पाक सेना की निंदा करने पर राजनीतिक कार्यकर्ता गिरफ्तार

पाक सेना को सरकार के साथ उसके कथित मनमुटाव के लेकर सोशल मीडिया पर कथित रूप से बदनाम करने के मामले में इमरान खान की पार्टी के एक राजनीतिक कार्यकर्ता गिरफ्तार किया गया है।

लाहौर। पाकिस्तान की शक्तिशाली सेना को सरकार के साथ उसके कथित मनमुटाव के लेकर सोशल मीडिया पर कथित रूप से बदनाम करने के मामले में इमरान खान की पार्टी के एक राजनीतिक कार्यकर्ता गिरफ्तार किया गया है। यह पाकिस्तान के विवादास्पद साइबर अपराध कानून के तहत दर्ज किया गया पहला मामला है। संघीय जांच एजेंसी ने सेना एवं सत्तारूढ़ पीएमएल-एन के कुछ मंत्रियों के बारे में आपत्तिजनक भाषा के इस्तेमाल को लेकर पाकिस्तान तहरीक ए इंसाफ के कार्यकर्ता अदनान अफजल को लाहौर में मंगलवार को गिरफ्तार किया।

राष्ट्रीय सुरक्षा के मामले पर पिछले साल अक्तूबर में डॉन समाचार पत्र में छपी एक खबर की जांच के लिए गठित समिति की निष्कर्ष संबंधी नवाज शरीफ सरकार की अधिसूचना को ‘‘खारिज’’ करते हुए सेना की मीडिया शाखा इंटर सर्विसेस पब्लिक रिलेशंस ने एक ट्वीट किया था। इस ट्वीट को 10 मई को वापस ले लिया गया था। इसके बाद संदिग्ध ने सैन्य कर्मियों की निंदा की थी। विपक्षी दलों ने आरोप लगाया है कि शरीफ की सरकार ने अक्तूबर में राष्ट्रीय सुरक्षा बैठक की विषयवस्तु लीक करके खबर में भारत के पक्ष का समर्थन किया। इस बैठक की अध्यक्षता प्रधानमंत्री शरीफ ने की थी। शरीफ ने बैठक के दौरान सेना से कहा था कि वह वर्ष 2008 में मुंबई में हुए हमले के मास्टमाइंड हाफिज सईद के नेतृत्व वाले जेयूडी और जेईएम एवं हक्कानी नेटवर्क जैसे संगठनों के खिलाफ कार्रवाई करे अन्यथा देश अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अलग थलग पड़ जाएगा। सरकार ने डॉन को बैठक की सूचना लीक करने के लिए जिम्मेदार लोगों का पता लगाने के लिए गठित जांच समिति की सिफारिश पर संघीय सूचना मंत्री परवेज राशिद, विदेश मामलों पर प्रधानमंत्री के विशेष सहायक तारिक फातेमी और प्रेस सूचना अधिकारी राव तहसीन को पदों से हटा दिया था।

एफआईए के एक अधिकारी ने कहा, ‘‘खबर के संबंध में आईएसपीआर द्वारा अपने ट्वीट वापस लिए जाने के बाद संदिग्ध ने सैन्य कमान के बारे में आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया।’’ एफआईए लाहौर में साइबर अपराध शाखा प्रमुख शाहिद हसन ने कहा, ‘‘हमने इलेक्ट्रानिक अपराध रोकथाम कानून एवं पाकिस्तान दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत उसके खिलाफ मामला दर्ज किया है और उसे इसके लिए कुल 13 साल कारावास की सजा हो सकती है।’’ उन्होंने कहा कि संदिग्ध सैन्य कर्मियों के खिलाफ एक फेसबुक पेज संचालित कर रहा था और उसने कई ऐसे ट्वीट भी किए थे।

अधिकारी ने कहा कि एफआईए ने और भी संदिग्धों को चिह्नित किया है और उन्हें जल्द ही हिरासत में लिया जाएगा। इससे पहले भी एफआईए ने सोशल मीडिया पर सेना विरोधी मुहिम के संबंध में 20 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया था लेकिन उनके खिलाफ आरोप तय नहीं हो पाने पर उन्हें रिहा कर दिया गया था। विपक्षी दलों ने सोशल मीडिया पर प्रतिबंध लगाने के प्रयासों का विरोध करने का संकल्प लिया है। इमरान खान की पार्टी ने कहा है कि वह राजनीतिक कार्यकर्ताओं एवं सोशल मीडिया कार्यकर्ताओं के खिलाफ सरकारी एजेंसियों के ‘‘अवैध कदमों’’ के विरोध में अदालत जाएगी।

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