कोरोना वायरस से मर रही जनता, वैक्सीन लगवाने की बजाए बैलिस्टिक मिसाइलों का परीक्षण कर रहा है तानाशाह किम जोंग

कोरोना वायरस से मर रही जनता, वैक्सीन लगवाने की बजाए बैलिस्टिक मिसाइलों का परीक्षण कर रहा है तानाशाह किम जोंग
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उत्तर कोरिया में कोरोना वायरस कहर मचा रहा है, 3 लाख के ज्यादा लोग बुखार से पीड़ित हैं, जनता कूपोषण का शिकार हो रही है, मौत के आंकड़े लगातार बढ़ रहे हैं ऐसे में वैक्सीन की व्यवस्था ना करके तानाशाह मिलाइलों का परीक्षण कर रहा हैं।

जब पूरी दुनिया में कोरोना वायरस महामारी तांडव मचा रही थी तब केवल उत्तर कोरिया ही ऐसा देश था जहां कि कोई भी कोरोना वायरस की खबरें मीडिया में नहीं आ रही थी। कोरोना वायरस शायद उत्तर कोरिया की दहलीज पार नहीं कर पाया। उत्र कोरिया के तानाशाह शासक किम जोंग-उन को कभी भी मास्क का प्रयोग करते हुए नहीं देखा गया लेकिन अब जब कोरोना वायरस की दो खौफनाक लहरों का पूरी दुनिया सामना कर चुकी है और तीसरी लहर की शुरूआत हो चुकी है तो इस बार उत्तर कोरिया में पहले कोरोना वायरस से संक्रमित केस की पुष्टि हो गयी है। केस की पुष्टि होने के बाद किम जोंग-उन को भी पहली बार मास्क पहने देखा गया। देश में मनमुताबिक नियमों को लागू करने वाले, अमेरिका की आंखों में आंखे डाल कर परमाणु परीक्षण करने वाले, दुनिया से न डरने वाले उत्तर कोरिया के तानाशाह किम जोंग-उन को भी आखिर अपनी जान का डर सताने लगा और आखिरकार उन्होंने भी अपने को मास्क से कवर कर लिया। इसके अलावा जहां एक तरफ कोरोना वायरस देश में कहर मचा रहा है, 3 लाख के ज्यादा लोग बुखार से पीड़ित हैं, जनता कुपोषण का शिकार हो रही है, मौत के आंकड़े लगातार बढ़ रहे हैं ऐसे में वैक्सीन की व्यवस्था ना करके तानाशाह मिलाइलों का परिक्षण कर रहा हैं। दक्षिण कोरिया की सेना ने कहा कि उत्तर कोरिया ने कम दूरी की मारक क्षमता वाली तीन बैलिस्टिक मिसाइलों का समुद्र की तरफ प्रक्षेपण किया है। यह परीक्षण इस साल हथियारों के प्रदर्शन की श्रृंखला में नवीनतम कड़ी है जो महामारी की शुरुआत के बाद से देश में संक्रमण का पहला मामला सामने आने के कुछ घंटों बाद किया गया है। यह वायरस के प्रकोप के बावजूद उत्तर कोरिया के अपने शस्त्रागार को बढ़ाने के दृढ़ संकल्प को रेखांकित करता है और देश के नेता किम जोंग उन के लिये समर्थन जुटाने के साथ ही लंबे समय से अटकी परमाणु कूटनीति में विरोधियों पर दबाव डालने का भी काम कर सकता है।

उत्तर कोरिया में कोरोना वायरस की अपडेट

उत्तर कोरिया ने बताया कि देश में बुखार से पीड़ित छह लोगों की मौत हुई है, जिनमें से एक व्यक्ति के कोरेाना वायरस के ‘ओमीक्रोन’ स्वरूप से संक्रमित होने की पुष्टि हुई थी। देश में हाल में 3.5 लाख लोग बुखार से पीड़ित पाए गए हैं। उत्तर कोरिया ने देश में कोविड-19 वैश्विक महामारी के पहले मामले की पुष्टि करने के एक दिन बाद यह जानकारी दी है। कमजोर स्वास्थ्य प्रणाली वाले देश में संक्रमण के प्रकोप के सटीक आंकड़ों की जानकारी अभी तक नहीं मिल पाई है। 


कोरोना वायरस की वैक्सीन उत्तर कोरिया के लोगों को नहीं लगी

उत्तर कोरिया में अधिकतर आबादी को कोविड-19 रोधी टीके नहीं लगे हैं और कुपोषण की समस्या भी चरम पर है। ऐसा कहा जा रहा है कि उत्तर कोरिया में कोविड-19 संबंधी जांच करने की उचित व्यवस्था नहीं है और उसके पास अन्य चिकित्सकीय उपकरणों की भी कमी है। उत्तर कोरिया की आधिकारिक ‘कोरियन सेंट्रल न्यूज एजेंसी’ (केसीएनए) के अनुसार, अप्रैल के अंत से करीब 3.5 लाख लोग बुखार से पीड़ित हुए, जिनमें से 1,62,200 लोग ठीक हो चुके हैं। केवल बृहस्पतिवार को ही 18,000 लोग बुखार से पीड़ित पाए गए थे। वहीं, 1,87,800 लोगों को इलाज के लिए पृथक किया गया है। ‘केसीएनए’ ने बताया कि जिन छह लोगों की मौत हुई है, उनमें से एक व्यक्ति के कोरेाना वायरस के ‘ओमीक्रोन’ स्वरूप से संक्रमित होने की पुष्टि हुई थी। देश में कोरोना वायरस से संक्रमित लोगों की सटीक संख्या अभी स्पष्ट नहीं है। उत्तर कोरिया ने कोविड-19 वैश्विक महामारी फैलने के दो साल से अधिक समय बाद बृहस्पतिवार को संक्रमण के पहले मामले की पुष्टि की थी और उसके प्रसार को रोकने के लिए राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन की घोषणा की थी।

