चिनफिंग का सुझाव- मतभेदों को वार्ता के जरिए सुलझाएं एससीओ के सदस्य देश

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  नवंबर 11, 2020   11:12
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चिनफिंग का सुझाव-  मतभेदों को वार्ता के जरिए सुलझाएं एससीओ के सदस्य देश

एससीओ समूह के राष्ट्र प्रमुखों की परिषद को वीडियो लिंक के माध्यम से संबोधित करते हुए चिनफिंग ने कहा कि इतिहास ने साबित किया और साबित करता रहेगा कि अच्छे संबंध और पड़ोसियों से मित्रता मददगार होती है तथा पारस्परिक रूप से लाभकारी सहयोग आपसी हित में रहता है।

बीजिंग | चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने मंगलवार को कहा कि शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के सदस्य देशों को आतंकवादी, अलगाववादी और चरमपंथी ताकतों से कड़ाई से निपटते समय पारस्परिक विश्वास को मजबूत करना चाहिए तथा आपसी विवादों और मतभेदों का समाधान वार्ता एवं चर्चा के जरिए करना चाहिए।

एससीओ समूह के राष्ट्र प्रमुखों की परिषद को वीडियो लिंक के माध्यम से संबोधित करते हुए चिनफिंग ने कहा कि इतिहास ने साबित किया और साबित करता रहेगा कि अच्छे संबंध और पड़ोसियों से मित्रता मददगार होती है तथा पारस्परिक रूप से लाभकारी सहयोग आपसी हित में रहता है। भारत और चीन के बीच पूर्वी लद्दाख में छह महीने से चले आ रहे गतिरोध की पृष्ठभूमि में चिनफिंग ने कहा, ‘‘हमें एकजुटता और पारस्परिक विश्वास को मजबूत करने तथा विवादों एवं मतभेदों का समाधान वार्ता एवं चर्चा से करने की आवश्यकता है।’’

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और आठ सदस्य देशों वाले एससीओ समूह के नेता इस डिजिटल शिखर सम्मेलन में शामिल हुए जिसकी मेजबानी रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने की। चिनफिंग ने कहा, ‘‘हमें समान, समग्र और सतत सुरक्षा पर काम करने, सभी तरह के खतरों और चुनौतियों से प्रभावी ढंग से निपटने तथा हमारे क्षेत्र में मजबूत सुरक्षा माहौल बनाने की आवश्यकता है।’’ चिनफिंग ने कहा कि ‘‘एससीओ के देशों को किसी भी आधार पर अपने आंतरिक मामलों में बाहरी ताकतों के दखल का सख्ती से विरोध करना चाहिए।’’ उन्होंने कहा कि एससीओ के सदस्यों को वृहद आंतरिक घरेलू एजेंडा को लागू करने में कानून के आधार पर किए गए प्रयासों के संबंध में देशों का पुरजोर समर्थन करना चाहिए। उन्होंने कहा कि एससीओ के विकास के लिए राजनीतिक आधारशिला को मजबूत करने के क्रम में महामारी का फायदा उठाने के आतंकवादी, अलगाववादी और चरमपंथी ताकतों के प्रयासों को विफल करना, मादक पदार्थों के प्रसार पर रोक, इंटरनेट आधारित चरमपंथी विचारधारा के प्रसार पर रोक लगाना और एससीओ देशों के बीच कानून प्रवर्तन सहयोग को मजबूत करना अत्यंत महत्वपूर्ण है।

