जापान में भूकंप से मरने वालों की संख्या बढ़ कर 30 हुई

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  सितंबर 8, 2018   11:34
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जापान में भूकंप से मरने वालों की संख्या बढ़ कर 30 हुई

जापन के उत्तरी हिस्से में आये भूकंप के बाद हुए भूस्खलन से मरने वाले लोगों की संख्या बढ़ कर शनिवार को 30 हो गयी। हालांकि, राहत और बचावकर्मी कीचड़ और मलबे में अब भी लोगों का पता लगा रहे हैं।

तोक्यो। जापन के उत्तरी हिस्से में आये भूकंप के बाद हुए भूस्खलन से मरने वाले लोगों की संख्या बढ़ कर शनिवार को 30 हो गयी। हालांकि, राहत और बचावकर्मी कीचड़ और मलबे में अब भी लोगों का पता लगा रहे हैं। मरने वाले अधिकतर लोग जापान के छोटे शहर आत्सुमा के रहने वाले हैं। 6.6 तीव्रता के आये भूकंप के बाद हुए भूस्खलन में आत्सुमा में एक पहाड़ी भरभरा कर पास के घरों पर गिर गयी थी ।

जापान के होक्काईदो द्वीप के स्थानीय सरकारी अधिकारियों के अनुसार आत्सुमा में नौ लोग अब भी लापता हैं। लगभग 400 लोगों को मामूली चोट लगी है। आत्सुमा हादसे में अपने भाई को खोने वाले अकीरा मात्सुशिता ने बताया, ‘‘यहां ऐसा भूस्खलन पहले कभी नहीं हुआ था। अपनी आंखों से अगर नहीं देखता तो मुझे भरोसा नहीं होता।’’ उन्होंने आशी टीवी से कहा, ‘‘जब मैने इसे देखा तो पता चला कि कोई भी नहीं बच सका है।’’

सरकार के एक शीर्ष प्रवक्ता ने बताया कि मौके पर राहत एवं बचाव कार्य में 40 हजार से अधिक लोग लगे हुए हैं। वह मलबे से लोगों के जीवित निकालने के लिए प्रयास कर रहे है। इसमें बुलडोजर, खोजी श्वान और 75 हेलीकाप्टर लगाया गया है। प्रवक्ता याशिहिदे सुगा ने संवाददाताओं को बताया, ‘‘वह 24 घंटे बेहतर काम कर रहे हैं।’’





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भड़काऊ वीडियो पोस्ट करने के बाद ट्विटर ने रिपब्लिकन सांसद के अकाउंट किए बैन

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  जनवरी 18, 2021   12:02
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भड़काऊ वीडियो पोस्ट करने के बाद ट्विटर ने रिपब्लिकन सांसद के अकाउंट किए बैन

ट्विटर ने अमेरिका में रिपब्लिकन सांसद के अकाउंट पर रोक लगा दी है। सोशल मीडिया पर उन्होंने कई भड़काऊ वीडियो और कमेंट पोस्ट किए हैं। ग्रीन ने रविवार को एक स्थानीय समाचार को दिए साक्षात्कार का वीडियो पोस्ट किया था।

वाशिंगटन। ट्विटर ने रविवार को रिपब्लिकन सांसद मारजोरी टेलर ग्रीन के अकाउंट पर अस्थायी रोक लगा दी। सांसद के पोस्ट से कथित तौर पर नस्ली विचार और क्यूनन साजिश सिद्धांत के ऑनलाइन समर्थन की झलक मिल रही थी। ग्रीन ने एक बयान में कहा कि उनके अकाउंट को ‘‘बिना कोई विस्तृत जानकारी दिए’’ बंद कर दिया गया। उन्होंने रूढ़िवादी विचारों पर ट्विटर की ‘‘चुप्पी’’ को लेकर भी निंदा की। पेशे से कारोबारी ग्रीन राजनीति में नई हैं। नवंबर में वह जॉर्जिया 14वें डिस्ट्रिक्ट की प्रतिनिधि चुनी गयी थीं।

