गौरवान्वित करता राष्ट्रगान (कविता)

By प्रतिभा तिवारी | Publish Date: Jan 28 2019 2:41PM
गौरवान्वित करता राष्ट्रगान (कविता)

युवा कवयित्री प्रतिभा तिवारी की ओर से प्रेषित कविता ''गौरवान्वित करता राष्ट्रगान'' में गणतंत्र दिवस और उससे संबंधित दृश्यों को झलकाया गया है।

युवा कवयित्री प्रतिभा तिवारी की ओर से प्रेषित कविता 'गौरवान्वित करता राष्ट्रगान' में गणतंत्र दिवस और उससे संबंधित दृश्यों को झलकाया गया है।
 
26 जनवरी गणतंत्र दिवस 
का सत्तरवां वर्ष 
संविधान की स्वतंत्रता को


हम याद करते हैं प्रतिवर्ष
शहीदों का शौर्य, वीरता 
और उनका संघर्ष
अमर जवान ज्योति पर श्रद्धांजलि 
माननीय राष्ट्रपति द्वारा
ध्वजारोहण साथ ही 


गौरवान्वित करता राष्ट्रगान 
हमारे शहीदों और वीरों का सम्मान 
तीनों सेनाओं के करतब
बढ़ाते हैं देश का मान 
सीमाओं पर लहू बहाते 


रक्षा करते वीर जवान
प्रांत अलग भाषा अलग 
फिर भी सबकी एक जुबान
अद्भुत कला है अद्भुत रंग 
ये है देश हमारा हिंदुस्तान
जय जवान, जय किसान, 
जय विज्ञान
राजपथ पर छटा बिखेरती
भारत के अनेक प्रांतों की झाकियां
वेशभूषा, सभ्यता, संस्कृति 
एकता और शक्ति की पक्तियां
अनेकता में एकता पिरोकर 
सबने मिलकर देश संवारा
हर तरफ है जय हिन्द का नारा 
भारत मां को नमन जो
हमें दिया है ये राष्ट्र पर्व प्यारा 
ससरिकाल, सलाम, नमस्ते 
ये है हिंदुस्तान हमारा 
                      
-प्रतिभा तिवारी

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