श्रीलंकाई नागरिक की हत्या पर पाकिस्तानी सेना का सख्त रूख, कहा- ऐसी घटनाओं को बर्दाश्‍त नहीं किया जाएगा

श्रीलंकाई नागरिक की हत्या पर पाकिस्तानी सेना का सख्त रूख, कहा- ऐसी घटनाओं को बर्दाश्‍त नहीं किया जाएगा

एक भयानक घटना में, 49 वर्षीय प्रियंता कुमारा दियावदाना नामक एक कपड़ा कारखाने के काम करने वाले श्रीलंकाई शख्स को एक कट्टरपंथी इस्लामी पार्टी के नाराज समर्थकों ने लिचिंग करके पहले मार डाला फिर उसके शरीर को जला दिया।

पाकिस्तान के शीर्ष सैन्य अधिकारियों ने सियालकोट में पिछले सप्ताह एक उग्र भीड़ के हाथों श्रीलंकाई नागरिक की लिचिंग कर हत्या जैसी घटनाओं के प्रति "जीरो टालरेंस" की नीति व्यक्त करते हुए देश से आतंकवाद और चरमपंथ के रूपों को मिटाने की आवश्यकता को रेखांकित किया। एक भयानक घटना में, 49 वर्षीय प्रियंता कुमारा दियावदाना नामक एक कपड़ा कारखाने के काम करने वाले श्रीलंकाई शख्स को एक कट्टरपंथी इस्लामी पार्टी के नाराज समर्थकों ने लिचिंग करके पहले मार डाला फिर उसके शरीर को जला दिया। ईशनिंदा के आरोपों को लेकर पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में इस तरह की विभित्स घटना को अंजाम दिया गया। इस घटना की श्रीलंकाई और पाकिस्तानी नेताओं ने व्यापक निंदा की है।

पाकिस्तानी अधिकारियों ने 800 से अधिक लोगों पर आतंकवाद के आरोप में मामला दर्ज किया है, जबकि गिरफ्तार किए गए 118 लोगों में से 13 प्रमुख संदिग्ध हैं। सियालकोट में जघन्य हत्या की घटना को ध्यान में रखते हुए फोरम ने स्पष्ट रूप से ऐसे तत्वों के लिए जीरो टॉलरेंस की पुष्टि की ताकि देश से चरमपंथ और आतंकवाद का खात्मा किया जा सके। आर्मी चीफ जनरल कमर जावेद बाजवा ने रावलपिंडी में जनरल मुख्यालय में आयोजित 245वें कोर कमांडरों के सम्मेलन की अध्यक्षता की। पाकिस्तानी मीडिया की तरफ से जारी बयान के अनुसार प्रतिभागियों ने वैश्विक, क्षेत्रीय और घरेलू सुरक्षा परिवेश की समीक्षा की गई।  

सियालकोट के जिला पुलिस अधिकारी उमर सईद मलिक ने कहा कि पीड़ित का नाम प्रियंता कुमारा था और वो श्रीलंका का रहने वाला था, जिसकी हत्या की जा चुकी है।पंजाब पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि यहां से करीब सौ किलोमीटर दूर सियालकोट जिले की एक फैक्टरी में करीब 40 वर्षीय प्रियंता कुमारा महाप्रबंधक के तौर पर काम करते थे। अधिकारी ने बताया, ‘‘कुमारा ने कट्टरपंथी तहरीक-ए-लब्बैक पाकिस्तान (टीएलपी) के एक पोस्टर को कथित तौर पर फाड़ दिया जिसमें कुरान की आयतें लिखी थीं और फिर उसे कचरे के डिब्बे में फेंक दिया। ‘‘ईशनिंदा’’ की घटना को लेकर आसपास के इलाकों से सैकड़ों लोग फैक्टरी के बाहर इकट्ठा होने लगे। उसे बुरी तरह मारा-पीटा गया। इतने से ही मन नहीं भड़ा तो हैवानों ने उस श्रीलंकाई शख्स को आग के हवाले कर दिया।