एक तरफ कोरोना का प्रकोप दूसरी बैलिस्टिक मिसाइलों को परिक्षण कर रहा किम जोंग

दक्षिण कोरिया की सेना ने कहा कि उत्तर कोरिया ने कम दूरी की मारक क्षमता वाली तीन बैलिस्टिक मिसाइलों का समुद्र की तरफ प्रक्षेपण किया है। यह परीक्षण इस साल हथियारों के प्रदर्शन की श्रृंखला में नवीनतम कड़ी है जो महामारी की शुरुआत के बाद से देश में संक्रमण का पहला मामला सामने आने के कुछ घंटों बाद किया गया है। यह वायरस के प्रकोप के बावजूद उत्तर कोरिया के अपने शस्त्रागार को बढ़ाने के दृढ़ संकल्प को रेखांकित करता है और देश के नेता किम जोंग उन के लिये समर्थन जुटाने के साथ ही लंबे समय से अटकी परमाणु कूटनीति में विरोधियों पर दबाव डालने का भी काम कर सकता है। दक्षिण कोरिया के ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ ने एक बयान में कहा कि उत्तर कोरिया के राजधानी क्षेत्र से बृहस्पतिवार अपराह्न तीन मिसाइलें देश के पूर्वी तट की तरफ दागी गईं। 

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कोरोना की वैक्सीन की जगह बैलिस्टिक मिसाइलों को छोड़ रहे हैं किम जोंग

बयान में कहा गया कि अमेरिका के साथ करीबी समन्वय कायम रखते हुए दक्षिण कोरियाई सेना ने अपनी तैयारी और निगरानी बढ़ा दी है। जापान ने भी उत्तर कोरिया द्वारा परीक्षण किए जाने की जानकारी दी। जापानी प्रधानमंत्री फुमियो किशिदा के कार्यालय के अनुसार, उन्होंने अधिकारियों को प्रक्षेपण का विश्लेषण करने, क्षेत्र में विमानों और जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और किसी भी संभावित आपात स्थिति को लेकर सतर्कता बरतने और तैयार रहने के लिए हर संभव प्रयास करने का निर्देश दिया। जापानी तट रक्षक ने कहा कि उत्तर कोरिया की एक संभावित बैलिस्टिक मिसाइल के बारे में माना जाता है कि वह समुद्र में गिरी। उसने जापानी तटों के आसपास के जहाजों से गिरने वाली वस्तुओं पर नजर रखने और अधिकारियों को इसकी सूचना देने का आग्रह किया। इससे पहले आज दिन में उत्तर कोरिया में संक्रमण के पहले मामले की पुष्टि करने के बाद देश के नेता किम जोंग-उन ने वायरस का प्रसार रोकने के लिए राष्ट्रव्यापी पूर्ण लॉकडाउन लगाने का आदेश दिया है।

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उत्तर कोरिया में गरीबी, भुखमरी की मार के बीच अब लॉकडाउन की मार

कोविड-19 वैश्विक महामारी फैलने के दो साल से अधिक समय बाद उत्तर कोरिया के सरकारी मीडिया ने संक्रमण के पहले मामले की पुष्टि की। हाल के महीनों में, उत्तर कोरिया ने मिसाइलों के कई परीक्षण किए हैं, जिसे विशेषज्ञ उसके द्वारा हथियारों के आधुनिकीकरण का प्रयास और अमेरिका व उसके सहयोगियों पर उसे परमाणु राज्य के रूप में स्वीकार करने और प्रतिबंधों में ढील देने का दबाव बनाने के तौर पर देखते हैं। कुछ पर्यवेक्षकों का कहना है कि बढ़ते वायरस रोधी कदमों के बावजूद, उत्तर कोरिया लोगों का मनोबल बढ़ाने तथाराष्ट्रीय एकता को मजबूत करने की कोशिश के तहत अपने हथियारों के परीक्षण जारी रखेगा। 

रूढ़िवादी दक्षिण कोरियाई राष्ट्रपति यून सुक येओल के पद संभालने के बाद आज यह उत्तर कोरिया की तरफ से किया गया पहला परीक्षण था। यून के कार्यालय ने कहा कि उनके राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार किम सुंग-हान प्रक्षेपणों पर चर्चा के लिए एक बैठक बुलाने की योजना बना रहे थे। उत्तर कोरिया का भविष्य में होने वाली बातचीत में अपना दावा मजबूत करने के लिये सियोल व वाशिंगटन में नई सरकार के आने पर इस तरह के परीक्षण किये जाने का इतिहास रहा है। यून जब अगले हफ्ते सियोल में अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन से मुलाकात करेंगे तो उत्तर कोरियाई परमाणु खतरा उनके एजेंडे में शीर्ष पर रहने की उम्मीद है। उत्तर कोरिया द्वारा हाल में जिन हथियारों का परीक्षण किया गया है उनमें विभिन्न प्रकार की परमाणु-सक्षम मिसाइलें शामिल हैं जो संभावित रूप से दक्षिण कोरिया, जापान या अमेरिकी मुख्य भूमि तक मार करने में सक्षम हैं।