नेपाल में गहराया राजनीतिक संकट, PM ओली की अनुपस्थिति में प्रचंड ने बुलाई स्थायी समिति की बैठक

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  जुलाई 28, 2020   19:48
नेपाल में गहराया राजनीतिक संकट, PM ओली की अनुपस्थिति में प्रचंड ने बुलाई स्थायी समिति की बैठक

प्रधानमंत्री ओली की अनुपस्थिति में प्रचंड ने बुलाई स्थायी समिति की बैठक बुलाई। काठमांडू पोस्ट की खबर के मुताबिक बैठक में स्थायी समिति के लगभग 25 सदस्य शामिल थे। गत सप्ताह बुधवार को प्रधानमंत्री के आधिकारिक आवास में स्थायी समिति की एक संक्षिप्त बैठक हुई थी।

 काठमांडू। नेपाल की सत्ताधारी कम्युनिस्ट पार्टी (एनसीपी) के कार्यकारी अध्यक्ष पुष्प कमल दहल “प्रचंड” ने मंगलवार को प्रधानमंत्री के पी शर्मा ओली के आधिकारिक आवास पर उनकी अनुपस्थिति में पार्टी की शक्तिशाली स्थायी समिति की एकतरफा बैठक बुलाई जिसके बाद देश में राजनीतिक संकट गहरा गया है। प्रधानमंत्री ओली और प्रचंड के नेतृव वाले असंतुष्ट गुट के बीच मतभेदों को सुलझाने के लिए एनसीपी की 45 सदस्यीय स्थायी समिति की अहम बैठक पूर्वाह्न 11 बजे होने वाली थी। हालांकि इस बैठक को नौंवी बार स्थगित कर दिया गया था। बैठक स्थगित होने की सूचना देते हुए स्थायी समिति के सदस्य गणेश शाह ने कहा था कि ओली और प्रचंड को आपसी मतभेद सुलझाने के लिए और समय चाहिए। प्रधानमंत्री के प्रेस सलाहकार सूर्य थापा ने भी फेसबुक पोस्ट में लिखा कि दोनों नेताओं को बातचीत के लिए थोड़ा और समय चाहिए इसलिए मंगलवार को बैठक स्थगित कर दी गई। उन्होंने कहा था कि दोनों नेताओं की बातचीत के बाद अगली बैठक की तारीख पर निर्णय लिया जाएगा।

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हालांकि पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि ओली ने बिना प्रचंड से पूछे बैठक स्थगित कर दी। प्रचंड के नेतृत्व वाला गुट बलुवातार स्थित प्रधानमंत्री आवास पर पहुंच गया पूर्वाह्न 11 बजे पहुंच गया था और बैठक शुरू करने के लिए ओली का इंतजार किया जा रहा था। पार्टी के नेताओं ने कहा कि ओली के करीबी स्थायी समिति के सदस्यों ने दोपहर में प्रचंड द्वारा बुलाई गई एकतरफा बैठक में हिस्सा नहीं लिया। उन्होंने कहा कि बैठक अपराह्न तीन बजे शुरू हुई और एक घंटे तक चली। काठमांडू पोस्ट की खबर के मुताबिक बैठक में स्थायी समिति के लगभग 25 सदस्य शामिल थे। गत सप्ताह बुधवार को प्रधानमंत्री के आधिकारिक आवास में स्थायी समिति की एक संक्षिप्त बैठक हुई थी। हालांकि प्रधानमंत्री उसमें शामिल नहीं हुए थे। इसके बाद पार्टी गतिविधियों की समीक्षा, सरकार का प्रदर्शन, पार्टी कार्यकर्ताओं और नेताओं के बीच काम के बंटवारे और अन्य संबंधित कामकाज पर चर्चा करने के लिए एक सप्ताह बाद 28 जुलाई को बैठक बुलाने का निर्णय लिया गया था।

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पार्टी में बढ़ती दरार के बीच एनसीपी उपाध्यक्ष बामदेव गौतम ने प्रधानमंत्री ओली और प्रचंड के बीच सुलह कराने के लिए एक ‘बीच का रास्ता’ बताया है। गौतम ने प्रस्ताव दिया है कि ओली को प्रतिनिधि सभा के बचे हुए कार्यकाल के लिए ढाई साल तक प्रधानमंत्री पद पर रहने दिया जाए और उन्हें दिसंबर मध्य तक पार्टी अध्यक्ष रहने दिया जाए जब तक कि ओली द्वारा प्रस्तावित आम सभा की बैठक नहीं हो जाती। इसी प्रकार प्रचंड को पार्टी अध्यक्ष के रूप में तब तक जिम्मेदारी संभालने दी जाए जब तक आम सभा की बैठक नहीं हो जाती। गौतम ने प्रस्ताव दिया है कि ओली को स्वतंत्र रूप से सरकार चलाने की अनुमति दी जाए और राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय महत्व के मुद्दों पर निर्णय लेने से पहले उन्हें पार्टी में सलाह लेनी होगी। प्रस्ताव में सुरक्षा अधिकारियों और नौकरशाहों की पदोन्नति और स्थानांतरण के लिए नियम तय करने, मंत्रिमंडल में फेरबदल करने इत्यादि मुद्दों पर पार्टी की राय लेने का प्रावधान किया गया है। गौतम ने यह भी प्रस्ताव दिया है कि पार्टी की सभी बैठक पार्टी के केंद्रीय कार्यालय में हो न कि प्रधानमंत्री के आवास पर।





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