उत्तर प्रदेश में कोरोना के कुल 116 एक्टिव मामले, वैक्सीनेशन का कार्य निरन्तर जारी

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  दिसंबर 4, 2021   20:07
उत्तर प्रदेश में कोरोना के कुल 116 एक्टिव मामले, वैक्सीनेशन का कार्य निरन्तर जारी

वित्त मंत्री ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2021-22 के माह नवंबर तक आबकारी मद में लक्ष्य 26916.00 करोड़ रूपये के सापेक्ष 21896.08 करोड़ रूपये की प्राप्ति हुई है जो माह नवंबर तक निर्धारित लक्ष्य का 81.30 प्रतिशत है।

अपर मुख्य सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अमित मोहन प्रसाद ने बताया कि प्रदेश में कल एक दिन में कुल 1,51,758 सैम्पल की जांच की गयी है। जिसमें कोरोना संक्रमण के 27 नये मामले आये है। प्रदेश में अब तक कुल 8,81,89,143 सैम्पल की जांच की गयी है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में अब तक कुल 16,87,424 लोग कोविड-19 से ठीक हो चुके हैं। प्रदेश में कोरोना के कुल 116 एक्टिव मामले हैं। उन्होंने बताया कि कोविड वैक्सीनेशन का कार्य निरन्तर किया जा रहा है। प्रदेश में कल एक दिन में 11,27,668 डोज दी गयी। प्रदेश में कल तक पहली डोज 11,38,63,034 तथा दूसरी डोज 5,23,39,486 लगायी गयी हैं। कल तक कुल 16,62,02,480 कोविड डोज दी गयी है।

प्रसाद ने बताया कि कोविड का नया वैरिएंट ओमीक्रान विश्व के अन्य देशों में तेजी से फैल रहा है और इसकी भारत के कर्नाटक एवं गुजरात राज्य में पुष्टि हुई है। उन्होंने कहा कि शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों की निगरानी समितियों को बहुत ज्यादा सतर्क रहने की आवश्यकता है। किसी व्यक्ति को लक्षण होने पर उसकी जांच करवाते हुए उन्हें दवाईयां उपलब्ध करायी जाय। कोविड के इस वैरिएंट से बचने के लिए भी वही उपाय है जो कोविड से बचने के लिए अपनाये जा रहे है। उन्होंने लोगों से अपील किया कि कोविड संक्रमण अभी पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है। इसलिए सभी लोग कोविड अनुरूप आचरण करे। उन्होंने कहा कि सभी लोग कोविड वैक्सीनेशन अवश्य करवाये।  टीकाकरण के बाद भी कोविड प्रोटोकॉल का पालन अवश्य करें। किसी भी प्रकार की समस्या होने पर कोविड हेल्पलाइन 18001805145 पर सम्पर्क करे।

प्रसाद ने बताया कि प्रदेश मे वैक्टर जनित रोग का प्रकोप कम हो रहा है। प्रदेश में अब जीका वायरस के सिर्फ 04 एक्टिव केस रह गये है। उन्होंने कहा कि लोगों द्वारा संक्रामक बीमारियों को नियंत्रण करने मे सहयोग दिया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग एवं अन्य विभागों के प्रयासों से संक्रामक बीमारियों पर नियंत्रण स्थापित हो रहा है। उन्होंने इसके लिए स्वास्थ्य विभाग एवं अन्य विभागों के लगे कर्मचारियों को धन्यवाद दिया।

माह नवंबर, 2021 में गत् वर्ष के माह नवंबर, 2020 की तुलना में 10,903.87 करोड़ रू0 अधिक राजस्व प्राप्त

उत्तर प्रदेश के वित्त मंत्री, सुरेश कुमार खन्ना ने बताया कि मुख्य कर-करेत्तर राजस्व वाले मदों में वित्तीय वर्ष 2021-22 के नवंबर माह में 15389.83 करोड़ रूपये लक्ष्य के सापेक्ष कुल 12962.20 करोड़ रूपये का राजस्व प्राप्त हुआ, जो माह नवंबर 2021 में निर्धारित लक्ष्य का 84.20 प्रतिशत है, जबकि वर्ष 2020-21 के नवंबर माह में 10903.87 करोड़ रूपये का राजस्व प्राप्त हुआ था।  इस प्रकार माह नवंबर, 2021 में गत् वर्ष के माह नवंबर, 2020 की तुलना में 2058.33 करोड़ रू0 अधिक राजस्व प्राप्त हुआ। उन्होंने बताया कि जी0एस0टी0 के अन्तर्गत माह नवंबर, 2021 में कुल 4583.22 करोड़ रू0 की राजस्व प्राप्ति हुई, जबकि गत् वर्ष नवंबर, 2020 के माह में प्राप्ति 3712.69 करोड़ रू0 थी। वैट के अन्तर्गत माह नवंबर, 2021 में 2651.27 करोड़ रू0 की राजस्व प्राप्ति हुई, जबकि गत् वर्ष माह नवंबर, 2020 में प्राप्ति 2147.54 करोड़ रू0 थी।

