संयुक्त राष्ट्र ने ईरानी महिला की मौत की स्वतंत्र जांच की मांग की

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संयुक्त राष्ट्र के एक शीर्ष अधिकारी ने एक ईरानी महिला की मौत के मामले की स्वतंत्र जांच की मांग की जिसे पुलिस ने हिरासत में लिया था। वहीं अधिकारियों ने स्वीकार किया है कि महिला की मौत के विरोध में प्रदर्शनों को लेकर लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

संयुक्त राष्ट्र के एक शीर्ष अधिकारी ने एक ईरानी महिला की मौत के मामले की स्वतंत्र जांच की मांग की जिसे पुलिस ने हिरासत में लिया था। वहीं अधिकारियों ने स्वीकार किया है कि महिला की मौत के विरोध में प्रदर्शनों को लेकर लोगों को गिरफ्तार किया गया है। महिला की मौत को लेकर राजधानी तेहरान सहित पूरे देश में प्रदर्शन हो रहे हैं। तेहरान में प्रदर्शनकारियों की पुलिस से झड़प भी हुई।

संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार कार्यालय ने कहा कि ईरान की पुलिस ने हाल के महीनों में अपने गश्ती दलों का विस्तार किया है जो ठीक से हिजाब नहीं पहनने वाली महिलाओं पर नजर रखता है। संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार कार्यालय ने कहा कि सत्यापित वीडियो में दिखता है कि ठीक से हिजाब नहीं पहनने वाली महिलाओं को चेहरे पर तमाचा मारा जाता है, उन्हें डंडों से पीटा जाता है और पुलिस वैन में फेंक दिया जाता है। इसी तरह के एक गश्ती दल ने 22 वर्षीया महसा अमिनी को पिछले मंगलवार को हिरासत में लिया था और उसे एक पुलिस स्टेशन ले जाया गया जहां वह बेहोश हो गई।

तीन दिन बाद उसकी मौत हो गई। ईरानी पुलिस ने महसा के साथ किसी दुर्व्यवहार से इनकार किया और कहा कि उसकी मौत दिल का दौरा पड़ने से हुई थी। अधिकारियों का कहना है कि वे घटना की जांच कर रहे हैं। संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्चायुक्त कार्यालय की कार्यवाहक प्रमुख नाडा अल-नशीफ ने कहा, महसा अमिनी की दुखद मौत, यातना और दुर्व्यवहार के आरोपों की स्वतंत्र सक्षम प्राधिकार द्वारा तुरंत, निष्पक्ष और प्रभावी ढंग से जांच कराई जानी चाहिए। ईरान की सरकार ने इस बयान पर अभी कोई टिप्पणी नहीं की है। हालांकि वह पहले से देश में मानवाधिकारों के मुद्दों की जांच करने वाले संयुक्त राष्ट्र जांचकर्ताओं के काम की आलोचना करती रही है।

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