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चीनी राष्ट्रपति ने कहा, ‘‘यह महत्वपूर्ण है कि हम जैव सुरक्षा, डेटा सुरक्षा और बाह्य अंतरिक्ष सुरक्षा का समर्थन तथा इस क्षेत्र में सक्रिय संचार और वार्ता करें।’’ चिनफिंग ने कहा कि प्रत्येक सभ्यता विशिष्ट है और कोई एक दूसरे से श्रष्ठ या कमतर नहीं है। उन्होंने एससीओ के दीर्घावधि विकास के लिए लोगों के समर्थन के आधार पर देशों के बीच अच्छे संबंध बनाने और एक दूसरे की सभ्यता से सीखने की भावना को बढ़ावा देने का आह्वान किया। एससीओ के संस्थापक सदस्यों में चीन, रूस, कजाकिस्तान, किर्गिस्तान, ताजिकिस्तान और उज्बेकिस्तान शामिल हैं। भारत और पाकिस्तान इसमें 2017 में शामिल हुए थे। अपने संबोधन में चीनी राष्ट्रपति ने अफगानिस्तान में हालात पर भी चर्चा की। चिनफिंग ने कहा कि अफगानिस्तान की स्थिति बृहद क्षेत्र की सुरक्षा और स्थिरता से जुड़ी है। उन्होंने कहा, ‘‘हमें अफगानिस्तान में शांति और पुनर्निर्माण के लिए एससीओ अफगानिस्तान संपर्क समूह के साथ काम करना चाहिए।’’ उन्होंने कहा चीन अगले साल चोंगक्विंग शहर में डिजिटल अर्थव्यवस्था पर चीन-एससीओ मंच का आयोजन करेगा। यह मंच हितधारकों के बीच नवोन्मेष सहयोग के लिए काम करेगा।

चीन की अर्थव्यवस्था के रूख बदलने पर उन्होंने कहा कि विश्व के बिना चीन विकास नहीं कर सकता, ना ही चीन के बिना दुनिया समृद्ध हो सकती है। रूस ने वीडियो लिंक के जरिए एससीओ शिखर सम्मेलन का आयोजन किया। रूस 17 नवंबर को डिजिटल तरीके से ब्रिक्स (ब्राजील, रूस, भारत, चीन, दक्षिण अफ्रीका)शिखर सम्मेलन का भी आयोजन करेगा। भारत भी 30 नवंबर को एससीओ के शासन प्रमुखों की डिजिटल बैठक की मेजबानी करेगा। कोविड-19 से निपटने पर चिनफिंग ने कहा कि एससीओ देशों को अपने बीमारी रोकथाम केंद्रों में हॉटलाइन स्थापित करना चाहिए और चीन कोविड-19 के टीका के लिए देशों की जरूरतों पर सक्रियता से विचार करने को तैयार है।





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भारत-चीन विवाद: संरा प्रमुख ने जताई उम्मीद, बोले- बातचीत के जरिए कम होगा तनाव

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  जनवरी 26, 2021   11:22
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भारत-चीन विवाद: संरा प्रमुख ने जताई उम्मीद, बोले- बातचीत के जरिए कम होगा तनाव

भारत और चीनी सैनिकों के बीच 20 जनवरी को उत्तरी सिक्किम के ऊंचाई वाले नाकू ला इलाके में झड़प हुई हो गई थी। भारतीय सेना ने इसे ‘‘मामूली तनातनी’’ बताया था।

संयुक्त राष्ट्र। भारत और चीन के सैनिकों के बीच सिक्किम की सीमा पर हाल ही में हुई झड़प के बीच संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुतारेस ने उम्मीद जतायी है कि दोनों देशों में उत्पन्न तनाव को बातचीत के जरिये कम किया जाएगा। एक प्रवक्ता ने यह जानकारी दी। गौरतलब है कि भारत और चीनी सैनिकों के बीच 20 जनवरी को उत्तरी सिक्किम के ऊंचाई वाले नाकू ला इलाके में झड़प हुई हो गई थी। भारतीय सेना ने इसे ‘‘मामूली तनातनी’’ बताया था। 

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भारतीय सेना ने एक बयान में कहा था कि इसे निर्धारित दिशा-निर्देशों के तहत स्थानीय कमांडरों द्वारा सुलझा लिया गया। संयक्त राष्ट्र प्रमुख के प्रवक्ता स्टीफन दुजारिक ने सोमवार को दैनिक संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘‘ हम उम्मीद करते हैं कि सीमा पर जारी तनाव बातचीत के जरिए कम हो जाए।’’ दुजारिक से पूछा गया था कि क्या ‘‘भारत-चीन सीमा पर हुई हालिया झड़प’’ पर संयुक्त राष्ट्र सचिव या महासचिव कोई टिप्पणी करना चाहते हैं।





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बाइडेन ने जर्मनी की चांसलर मर्केल से की बात, अटलांटिक पार गठबंधन को पुनर्जीवित करने की जताई इच्छा

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  जनवरी 26, 2021   10:43
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बाइडेन ने जर्मनी की चांसलर मर्केल से की बात, अटलांटिक पार गठबंधन को पुनर्जीवित करने की जताई इच्छा

