• पुराने ढर्रे पर लौटा तालिबान, चौराहों पर क्रेन से शवों को लटकाना किया शुरू !

चौक के किनारे एक फार्मेसी चलाने वाले वज़ीर अहमद सिद्दीकी ने 'द एसोसिएटेड प्रेस' को जानकारी दी कि चार शवों को चौराहे पर लाया गया लेकिन तीन शवों को शहर के अन्य हिस्सों पर प्रदर्शित करने के लिए ले जाया गया।

काबुल। अफगानिस्तान में तालिबान का राज स्थापित होने के बाद अत्याचार, बर्बरता और क्रूरता ही खबरें सामने आने लगी हैं। आपको बता दें कि तालिबान ने पश्चिमी अफगानिस्तान के हेरात शहर के मुख्य चौराहे में एक शव को क्रेन से लटका दिया। प्रत्यक्षदर्शियों ने इसकी जानकारी दी। सोशल मीडिया में क्रेन से लटकाए गए शव का वीडियो भी वायरल हो रहा है। 

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चौक के किनारे एक फार्मेसी चलाने वाले वज़ीर अहमद सिद्दीकी ने 'द एसोसिएटेड प्रेस' को जानकारी दी कि चार शवों को चौराहे पर लाया गया लेकिन तीन शवों को शहर के अन्य हिस्सों पर प्रदर्शित करने के लिए ले जाया गया। सिद्दीकी ने बताया कि चौराहे पर तालिबान ने घोषणा की कि यह चार लोग अपहरण में शामिल थे जिन्हें पकड़ लिया गया था लेकिन पुलिस ने उन्हें मार डाला। यह कह पाना मुश्किल था कि चारों पुलिस की गोलीबारी में मारे गए या फिर गिरफ्तारी के बाद उन्हें मार दिया गया।

हाल ही में तालिबान के संस्थापकों में से एक रहे मुल्ला नूरुद्दीन तुराबी ने 'द एसोसिएटेड प्रेस' को बताया था कि अफगानिस्तान में एकबार फिर फांसी और अंगों को काटने की सजा दी जाएगी। 

तालिबान पर हैं सभी की निगाहें

15 अगस्त को काबुल में तालिबान की एंट्री के साथ ही अमेरिकी समर्थित अशरफ गनी सरकार गिर गई और फिर तालिबान ने कुछ हफ्तों के बाद सरकार गठन का ऐलान कर दिया। अफगानिस्तान का यह पूरा घटनाक्रम विश्व के तमाम देश देख रहे थे। सभी की निगाहें इस वक्त तालिबान पर टिकी हुई हैं कि वह पहले की तरह फिर से कठोर और क्रूर शासन तो नहीं करने वाला है। 

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हालांकि तालिबान के द्वारा किए जाने वाले अत्याचारों की लगातार खबरें सामने आ रही हैं। कभी पत्रकारों को पीटने की खबर तो कभी पुलिस अधिकारियों को मौत के घाट उतार देने की खबर इत्यादि।