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सोशल मीडिया पर उन्होंने कई भड़काऊ वीडियो और कमेंट पोस्ट किए हैं। ग्रीन ने रविवार को एक स्थानीय समाचार को दिए साक्षात्कार का वीडियो पोस्ट किया था। इस वीडियो में वह जॉर्जिया के चुनाव अधिकारियों की निंदा करती दिख रही हैं और राष्ट्रपति चुनाव में धोखाधड़ी के दावों का समर्थन कर रही हैं। ट्विटर ने ग्रीन और अन्य लोगों के ट्वीट पर संज्ञान लेते हुए संदेश लिखा कि चुनाव में धोखाधड़ी का दावा ‘‘विवाद पैदा करने वाला है और इससे हिंसा की आशंका’’ है। ग्रीन की टीम ने रविवार को ट्विटर के संदेश का स्क्रीनशॉट जारी कर बताया कि कंपनी ने नियमों के उल्लंघन के आरोप में उनके अकाउंट पर 12 घंटे के लिए रोक लगा दी है।





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इंडोनेशिया भूकंप से मची तबाही,अब तक 81 की मौत; 800 के करीब लोग घायल

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  जनवरी 18, 2021   11:58
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इंडोनेशिया भूकंप से मची तबाही,अब तक 81 की मौत; 800 के करीब लोग घायल

इंडोनेशिया भूकंप में मृतक संख्या बढ़कर 81 हो गई है।इससे पहले 2018 में पालू शहर में 7.5 तीव्रता का भूकंप और उसके बाद सुनामी आई थी। तब चार हजार से अधिक लोगों की मौत हो गई थी।

ममूजू (इंडोनेशिया)। इंडोनेशिया में आए 6.2 तीव्रता के भूकंप के बाद घरों और इमारतों के मलबे में दबे लोगों की तलाश का काम सोमवार को बचावकर्मियों ने तेज कर दिया। भूकंप से कम से कम81 लोगों की मौत हुईं है। राष्ट्रीय आपदा मोचन एजेंसी के प्रवक्ता रादित्य जति ने कहा कि भूकंप से सबसे ज्यादा प्रभावित ममूजू शहर और सुलावेसी द्वीप पर माजेने में सबसे अधिक बचावकर्मी और स्वयंसेवक तैनात हैं। उन्होंने बताया कि ममूजू में 70 और माजेने में 11 लोगों की मौत हुई है। वहीं करीब 27,850 लोगों का आश्रय स्थलों में रखा गया है।

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800 के करीब लोग घायल भी हुए हैं, जिनमें से करीब आधे लोगों का अस्पताल में इलाज चल रहा है। ट्रकों के जरिए इलाकों में पानी, खाद्य सामग्री और चिकित्सीय सामग्री पहुंचाई जा रही है। बिजली आपूर्ति तथा फोन संचार सुविधाएं भी धीरे-धीरे बहाल हो रही हैं। जति ने बताया कि माजेने में करीब 1150 घर क्षतिग्रस्त हुए हैं और ममूजू में क्षतिग्रस्त हुए घरों का आंकड़ों एकत्रित किया जा रहा है। इससे पहले 2018 में पालू शहर में 7.5 तीव्रता का भूकंप और उसके बाद सुनामी आई थी। तब चार हजार से अधिक लोगों की मौत हो गई थी।





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रिकॉर्ड में हुआ खुलासा, कैपिटल में हिंसा करने वाली रैली के पीछे ट्रंप समर्थकों का हाथ

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  जनवरी 18, 2021   10:59
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रिकॉर्ड में हुआ खुलासा, कैपिटल में हिंसा करने वाली रैली के पीछे ट्रंप समर्थकों का हाथ

