पापा कहते हैं बिटिया हमारी एंटी नेशनल काम करती है...

  •  Abhinay akash
  •  दिसंबर 3, 2020   16:44
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पापा कहते हैं बिटिया हमारी एंटी नेशनल काम करती है...

शेहला राशिद देश की राजनीति में रूचि रखने वाला शायद ही कोई ऐसा शख्स हो जो इन्हें न जानते हो। कभी जेएनयू की फायर ब्रांड छात्र नेता हुआ करती थी। उनके पिता अब्दुल राशिद शोरा के सनसनीखेज इल्जामों ने उन्हें मीडिया की सुर्खियों में ला दिया है।

जेएनयू की पूर्व छात्र नेता शेहला राशिद पर टुकड़े-टुकड़े गैंग का आरोप नया नहीं है। देशद्रोह का केस भी उनपर है। लेकिन अब जो विवाद खड़ा हुआ है वो कहीं ज्यादा संगीन है। ये आरोप किसी और ने नहीं बल्कि शेहला के पिता ने खुद लगाया हैं। शेहला के पिता ने अपनी बेटी पर देश विरोधी गतिविधियों में शामिल होने के आरोप लगाए हैं। 

शेहला राशिद देश की राजनीति में रूचि रखने वाला शायद ही कोई ऐसा शख्स हो जो इन्हें न जानते हो। कभी जेएनयू की फायरब्रांड छात्र नेता हुआ करती थी। शेहला राशिद और फिर तीन साल पहले अचानक दिल्ली से दूर कश्मीर की राजनीति में कूद गई। लगातार अपने विवादित बयानों और सोशल मीडिया पोस्ट की वजह से चर्चा में रहने वाली शेहला अचानक से फिर लाइमलाइट में हैं। उनके पिता अब्दुल राशिद शोरा के सनसनीखेज इल्जामों ने उन्हें मीडिया की सुर्खियों में ला दिया है। शेहला के पिता का आरोप है कि उनकी बेटी देश विरोधी ताकतों के साथ है और उसे विदेशों से फंडिग होती है। 

  • क्या जेएनयू की पूर्व छात्र नेता शेहला राशिद को देश विरोधी गतिविधियों के लिए बाहर से फंड मिलता है?
  •  क्या शेहला रशीद के संबंध टेरर फंडिग से भी जुड़े हुए हैं?

ये आरोप और कोई नहीं बल्कि शेहला राशिद के पिता लगा रहे हैं जब पिता ने आरोप लगाया तो शेहला ने पलटकर पिता पर ही आरोप लगा दिया। लेकिन पिता कह रहे हैं कि मामले की जांच होगी तो दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा। शेहला राशिद का विवादों से नाता कोई नई बात नहीं है। लेकिन इस बार आरोप घर से ही लगे हैं। शेहला के पिता अब्दुल रशीद शोरा ने जम्मू कश्मीर के डीजीपी को जो चिट्ठी लिखी है उसमें शेहला के खिलाफ बेहद गंभीर आरोप लगाए गए हैं।

शेहला के पिता के आरोप

  • शेहला राशिद देश विरोधी गतिविधियों में शामिल है।
  • शेहला की मां जुबैदा, बड़ी बहन आसमा भी शेहला का साथ देती हैं।
  • शेहला के पिता को अपनी बेटी शेहला, उनके सुरक्षा गार्ड, बहन और उनकी मां से जान का खतरा है।
  • शेहला को कश्मीर में राजनीति में शामिल होने के लिए पूर्व विधायक इंजीनियर राशिद और कारोबारी जहूर वताली से तीन करोड़ रुपये लिए थे।(आतंकवाद के वित्तपोषण में कथित संलिप्तता के लिए राशिद और वताली को राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने पिछल साल गिरफ्तार किया था) 

शेहला की सफाई

आरोप इतने बड़े लगे थे तो इस पर सफाई देना तो बनता था। शेहला खुद तो सामने नहीं आई लेकिन ट्वीट करते हुए कहा है कि, ‘आप में से कई लोगों ने मेरे पिता द्वारा मुझ पर, मेरी मां और बहन पर लगाए गए आरोपों का वीडियो देखा होगा। कम शब्दों में और स्पष्ट तौर पर कहूं तो वह अपनी पत्नी को पीटने वाले, गाली-गलौज करने वाले शख्स हैं। हमने उनके खिलाफ कदम उठाने का फैसला किया और इसके जवाब में उन्होंने यह हथकंडा अपनाया।'

