• अफगानिस्तान के राजदूत की बेटी के अपहरण मामले को शीघ्र सुलझाने का पाकिस्तान ने किया वादा

पाकिस्तान में अफगानिस्तान के राजदूत नजीबुल्लाह अलीखिल की 26वर्षीय बेटी का शुक्रवार को इस्लामाबाद में अज्ञात लोगों ने ‘अपहरण किया’’,‘‘ प्रताड़ित किया’’और उसके साथ ‘‘मारपीट’’ की। सिलसिला अलीखिल को उस वक्त अगवा किया गया जब वह किराए के वाहन से कहीं जा रही थीं।

इस्लामाबाद। पाकिस्तान के गृह मंत्री शेख राशिद ने रविवार को कहा कि अफगानिस्तान के राजदूत की बेटी के अपहरण से पहले जिन तीन टैक्सियों से उन्होंने सफर किया था, उनके चालकों से पूछताछ की गई है। साथ ही उन्होंने इस मामले को शीघ्र सुलझा लेने की उम्मीद जताई है। पाकिस्तान में अफगानिस्तान के राजदूत नजीबुल्लाह अलीखिल की 26वर्षीय बेटी का शुक्रवार को इस्लामाबाद में अज्ञात लोगों ने ‘अपहरण किया’’,‘‘ प्रताड़ित किया’’और उसके साथ ‘‘मारपीट’’ की। सिलसिला अलीखिल को उस वक्त अगवा किया गया जब वह किराए के वाहन से कहीं जा रही थीं। रिहा करने से पहले उन्हें कई घंटे बंधक बनाए रखा गया।

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अलीखिल राजधानी के एफ-9 पार्क इलाके में पाई गई थीं और उनके शरीर पर चोट के निशान थे। गृह मंत्री शेख राशिद ने मीडिया को बताया,‘‘पुलिस अफगान राजदूत की बेटी के मामले की जांच कर रही है.....हमने उनके (अलीखिल) अनुरोध पर मामला दर्ज कर लिया है।’’ समाचारपत्र डॉन की एक रिपोर्ट के अनुसार जिन तीन टैक्सियों पर अलीखिल बैठी थीं, उनके चालकों के बयान दर्ज कर लिए गए हैं। राशिद ने कहा कि अपहरणकर्ताओं को शीघ्र गिरफ्तार कर लिया जाएगा और अधिकारी जांच की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं,साथ ही उन्होंने वादा किया कि पुलिस जांच पूरी होने पर सारी जानकारी साझा की जाएगी। उन्होंने बताया कि पहला टैक्सी चालक उन्हें खाद्दर बाजार ले कर गया, दूसरा चालक उन्हें रावलपिंडी और तीसरा चालक उन्हें दमन-आई-कोह से ले कर आया। रावलपिंडी से दमन-आई-कोह तक की यात्रा के फुटेज मिल नहीं रहे हैं और मामले की जांच की जा रही है।

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इस बीच, अलीखिल की ओर से पुलिस को दिए गए बयान में कहा गया कि वह एक उपहार खरीदने गई थीं और उन्होंने एक टैक्सी किराए पर ली। लौटते वक्त पांच मिनट की यात्रा के बाद टैक्सी चालक वाहन सड़क किनारे ले गया। वहीं एक और व्यक्ति आ गया और उस पर चिल्लाने लगा और उसके बाद उसने मारपीट शुरू कर दी। राजदूत की बेटी ने कहा,‘‘ मैं डर के मारे बेहोश हो गई।’’ अलीखिल ने कहा कि होश आने पर उन्होंने खुद को ‘‘गंदे स्थान’’ पर पाया। इसके बाद उन्होंने पास के एक पार्क में जाने के लिए टैक्सी की और वहां से अपने पिता के सहयोगी को फोन किया,जो उन्हें घर ले कर गए। अफगानिस्तान के विदेश मंत्रालय ने पाकिस्तान में अफगान राजदूतों और उनके परिवारों की सुरक्षा के प्रति चिंता जताई है।