किम की हत्या से संबंधित महिलाओं का मामला हाईकोर्ट पहुंचा

उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन के सौतेले भाई किम जोंग नाम की हत्या के संबंध में गिरफ्तार दो संदिग्ध महिलाओं के मामले को आज मलेशिया की एक अन्य अदालत में स्थानांतरित किया गया।

कुआलालम्पुर। उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन के सौतेले भाई किम जोंग नाम की हत्या के संबंध में गिरफ्तार दो संदिग्ध महिलाओं के मामले को आज मलेशिया की एक अन्य अदालत में स्थानांतरित किया गया। वियतनाम की दोआन थी हुओंग और इंडोनेशिया की सिती आसिया को सशस्त्र पहरेदारी में आज सुबह कुआलम्पुर की एक अदालत में लाया गया। जब महिलाओं को कठघरे में लाया गया तो दोनों अपने दूतावास प्रतिनिधियों को देखकर मुस्कराईं।

उन्होंने वही कपड़े पहने हुए थे जो उन्होंने इससे पहले अदालत में अपनी पेशी के दौरान पहने थे। इस मामले को हाईकोर्ट में औपचारिक रूप से स्थानांतरित किया गया है क्योंकि हत्या के किसी मामले की सुनवाई निचली अदालत के अधिकार क्षेत्र में नहीं है। अभियोजक इसकंदर अहमद ने कहा कि हाईकोर्ट में उनकी पहली पेशी की तिथि संभवत: एक माह में ही होगी। उन्होंने कहा कि इसके बाद संदिग्ध महिलाएं याचिकाएं दायर करेंगी और सुनवाई 90 दिनों में आरंभ हो जाएगी। दोनों महिलाओं पर 13 फरवरी को कुआलालम्पुर हवाई अड्डे पर किम जोंग नाम के चेहरे पर वीएक्स नर्व एजेंट छिड़कने का आरोप है। नर्व एजेंट छिड़के जाने के कुछ ही देर बात नाम की मौत हो गई थी।

महिलाओं ने कहा है कि उन्हें यह कहकर बरगलाया गया कि वे एक छिपे हुए कैमरा के समक्ष किसी टीवी कार्यक्रम के लिए ऐसे प्रैंक का हिस्सा हैं जिससे किसी को नुकसान नहीं होगा। इंडोनेशियाई दूतावास के वकील युसरोन अम्बैरी ने कहा कि सिती ने हाल में अपने माता पिता को पत्र लिखकर उनसे चिंता नहीं करने को कहा। उन्होंने अदालत के बाहर संवाददाताओं को पत्र पढ़कर सुनाते हुए कहा, ‘‘मेरा स्वास्थ्य अच्छा है। केवल प्रार्थना कीजिए। मेरे बारे में बहुत अधिक नहीं सोचिए। स्वस्थ रहिए और रात में प्रार्थना कीजिए। बहुत लोग मेरी मदद कर रहे हैं। दूतावास के अधिकारी और मेरे वकील अकसर मुझसे मिलने आते हैं। चिंता मत कीजिए। मेरे लिए प्रार्थना कीजिए ताकि मामला जल्द समाप्त हो जाए और मैं घर वापस आ सकूं। मेरे बेटे रियो को मेरा प्यार देना।’’ पुलिस ने कहा है कि चार उत्तर कोरियाई संदिग्ध हमले के दिन ही देश से फरार हो गए थे। बचाव पक्ष के वकीलों ने चिंता जताई कि महिलाओं को बलि का बकरा बनाया जा सकता है क्योंकि जिन अन्य लोगों को इस मामले में शामिल माना जा रहा है, वे देश छोड़कर चले गए हैं।

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