तबाह हो चुके इलाकों को छोड़कर सुरक्षित ठिकानों की ओर बढ़ रही है यूक्रेन की सेना

Ukrainian army
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कई सप्ताह की भीषण लड़ाई के बाद यूक्रेन की सेना ने देश के पूर्वी हिस्से में तबाह हो चुके इलाकों को छोड़कर अपने गढ़ माने जाने वाले इलाकों की ओर जाना शुरू कर दिया है। यूक्रेन की सेना के एक क्षेत्रीय अधिकारी ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।

कीव। कई सप्ताह की भीषण लड़ाई के बाद यूक्रेन की सेना ने देश के पूर्वी हिस्से में तबाह हो चुके इलाकों को छोड़कर अपने गढ़ माने जाने वाले इलाकों की ओर जाना शुरू कर दिया है। यूक्रेन की सेना के एक क्षेत्रीय अधिकारी ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। यूक्रेन के लुहांस्क क्षेत्र के प्रशासनिक केंद्र माने जाने वाले सिविएरोदोनेत्स्क शहर पर रूसी सेना की भीषण बमबारी के कारण औद्योगिक शहर के अधिकतर इलाके तबाह हो चुके हैं।

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रूसी हमले से पहले शहर की आबादी करीब 10 लाख थी, जो अब घटकर मात्र 10 हजार रह गयी है। बड़ी संख्या में लोग शहर से पलायन कर चुके हैं। सिविएरोदोनेत्स्क शहर के बाहरी इलाके में बने विशाल अज़ोत रासायनिक कारखाने की ओर लौटने से पहले यूक्रेन के सैनिकों ने रूसी सेना का डटकर मुकाबला किया। यूक्रेन के सैनिकों ने शहर के भूमिगत ठिकानों में रहकर रूसी सेना का मुकाबला किया। इन ठिकानों में करीब 500 आम लोगों ने भी शरण ली हुई थी।

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हाल के दिनों में यूक्रेनी सेना को घेरने के प्रयास में रूसी सैनिकों ने सिविएरोदोनेत्स्क और पड़ोसी शहर लिसिचन्स्क के अधिकतर इलाकों पर कब्जा कर लिया है। रूस ने पूरे डोनबास क्षेत्र पर कब्जा करने के उद्देश्य से सिविएरोदोनेत्स्क और लिसिचन्स्क शहर को प्रमुख रूप से निशाना बनाया था और इन दोनों ही शहरों पर भीषण हमले हुए थे। डोनबास के लुहांस्क क्षेत्र का 95 प्रतिशत इलाका रूस के कब्जे में आ चुका है। इसके अलावा, डोनबास के दूसरे प्रांत दोनेत्स्क के आधे हिस्से पर भी रूसी सेना और अलगाववादियों का अधिकार हो चुका है।

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