क्या आपको पता है कि इस नई मशीन से शरीर के बाहर भी सुरक्षित रहेगा लिवर?

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  जनवरी 14, 2020   15:56
  • Like
क्या आपको पता है कि इस नई मशीन से शरीर के बाहर भी सुरक्षित रहेगा लिवर?

लंदन के रिसर्च ने एक ऐसी नयी मशीन विकसित की है जो मनुष्यों के जख्मी लिवर का इलाज कर सकती है और उन्हें एक सप्ताह तक शरीर के बाहर भी जिंदा रख सकती है।पत्रिका नेचर बायोटेक्नोलॉजी में छपे अनुसंधान में इस मशीन को जटिल ‘परफ्यूजन’ प्रणाली बताया गया है जो यकृत के कामों की नकल करती है।

लंदन। अनुसंधानकर्ताओं ने एक ऐसी नयी मशीन विकसित की है जो मनुष्यों के जख्मी यकृत का इलाज कर सकती है और उन्हें एक सप्ताह तक शरीर के बाहर भी जिंदा रख सकती है। इस अनुसंधान से प्रतिरोपण के लिए उपलब्ध मानव अंगों की संख्या बढ़ सकती है। स्विट्जरलैंड में ईटीएच ज्यूरिख समेत अनुसंधानकर्ताओं के अनुसार, जख्मी यकृत नयी प्रौद्योगिकी के सहयोग से कई दिनों तक पूरी तरह से काम कर सकते हैं। साथ ही उनमें यकृत बीमारी या कैंसर से पीड़ित मरीजों की जान बचाने की क्षमता भी है।

इसे भी पढ़ें: ट्रम्प का दावा, दिल्ली और लंदन आंतकी हमलों के षड्यंत्र में शामिल था कासिम सुलेमानी

पत्रिका नेचर बायोटेक्नोलॉजी में छपे अनुसंधान में इस मशीन को जटिल ‘परफ्यूजन’ प्रणाली बताया गया है जो यकृत के कामों की नकल करती है। ईटीएच ज्यूरिख के सह-लेखक पियरे एलें क्लेवें ने कहा, ‘‘सर्जनों, जीव विज्ञानियों और इंजीरियरों के एक समूह की चार साल की मेहनत के बाद बनी अनोखी परफ्यूजन प्रणाली की सफलता ने प्रतिरोपण में कई नये अनुप्रयोगों का मार्ग प्रशस्त कर दिया है।’’जब 2015 में यह परियोजना शुरू हुई थी तो वैज्ञानिकों ने कहा था कि यकृत को मशीन पर केवल 12 घंटे तक जीवित रखा जा सकता है।

इसे भी देखें- महिलाओं में ज्यादा होता है इन अंगों में कैंसर होने का खतरा, जानिए इनसे जुड़े लक्षण





Disclaimer:प्रभासाक्षी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।




This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.Accept