‘एसोसिएटिड प्रेस’ द्वारा की गई रिकॉर्डों के अनुसार, कैपिटल में हिंसा करने वाली रैली के पीछे ट्रंप समर्थकों का हाथ था।सके अलावा प्रदर्शन के दौरान घटनास्थल पर मौजूद कई लोगों के व्हाइट हाउस के साथ निकट संबंध हैं।

वाशिंगटन।अमेरिका के निवर्तमान राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की चुनाव प्रचार मुहिम से जुड़े लोगों की वॉशिंगटन में उस रैली को आयोजित करने में अहम भूमिका थी, जिसने अमेरिकी कैपिटल में घातक हमला किया था। ‘एसोसिएटिड प्रेस’ द्वारा की गई रिकॉर्डों की समीक्षा में यह बात सामने आई है। ट्रंप समर्थक गैर सरकारी संगठन ‘विमेन फॉर अमेरिका फर्स्ट’ ने व्हाइट हास के निकट स्थित संघ के मालिकाना हक वाली जमीन ‘इलिप्स’ में छह जनवरी को ‘सेव अमेरिका रैली’ का आयोजन किया था, लेकिन ‘नेशनल पार्क सर्विस’ द्वारा दी गई मंजूरी की सूची में छह से अधिक ऐसे लोग हैं, जो स्टाफकर्मी थे और जिन्हें ट्रंप की 2020 चुनाव प्रचार मुहिम ने कुछ ही सप्ताह पहले हजारों डॉलर का भुगतान किया था। इसके अलावा प्रदर्शन के दौरान घटनास्थल पर मौजूद कई लोगों के व्हाइट हाउस के साथ निकट संबंध हैं।

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चुनाव परिणाम में धांधली का आरोप लगाने वाले ट्रंप के इलिप्स में दिए भाषण और इससे पहले की टिप्पणियों के कारण कैपिटल (अमेरिकी संसद भवन) में हिंसा भड़की थी। इसके बाद प्रतिनिधि सभा ने ट्रंप के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव पारित किया। ट्रंप अमेरिका के इतिहास में पहले ऐसे राष्ट्रपति हैं, जिनके खिलाफ दूसरी बार महाभियोग चलाया जा रहा है। जब ‘विमेन फॉर अमेरिका फर्स्ट’ से पूछा गया कि इस रैली के लिए वित्तीय मदद किसने दी थी और ट्रंप की मुहिम की इसमें क्या संलिप्तता थी, तो उसने इन संदेशों का कोई जवाब नहीं दिया। इस रैली में हजारों लोग शामिल हुए थे। ट्रंप की प्रचार मुहिम ने एक बयान में कहा कि उसने ‘‘समारोह आयोजित नहीं किया या उसे वित्तीय मदद नहीं दी’’ तथा मुहिम का कोई भी सदस्य रैली के आयोजन में शामिल नहीं था। बयान में कहा गया है कि यदि किसी पूर्व कर्मी या मुहिम से स्वतंत्र रूप से जुड़े किसी व्यक्ति ने रैली में भाग लिया, तो उसने ‘‘ट्रंप मुहिम के निर्देश पर ऐसा नहीं किया’’।

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मेगन पावर्स छह जनवरी को हुए कार्यक्रम के प्रबंधकों में शामिल थी। उनकी लिंक्डइन प्रोफाइल के अनुसार, वह जनवरी 2021 में ट्रंप की मुहिम से जुड़ी हुई थीं। उन्होंने इस संबंध में किए गए सवालों का कोई जवाब नहीं दिया। एपी की समीक्षा के अनुसार, रैली के लिए दी गई मंजूरी में ट्रंप की मुहिम से जुड़े कम से कम तीन ऐसे लोगों का जिक्र है, जिन्होंने प्रदर्शन से स्वयं को अलग करने की कोशिश की है। उन्होंने अपने सोशल मीडिया प्रोफाइल लॉक कर दिए हैं या बंद कर दिए हैं और रैली संबंधी ट्वीट हटा दिए हैं।





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