बांग्लादेश में चक्रवाती तूफान मोरा से छह लोगों की मौत

बांग्लादेश में आज चक्रवाती तूफान मोरा की वजह से छह लोगों की मौत हो गयी। चक्रवात के दौरान तेज हवाओं के कारण तटीय क्षेत्रों से करीब 3,00,000 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया।

ढाका। बांग्लादेश में आज चक्रवाती तूफान मोरा की वजह से कम से कम छह लोगों की मौत हो गयी। चक्रवात के दौरान 150 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार वाली हवाओं के कारण तटीय क्षेत्रों से करीब 3,00,000 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। बांग्लादेश के मौसम विज्ञान विभाग ने एक विशेष मौसम बुलेटिन में कहा कि चक्रवाती तूफान उत्तरी बंगाल की खाड़ी में उत्तर की ओर बढ़ गया और कोक्स बाजार और चटगांव के मुख्य बंदरगाह के बीच स्थानीय समयानुसार सुबह छह बजे पहुंचा। आगे इसके उत्तरी दिशा में बढ़ने की संभावना है।

स्थानीय मीडिया की खबर के मुताबिक कॉक्स बाजार और रंगामती में तूफान के दौरान छह लोगों में से एक की मौत हृदयाघात से और बाकी की मौत पेड़ और मकान गिरने से हुई। ‘डेली स्टार’ की रिपोर्ट के अनुसार मोरा के कारण बांग्लादेश की उत्तरी खाड़ी, तटीय जिलों और समुद्री बंदरगाहों में बारिश या गरज के साथ छींटे पड़े और जोरदार हवाएं चलीं। कोक्स बाजार के मौसम विज्ञान विभाग के अधिकारी एकेएम नजमुल हक ने कहा, ‘‘सुबह छह बजे से सात बजे के बीच सैंट मार्टिंस द्वीप में हवाएं 130 किलोमीटर प्रति घंटा और कोक्स बाजार में 150 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलीं।’’ चटगांव अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा और कोक्स बाजार हवाई अड्डे पर आने-जाने वाली सभी उड़ानें भी रद्द कर दी गईं। ‘बीडी न्यूज’ ने आपदा प्रबंधन मंत्रालय के नियंत्रण कक्ष के एक प्रवक्ता अतिरिक्त सचिव गुलाम मुस्तफा के हवाले से कहा कि करीब 3,00,000 लोगों को उन 10 जिलों से सुरक्षित आश्रयों में पहुंचाया गया, जहां चक्रवात आने का सबसे अधिक खतरा था।

आपदा प्रबंधन मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा, ‘‘तटीय इलाके के लोगों को कम से कम 400 चक्रवात आश्रय स्थलों या स्कूलों एवं सरकारी कार्यालयों जैसे सुरक्षित स्थानों पर ले जाया गया।’’ पड़ोस के म्यांमार में दमन या हिंसा के बाद वहां से निकलकर अस्थायी घरों में रहने वाले रोहिंग्या शरणार्थियों को लेकर भी चिंता बनी हुयी है। कोक्स बाजार, चटगांव, नौखली, लक्ष्मीपुर, फेनी, चांदपुर, बारगुना, पतौखाली, भोला, बरिसाल और पीरोजपुर में ‘मोरा’ का खतरा बना हुआ है।

प्रधानमंत्री शेख हसीना भी वियना से स्थिति पर नजर बनाए हुए है। वह वियना परमाणु ऊर्जा पर एक सम्मेलन में हिस्सा लेने पहुंची हैं। प्रधानमंत्री के प्रेस सचिव एहसानहुल करीम ने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री तूफान की स्थिति को लेकर ढाका से लगातार संपर्क में हैं। तूफान से निपटने के लिए उन्होंने सभी प्रकार की तैयारियों के आदेश दिए हैं।’’ अगला आदेश जारी होने तक मछली पकड़ने की नौकाओं और जहाजों को उत्तरी खाड़ी और गहरे समुद्र से दूर रहने को कहा गया है। मौसम विज्ञान विभाग ने ‘मोरा’ के अत्यधिक प्रभावी होने के बाद 10 के पैमाने पर चेतावनी संकेत का उच्चतम स्तर जारी किया।

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