डेनमार्क में सबसे कम उम्र की प्रधानमंत्री बनेंगी मेट्टे फ्रेडेरिकसेन

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डेनमार्क में वर्ष 1988 के बाद तीन सप्ताह के इतने लंबे समय तक वार्ता चली। उन्होंने कहा कि यह राजनीतिक दस्तावेज है। दुनिया का पहला राजनीतिक दस्तावेज है जिसमें हरित लक्ष्यों को प्रधानता दी गयी है।

कोपेनहेगन। हफ्तों तक चली वार्ता के बाद तीन वाम और वामपंथी झुकाव वाले दलों के साथ समझौता होने पर डेनमार्क की सोशल डेमोक्रेट नेता ने घोषणा की है कि वह अल्पमत सरकार बनाएंगी। मेट्टे फ्रेडेरिकसेन (41)डेनमार्क की अब तक की सबसे कम उम्र की प्रधानमंत्री बन जाएंगी। उन्होंने कहा कि अब हम लक्ष्य तक पहुंच गए हैं। हमने दिखाया है कि डेनमार्क वासियों ने वोट दिया तो हम बहुमत वाली सरकार बना सकते हैं।

डेनमार्क में अल्पमत वाली सरकार बनती रही है। जलवायु परिवर्तन, आर्थिक और आव्रजन नीति पर परस्पर विरोधी मांग पर वार्ता केन्द्रित रही। फ्रेडेरिकसेन ने कहा कि वह बुधवार को 18 पन्ने का समझौता प्रस्तुत करेंगी। इससेबृहस्पतिवार को नयी सरकार की रूपरेखा का पता चलेगा। डेनमार्क में वर्ष 1988 के बाद तीन सप्ताह के इतने लंबे समय तक वार्ता चली। उन्होंने कहा कि यह राजनीतिक दस्तावेज है। दुनिया का पहला राजनीतिक दस्तावेज है जिसमें हरित लक्ष्यों को प्रधानता दी गयी है।

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मतदाताओं और वामदलों के बीच यह एक महत्वपूर्ण मुद्दा था। उन्होंने कहा कि हम एक जलवायु योजना, जलवायु पर बाध्यकारी कानून तैयार करेंगे और ग्रीनहाउस गैसों का उत्सर्जन 70 प्रतिशत कम करेंगे। विपक्षी सोशल डेमोक्रेट्स ने 25.9 प्रतिशत मतों के साथ पांच जून को आम चुनाव में जीत हासिल की थी। चुनाव में कई महत्वपूर्ण सहयोगियों की हार के बाद निवर्तमान लिबरल प्रधानमंत्री लार्स लोके रासमुसेन की सरकार की विदाई हो गयी।

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