उत्तर प्रदेश के वित्तमंत्री श्री सुरेश कुमार खन्ना ने आज प्रदेश के वित्तीय वर्ष 2021-22 के कर-करेत्तर राजस्व की प्राप्ति पर अपने कार्यालय कक्ष में प्रेस प्रतिनिधियों से वार्ता करते हुए बताया कि आबकारी के मद में माह नवंबर, 2021 में कुल 3101.57 करोड़ रू0 की राजस्व प्राप्ति हुई, जबकि गत् वर्ष माह नवंबर, 2020 में प्राप्ति 2464.78 करोड़ रू0 थी। स्टाम्प तथा निबन्धन के अन्तर्गत माह नवंबर, 2021 की राजस्व प्राप्ति 1620.65 करोड़ रू0 है जबकि गत् वर्ष माह नवंबर, 2020 में प्राप्ति 1628.00 करोड़ रू0 थी। परिवहन के अन्तर्गत माह नवंबर, 2021 की राजस्व प्राप्ति 764.60 करोड़ रू0 है जबकि गत् वर्ष माह नवंबर, 2020 में प्राप्ति 697.71 करोड़ रू0 थी। करेत्तर राजस्व की प्रमुख मद भू-तत्व तथा खनिकर्म के अन्तर्गत माह नवंबर, 2021 में प्राप्ति 240.89 करोड़ रू0 है जबकि गत् वर्ष माह नवंबर, 2020 में प्राप्ति 253.15 करोड़ रू0 थी।

श्री सुरेश कुमार खन्ना ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2021-22 में नवंबर 2021 तक मुख्य कर राजस्व के अन्तर्गत 119212.08 करोड़ रूपये लक्ष्य के सापेक्ष 90411.55 करोड़ रूपये की प्राप्ति हुई है, जो लक्ष्य का 75.8 प्रतिशत है। वित्तीय वर्ष 2021-22 में नवंबर, 2021 तक कुल करेत्तर राजस्व प्राप्ति के मदों में 16415.09 करोड़ रूपये लक्ष्य के सापेक्ष 5148.66 करोड़ रूपये की प्राप्ति हुई है। कर राजस्व की मद जी0एस0टी0 एवं वैट में नवंबर, 2021 तक 65632.70 करोड़ रूपये लक्ष्य के सापेक्ष 50944.12 करोड़ रूपये की प्राप्ति हुई है जो लक्ष्य का 77.60 प्रतिशत है। उन्होंने बताया कि वैट के मद में 17707.77 करोड़ रूपये लक्ष्य के सापेक्ष 16938.74 करोड़ रूपये की प्राप्ति हुई है जो 95.70 प्रतिशत है।

वित्त मंत्री ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2021-22 के माह नवंबर तक आबकारी मद में लक्ष्य 26916.00 करोड़ रूपये के सापेक्ष 21896.08 करोड़ रूपये की प्राप्ति हुई है जो माह नवंबर तक निर्धारित लक्ष्य का 81.30 प्रतिशत है। स्टाम्प तथा निबन्धन के मद में 16785.00 करोड़ रूपये लक्ष्य के सापेक्ष 12784.85 करोड़ रूपये की प्राप्ति हुई है। उन्होंने बताया कि परिवहन के मद में वित्तीय वर्ष 2021-22 में नवंबर तक 6194.38 करोड़ रूपये लक्ष्य के सापेक्ष 4445.68 करोड़ रूपये की प्राप्ति हुई है। खन्ना ने कहा कि प्रदेश में कोविड-19 नियंत्रण में है। उन्होंने कहा कि नए वायरस ओमीक्रोन के संबंध में भयभीत होने की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने अपील करते हुए कहा कि भय किसी भी समस्या का हल नहीं है इसलिए ना तो भयभीत हों और न ही भय फैलाएं। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार कोरोनावायरस को नियंत्रित करने में प्रभावी कदम उठाया और उसमें सफलता भी मिली। इस दिशा में डब्ल्यूएचओ, नीति आयोग तथा प्रधानमंत्री जी के द्वारा भी उत्तर प्रदेश के मॉडल को सराहना की गई। हमने बेहतर तरीके से काम किया और इसीलिए हमारा पॉजिटिविटी की रेट और फेटिलिटी रेट अपेक्षाकृत कम रहा। इस दिशा में सरकार द्वार पूरी शिद्दत के साथ पूरे मनोयोग से प्रयास किया गया। उन्होंने कहा कि ओमीक्रोन को देखते हुए हमारे पास सभी प्रकार की तैयारी है। एसजीपीजीआई, डॉक्टर राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान तथा केजीएमयू में जीनोम सीक्वेंसिंग की व्यवस्था है। उन्होंने कहा कि विशेषज्ञों का मानना है कि कोरोनावायरस का यह वैरीएंट डेल्टा वैरीएंट से कम खतरनाक है इसलिए किसी प्रकार के पैनिक क्रिएट करने की आवश्यकता नहीं है।