शेहला ने आरोपों को ‘बेबुनियाद और बकवास'बताते हुए कहा है कि, ‘मेरी मां ने जीवन भर काफी हिंसा, प्रताड़ना का सामना किया। वह परिवार के कारण चुप रह गई। अब हम उनकी (पिता) इस हरकत के खिलाफ बोलने लगे तो उन्होंने भी हमें बदनाम करना शुरू कर दिया।

ये तो हो गई बात वर्तमान के विवाद की अब जरा आपको शेहला राशिद के बारे में थोड़ा विस्तार से बताते हैं। 

शेहला राशिद जेएनयू की रिसर्च स्कालर हैं, फरवरी, 2016 में जब जेएनयू में एक कार्यक्रम के दौरान देशविरोधी नारे लगे थे, तब शेहला राशिद जेएनयू की उपाध्यक्ष थीं और कन्हैया कुमार अध्यक्ष थे। 2016 में छात्र नेता कन्हैया कुमार, उमर खालिद और अनिर्बान की गिरफ्तारी के खिलाफ आंदोलन में शेहला रशीद की भूमिका पूरे देश ने देखी थी। उन्होंने कई मंचों पर कन्हैया कुमार पर लगे आरोपों का खंडन करने के साथ विरोध गुट के छात्र संगठन को कटघरे में खड़ा किया था। इसकी जांच अब भी जारी है। 

सियासत में भी आजमाया हाथ, फ्लाप होने पर राजनीति से तौबा

शहला ने एनआईटी श्रीनगर से इंजीनियरिंग की तालीम हासिल करने वाली शहला ने बतौर इंजीनियर नौकरी भी की है। बाद में वह सामाजिक आंदोलनों से जुड़ गईं। वो ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) की सदस्य भी थीं। पहले वह नेशनल कॉन्फ्रेंस में शामिल हुई थी।  इसके बाद यहां से मोहभंग हुआ तो बाद में शहला आईएएस की नौकरी छोड़ राजनीति में आए शाह फैसल की पार्टी JKPM में शामिल हुई थीं। लेकिन कामयाबी नहीं मिली तो राजनीति से न्यास का ऐलान कर दिया था।

सेना पर की विवादित टिप्पणी

आर्टिकल 370 के खात्मे के बाद जम्मू कश्मीर में हालात धीरे-धीरे सामान्य होने लगे। घाटी में स्कूल खुले, सरकारीदफ्तर भी खोल दिए गए। लेकिन 370 के हमायती लोगों को तेजी से घाटी के सामान्य होते हालात पसंद नहीं आए। चाहे वो कश्मीर में बैठे लोग हों या फिर दिल्ली में बैठी शेहला रशीद हो। जेएनयू छात्र संघ की पूर्व उपाध्यक्ष शेहला रशीद ने सेना पर संगीन आरोप लगा दिए। शेहला राशिद ने एक के एक कई ट्वीट कर भारतीय सेना पर कश्मीरी लोगों पर अत्याचार करने के संगीन आरोप लगाए थे। इन ट्वीट के मद्देनजर दिल्ली पुलिस ने शेहला के खिलाफ राजद्रोह का केस दर्ज किया था। भारतीय सेना ने भी शेहला के आरोपों पर सफाई देते हुए उन्हें खारिज कर दिया था। फिलहाल यह मामला कोर्ट में है।

इसे भी पढ़ें: दिल्ली दंगा: अदालत ने उमर खालिद की न्यायिक हिरासत 14 दिन बढ़ाई

शेहला के विवादित ट्वीट्स को लेकर कई मामले भी दर्ज

2016 में देशविरोधी नारों के बाद से सुर्खियों में रही शेहला का नाम 2017 में पैगंबर मोहम्मद साहब पर एक फेसबुक पोस्ट की वजह से विवादों में रहा था। जिसके बाद अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी स्टूडेंट यूनियन ने शेहला के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। शेहला पर आरोप था कि उन्होंने अपने पोस्ट में पैगंबर के लिए काफी आपत्तिजनक बात लिखी थी। जिसके बाद साल 2018 में एक आइरिश गायिका के धर्म परिवर्तन को लेकर किए गए ट्वीट को लेकर सोशल मीडिया पर काफी ट्रोल हुई थी। फरवरी 2019 में देहरादून पुलिस ने उनके खिलाफ मामला दर्ज किया था। पुलिस ने शेहला के देहरादून के हॉस्टल में 15-20 कश्मीरी लड़कियों को बंधक बनाने का आरोप वाले ट्वीट को आधार बनाया बनाते हुए मामला दर्ज किया था।

बहरहाल, इस बार शेहला गंभीर आरोपों से घिर गई हैं। ये आरोप पिता के बदले वाला स्टंट है या सच इसका पता कानून को लगाना है। -अभिनय आकाश







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