बयान में कहा गया है कि देशों के बीच रिश्तों को गहरा करने की इच्छा जताते हुए बाइडेन ने सामूहिक सुरक्षा और साझे लोकतांत्रिक मूल्यों के आधार पर अटलांटिक पार गठबंधन को पुनर्जीवित करने का अपना इरादा व्यक्त किया।

वाशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने जर्मनी की चांसलर से सोमवार को फोन पर बात की और अटलांटिक पार गठबंधन को पुनर्जीवित करने की अपनी इच्छा जाहिर की। व्हाइट हाउस की ओर से जारी एक बयान में बताया गया है कि दोनों नेता विदेश नीति की समान प्राथमिकताओं पर साथ मिलकर काम करने को सहमत हुए हैं जिसमें अफगानिस्तान, चीन, ईरान, रूस, यूक्रेन और पश्चिमी बलकान से जुड़े मुद्दे शामिल हैं। बयान के मुताबिक, फोन पर बातचीत के दौरान दोनों नेता वैश्विक सहयोग की अहमियत पर सहमत हुए जिसमें बहुपक्षीय संगठनों के लिए अमेरिका द्वारा फिर से जताई गई प्रतिबद्धता, जलवायु परिवर्तन से निपटना, कोविड-19 को नियंत्रित करना, स्वास्थ्य सुरक्षा को बढ़ाना और स्थायी वैश्विक आर्थिक सुधार का लक्ष्य शामिल है। 

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बयान में कहा गया है कि देशों के बीच रिश्तों को गहरा करने की इच्छा जताते हुए बाइडेन ने सामूहिक सुरक्षा और साझे लोकतांत्रिक मूल्यों के आधार पर अटलांटिक पार गठबंधन को पुनर्जीवित करने का अपना इरादा व्यक्त किया। बीस जनवरी को राष्ट्रपति पद की शपथ लेने के बाद यह पांचवीं बार है जब बाइडेन ने किसी विदेशी नेता को फोन किया हो। इससे पहले, उन्होंने कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडू, मेक्सिको के राष्ट्रपतिएंद्रेस मैनुएल लोपेज़ ओब्रादोर, ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन और फ्रांस के राष्ट्रपति एमैनुएल मैंक्रों से फोन पर बात की थी।





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अमेरिका की पहली महिला वित्त मंत्री होंगी जेनेटे येलन, फेडरल रिजर्व की रह चुकी हैं पूर्व अध्यक्ष

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  जनवरी 26, 2021   09:48
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अमेरिका की पहली महिला वित्त मंत्री होंगी जेनेटे येलन, फेडरल रिजर्व की रह चुकी हैं पूर्व अध्यक्ष

सीनेट की 100 सीटों में से डेमोक्रेट और रिपब्लिकन पार्टियों के पास 50-50 सीटें हैं। उप राष्ट्रपति कमला हैरिस संसद के इस उच्च सदन की अध्यक्ष हैं और उनका वोट यहां डेमोक्रेट्स को बढ़त प्रदान करता है।

अमेरिकी सीनेट ने विख्यात अर्थशास्त्री जेनेट येलेन के अमेरिका की पहली महिला वित्त मंत्री बनने का रास्ता साफ कर दिया। सीनेट में सोमवार को पुष्टि की सुनवाई के दौरान येलेन के समर्थन में 84 तथा विरोध में 15 वोट पड़े। सीनेट की 100 सीटों में से डेमोक्रेट और रिपब्लिकन पार्टियों के पास 50-50 सीटें हैं। उप राष्ट्रपति कमला हैरिस संसद के इस उच्च सदन की अध्यक्ष हैं और उनका वोट यहां डेमोक्रेट्स को बढ़त प्रदान करता है। 

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येलेन फेडरल रिजर्व की पूर्व अध्यक्ष रही हैं। उनके जल्द ही शपथ लेने की संभावना है। वह राष्ट्रपति जो बाइडेन के कैबिनेट की ऐसी तीसरी मंत्री हैं, जिनके नाम की पुष्टि सीनेट अब तक कर चुका है। अमेरिका के विदेश मंत्री पद के लिए नामित टॉनी ब्लिंकेन के नाम पर भी सीनेट की मोहर जल्द ही लगने की संभावना है।





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