पाक अदालत ने भारतीय महिला को लौटने की दी अनुमति

इस्लामाबाद उच्च न्यायालय ने पाकिस्तानी व्यक्ति पर जबरन शादी करने का आरोप लगाने के बाद भारतीय दूतावास में शरण लेने वाली भारतीय महिला को भारत लौटने की आज अनुमति दे दी।

इस्लामाबाद। इस्लामाबाद उच्च न्यायालय ने पाकिस्तानी व्यक्ति पर जबरन शादी करने का आरोप लगाने के बाद यहां भारतीय दूतावास में शरण लेने वाली भारतीय महिला को भारत लौटने की आज अनुमति दे दी। उजमा इस महीने पाकिस्तान आई थी। उसने आरोप लगाया कि पाकिस्तानी नागरिक ताहिर अली ने बंदूक का डर दिखाकर उसे शादी करने के लिए ‘‘मजबूर’’ किया। न्यायमूर्ति मोहसिन अख्तर कियानी उजमा और अली की याचिकाओं पर सुनवाई कर रहे थे।

उजमा ने अनुरोध किया था कि उसे भारत भेजा जाए जबकि अली ने कहा था कि उसे अपनी पत्नी से मिलने दिया जाए। पाकिस्तानी अखबार ‘द डॉन’ की खबर के मुताबिक, उच्च न्यायालय ने नई दिल्ली की रहने वाली उजमा को आश्वासन दिया कि वह किसी भी समय भारत लौटने के लिए स्वतंत्र हैं और उसे पुलिस सुरक्षा के साथ वाघा बार्डर पर भेजा जाएगा। सुनवाई के दौरान न्यायाधीश ने उजमा से पूछा कि क्या वह अपने पति से बात करना चाहती है लेकिन उसने इनकार कर दिया। उसने आरोप लगाया कि उसके यात्रा दस्तावेज अली ने चुरा लिए थे। उजमा ने 12 मई को अदालत में याचिका दायर की थी और एक मेडिकल रिपोर्ट सौंपी थी जिसमें उसने दिखाया था कि उसकी बेटी थलीसीमिया से पीड़ित है और उसे तुरंत भारत भेजे जाने की जरूरत है। खबरों के अनुसार, उजमा और अली की मुलाकात मलेशिया में हुई थी और उन दोनों को प्यार हो गया था जिसके बाद वह वाघा बार्डर के रास्ते से एक मई को पाकिस्तान आयी। दोनों ने तीन मई को निकाह किया था।

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