स्टांप एवं रजिस्ट्रेशन विभाग में कार्यरत 03 कनिष्ठ सहायक (निबंधन) किए गये निलंबित                   

उत्तर प्रदेश के स्टांप एवं रजिस्ट्रेशन विभाग में कार्यरत 03 कनिष्ठ सहायक (निबंधन) को अनुशासनहीन व्यवहार तथा पक्षकार से लेखपत्र का पंजीकरण के लिए उत्कोच धनराशि की मांग किए जाने  हेतु निलंबित कर दिया गया है। इस संबंध में विस्तृत जानकारी देते हुए महानिरीक्षक निबंधन डॉ रोशन जैकब ने बताया कि स्टांप एवं रजिस्ट्रेशन विभाग में कार्यरत 03 कनिष्ठ सहायक जनपद गोरखपुर में तैनात श्री अविनाश पाल को सहायक निरीक्षक निबंधन गोरखपुर से अभद्रता एवं अनुशासन हीन व्यवहार किए जाने जनपद एटा में कार्यरत श्री राकेश कुमार को पक्षकार से लेख पत्र का पंजीकरण किए जाने हेतु दूरभाष से उत्कोच धनराशि की मांग किए जाने तथा जनपद बागपत में तैनात श्री संजीव भटनागर को पक्षकार से लेखपत्र का पंजीकरण किए जाने हेतु उत्कोच धनराशि प्राप्त किए जाने के कारण निलंबित कर दिया गया है।

लोकतंत्र में सभी की भागीदारी सुनिश्चित हो- डॉ ब्रम्हदेव राम तिवारी

मतदाता जागरूकता कार्यक्रम के अंतर्गत आज सिविल डिफेन्स लखनऊ के सैकड़ों स्वयं सेवकों द्वारा के.डी. सिंह बाबू स्टेडियम से मतदाता जागरूकता रैली निकाली गई। रैली को उत्तर प्रदेश के अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ0 ब्रम्हदेव राम तिवारी ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। जागरूकता रैली को संबोधित करते हुए डॉ तिवारी ने कहा कि विधानसभा चुनाव सन्निकट है। निर्वाचन आयोग द्वारा विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण- 2022 कार्यक्रम चलाया जा रहा है, इसके दृष्टिगत लोगों को जागरूक करने के लिए सिविल डिफेंस लखनऊ के स्वयं सेवकों द्वारा रैली निकाली जा रही है। इसका मुख्य उद्देश्य लोगों में संदेश पहुंचाना है कि जो लोग 01 जनवरी 2022 को 18 वर्ष की आयु पूर्ण कर रहे हों, वह मतदाता बनने से न चूकें। वह विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण जो कि 05 दिसंबर 2021 तक निर्धारित है, की अवधि में मतदाता सूची में अपना नाम शामिल करने के लिए ऑफलाइन अथवा ऑनलाइन जरूर रजिस्टर करा लें। उन्होंने कहा कि जो मतदाता बने हैं, वह मतदान कर अपना राष्ट्रीय कर्तव्य अवश्य निभाए, लोकतंत्र में सभी की भागीदारी सुनिश्चित हो, इसी उद्देश्य के साथ आज यह रैली आयोजित की गई है। 

लखनऊ सिविल डिफेंस के चीफ वार्डन अमरनाथ मिश्रा व उपनियंत्रक श्रीमती अनीता प्रताप ने बताया कि सिविल डिफेंस के स्वयं सेवको द्वारा आम नागरिक से जुड़े हुए विषयो पर प्रतिमाह कोई न कोई कार्यक्रम आयोजित किये जाते है। आज भी मतदाता जागरूकता रैली के माध्यम से जनता को जागरूक करने का प्रयास किया जा रहा है। सिविल डिफेंस लखनऊ के वरिष्ठ सहायक उपनियंत्रक मनोज वर्मा ने बताया कि आगामी 06 दिसंबर 2021 को सिविल डिफेन्स की 59 वी वर्षगाँठ धूमधाम से मनाई जाएगी, इसी परिप्रेक्ष में सिविल डिफेंस लखनऊ के द्वारा विभिन्न विषयों पर साप्ताहिक कार्यक्रमांे का आयोजन किया जा रहा है। आज की मतदाता जागरूकता रैली साप्ताहिक कार्यक्रमांे की कड़ी का एक हिस्सा है। यह रैली के. डी. सिंह बाबू स्टेडियम से शुरू होकर हजरतगंज चौराहा से होते हुए पुनः स्टेडियम पर पहुंचकर समाप्त हुई।

