रक्षा बकाया पर ट्रंप ने नाटो सहयोगियों को फटकारा

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा, ‘‘28 सदस्य देशों में से 23 ने अब तक अपनी उन देनदारियों का भुगतान नहीं किया है, जो उनके अपने रक्षा के मद के लिए था।’’

ब्रसेल्स। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रक्षा बिल की अपनी-अपनी हिस्सेदारी के भुगतान में नाकाम रहने पर नाटो सहयोगियों को बुरी तरह लताड़ा है। अमेरिकी राष्ट्रपति ने ब्रसेल्स में अपने पहले नाटो सम्मेलन के दौरान गठबंधन के सहयोगियों पर ‘‘बड़ी राशि’’ की देनदारी का आरोप लगाया। नाटो के नये मुख्यालय में 9-11 हमले की याद में बने एक स्मारक का गुरुवार को अनावरण करते हुए ट्रंप ने गठबंधन सहयोगियों से मैनचेस्टर हमले के मद्देनजर आतंकवाद और आव्रजन के प्रति और सख्त रवैया अपनाने को कहा।

गठबंधन सहयोगियों को ट्रंप से नाटो के अनुच्छेद पांच के सामूहिक रक्षा अनुदान के लिये उनकी प्रतिबद्धता की सार्वजनिक घोषणा सुनने की उम्मीद थी, लेकिन उन्हें निराशा हाथ लगी क्योंकि ट्रंप ने अपने संबोधन में इसका कोई जिक्र नहीं किया, बजाय इसके उनके ही घर में उन्हें फटकार मिली। अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा, ‘‘28 सदस्य देशों में से 23 ने अब तक अपनी उन देनदारियों का भुगतान नहीं किया है, जो उनके अपने रक्षा के मद के लिए था।’’ ट्रंप ने कहा, ‘‘यह अमेरिका के लोगों और वहां के करदाताओं के लिये न्यायोचित नहीं हैं। बीते कई वर्षों में इनमें से कई देशों पर भारी रकम की देनदारी है।’’

समापन संवाददाता सम्मेलन में नाटो प्रमुख जेन्स स्टोल्टेनबर्ग से ट्रंप की टिप्पणियों के बारे में कई बार पूछे गए सवालों के जवाब में उन्होंने कहा कि भले ही राष्ट्रपति का लहजा तल्ख था लेकिन उनका संदेश वही था- गठबंधन सहयोगियों को और योगदान देने होंगे। स्टोल्टेनबर्ग ने कहा कि 9-11 आर्टिकल पांच स्मारक को समर्पित करते हुए राष्ट्रपति ने नाटो के प्रति अपनी प्रतिबद्धता का ‘‘मजबूत संकेत’’ दिया और कहा कि आर्टिकल 5 के प्रति प्रतिबद्ध रहे बगैर नाटो के प्रति प्रतिबद्धता संभव नहीं है। ट्रंप ने कहा कि सोमवार को ब्रिटेन के शहर मैनचेस्टर में एक पॉप कार्यक्रम के दौरान हुआ बम हमला यह दिखाता है कि ‘‘आतंकवाद के बढ़ते कदमों पर अंकुश लगाना आवश्यक हो गया है।’’

गौरतलब है कि इस्लामिक स्टेट समूह ने इस हमले की जिम्मेदारी ली थी। शीत युद्ध के खात्मे के उपलक्ष्य में बर्लिन की दीवार के एक खंड से बने स्मारक का उद्घाटन करने के दौरान जर्मनी की चांसलर एंजेला मर्केल ने इससे बिल्कुल अलग बात कही। उन्होंने कहा, ‘‘हमारे देश को फिर से एक करने में नाटो के सहयोग को जर्मनी कभी नहीं भूलेगा। यही वजह है कि साझा गठबंधन में सुरक्षा एवं एकजुटता के लिये हम अपना योगदान देते रहेंगे।’’

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