बिहार में जहरीली शराब पीने से 11 लोगों की मौत

Liquor Toxic
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बिहार के सारण जिले में जहरीली शराब पीने के कारण अब तक 11 लोगों की मौत हो चुकी है जबकि 12 अन्य गंभीर रूप से बीमार हो गए। अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। उन्होंने पत्रकारों से कहा, ‘‘बृहस्पतिवार को सूचना मिली थी कि शराब पीने के बाद दो लोगों की मौत हो गई और कई लोग बीमार हो गए। यह घटना मेकर थाना क्षेत्र के फुलवरिया पंचायत के गांवों से सामने आयी थी।’’

छपरा (बिहार), 6 अगस्त।  बिहार के सारण जिले में जहरीली शराब पीने के कारण अब तक 11 लोगों की मौत हो चुकी है जबकि 12 अन्य गंभीर रूप से बीमार हो गए। अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। अधिकारियों के मुताबिक, जहरीली शराब पीने वाले कुछ लोगों की आंखों की रोशनी चली गई है। जिलाधिकारी राजेश मीणा और पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार ने यहां संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में कहा कि पांच लोगों को कथित रूप से अवैध शराब बनाने और उसकी बिक्री में शामिल होने को लेकर गिरफ्तार किया गया है, जबकि संबंधित थाने के एसएचओ और स्थानीय चौकीदार को निलंबित किया गया है।

उन्होंने पत्रकारों से कहा, ‘‘बृहस्पतिवार को सूचना मिली थी कि शराब पीने के बाद दो लोगों की मौत हो गई और कई लोग बीमार हो गए। यह घटना मेकर थाना क्षेत्र के फुलवरिया पंचायत के गांवों से सामने आयी थी।’’ उन्होंने बताया, ‘‘पुलिस, आबकारी और चिकित्सा अधिकारियों की एक टीम को मौके पर भेजा गया और बीमार पड़ गये लोगों को यहां सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया। जिनकी हालत बिगड़ गई उन्हें पटना के पीएमसीएच अस्पताल ले जाया गया।’’ अधिकारियों ने बताया कि अब तक इस घटना में 11 लोगों की मौत हो गई। उन्होंने बताया कि इस घटना के सिलसिले में अब तक पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

उन्होंने बताया कि एसएचओ और चौकीदार को निलंबित कर दिया गया है और उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू कर दी गई है। जब मुख्यमंत्री के करीबी एवं मंत्रिमंडलीय सहयोगी अशोक चौधरी से कहा गया कि ऐसी घटनाओं के आलोक में मद्यनिषेध कानून की प्रभावकारिता पर प्रश्न उठाये जा रहे हैं तब उन्होंने कहा, ‘‘ दहेज, बलात्कार एवं बिना लाइसेंस वाले हथियार भी रूके नहीं है , लेकिन क्या इससे उनके विरूद्ध बने कानूनों को निरस्त करने की मांग उठती है। ऐसे तत्व हैं जो बिहार में मद्यनिषेध अभियान को सफल नहीं देना चाहते हैं।

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