधार्थी एंड्रियू माइंस वर्षों से आईएसआईएस-के पर नजर रख रहे हैं, उन्होंने बताया कि तालिबान से भी बड़ा खतरा यहां के लिए आईएसआईएस-के है, तालिबान का उद्देश्य सरकार बनाना है, जबकि इसका उद्देश्य अस्थिरता पैदा करना है।

क्या है आईएसआईएस के?

माइंस  ने बताया कि इस्लामिक स्टेट खुरासान प्रांत में आईएसआईस-के, आईएसकेपी और आईएसके के नाम से भी जाना जाता है और यह इस्लामिक स्टेट आंदोलन से संबंधित है। इसे इराक और सीरिया में सक्रिय इस्लामिक स्टेट से मान्यता और प्रशिक्षण मिली है। इसकी स्थापना जनवरी 2015 में हुई थी, इसनें उत्तर-पूर्वी अफगानिस्तान और पाकिस्तान में पकड़ बना ली।

आईएसआईएस-के की स्थापना पाकिस्तानी तालिबान, अफगान तालिबान और इस्लामिक मूवमेंट ऑफ उज्बेकिस्तान के पूर्व सदस्यों ने की। समूह ने अन्य समूहों के आतंकवादियों को मिला लिया। इस समूह की एक सबसे बड़ी ताकत है, इसके लड़ाकों और कमांडरों का स्थानीय होना। आईएसआईएस-के इस्लामिक स्टेट आंदोलन के लिए मध्य और दक्षिण एशिया में विस्तार कर रहा है और प्रमुख जिहादी संगठन के रूप में खुद को मजबूत करना है। इसके निशाने पर अफगानिस्तान की अल्पसंख्यक हजारा और सिख जैसी आबादी है। साथ ही यह पत्रकारों, सहायता कर्मियों, सुरक्षा कर्मियों और सरकार को भी निशाना बनाता है।

आईएसआईएस-के अफगानिस्तान के लिए बड़ा खतरा

आईएसआईएस-के अफगान तालिबान को अपने रणनीतिक प्रतिद्वंद्वी के रूप में देखता है। आईएसआईएस- के मानता है कि तालिबान का उद्देश्य केवल अफगानिस्तान में सरकार बनाना है। आईएसआईएस-के ने तालिबान के ठिकानों को भी निशाना बनाया। आईएसआईए-के का लक्ष्य अभी अपने लड़ाकों की फौज तैयार करना है, बड़े हमले के उसने संकेत दिए हैं। अफगानिस्तान के लिए आईएसआईएस-के तालिबान से भी बड़ा खतरा बन गया है। इसका सरगना शाहब अल-मुहाजिर है।