मतदाता जागरूकता रैली के दौरान सिविल डिफेंस के स्वयं सेवको ने अपने हाथों में आपका मतदान-लोकतंत्र की जान, जागरूक मतदाता-देश का विधाता, सारे काम छोड़ दो- सबसे पहले वोट दो, ’’जन-जन का ये नारा है-मतदान अधिकार हमारा है’’ आदि नारे लिखी हुई तख्तियां थी, जिनके माध्यम से जनता को जागरूक करने का प्रयास किया गया। मतदाता जागरूकता रैली को सफल बनाने में सहायक उपनियंत्रक ममता रानी, ऋषि कुमार, डिप्टी चीफ वार्डन गुरप्रीत सेठी, डिवीज़नल वार्डन आर एन बोस, जमशेद रहमान, सुनील शुक्ला, प्रवीण श्रीवास्तव, संजय जौहर, अजय राजपूत, सहित सैकड़ों स्वयं सेवको ने उल्लेखनीय भूमिका निभाई।

जेम पोर्टल पर फारवर्ड ऑक्सन एवं ई-ऑक्सन से संबंधित नई सेवाएं उपलब्ध

जेम पोर्टल पर फारवर्ड ऑक्सन एवं ई-ऑक्सन (कार्यालयों में अनुपयोगी वस्तुओं की नीलामी) से संबंधित नई सेवाएं उपलब्ध कराई गई हैं। इस नई सेवा के माध्यम से क्रेता विभाग द्वारा अनुपयोगी मशीनों, कृषि एवं वन उपज, मेटल एण्ड नान मेटल स्क्रेप, ई-वेस्ट, वाहन, ल्यूब, वेस्ट ऑयल, अनयूज्ड स्पेयर्स, कोयला, कामर्शियल एण्ड रेजीडेंशियल प्रापर्टी, भूमि तथा औद्योगिक भूखण्डों का निस्तारण किया जा सकेगा। अपर मुख्य सचिव, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम डा0 नवनीत सहगल ने यह जानकारी आज यहां दी। उन्होंने बताया कि शासकीय क्रय में पारदर्शिता लाने हेतु भारत सरकार द्वारा संचालित जेम पोर्टल पर वर्तमान वित्तीय वर्ष में उत्तर प्रदेश द्वारा कुल 5944.62 करोड़ रुपये मूल्य की वस्तुओं एवं सेवाओं का क्रय किया गया है। अब तक पोर्टल के माध्यम कुल 15353.58 करोड़ की खरीददारी कर उत्तर प्रदेश देश में प्रथम स्थान पर है। उन्होंने बताया कि जेम पोर्टल के माध्यम शासकीय खरीद में होने वाली अनियमितता पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा है। यह प्रकिया पूर्णरूपेण पेपरलेस एवं कॉन्टेक्टलेस है।

अपर मुख्य सचिव ने बताया कि एमएसएमई क्षेत्र की इकाइयों के उत्पादों के ग्राहकों द्वारा भुगतान में देरी करने से इकाइयों की आर्थिक स्थिति कमजोर हो जाती है। इस समस्या के निराकरण हेतु प्रदेश स्तर पर एमएसएमई फैसेलिटेशन सेल की स्थापना कराई गई। विगत वर्ष इकाइयों के विलम्बित भुगतान के समझौते में प्रदेश को देश में द्वितीय स्थान प्राप्त हुआ था। इस वर्ष प्रथम स्थान पाने का प्रयास किया जा रहा है। इसके लिए इस प्रक्रिया को और सुगम बनाया गया है। प्रदेश के प्रत्येक मण्डल में मण्डलायुक्त की अध्यक्षता में फैसेलिटेशन सेल का गठन किया गया है। इससे विलम्बित भुगतान का सेटेलमेंट समयबद्ध रूप से किया जाना संभव होगा।

प्रदेश का किया जा रहा है बहुमुखी और चहुंमुखी विकास

उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने शनिवार को जनपद अम्बेडकर नगर के रामलीला मैदान, कटेहरी में विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों के चहुंमुखी विकास हेतु कुल 159 परियोजनाओं (लागत 12248 लाख रु0) का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। इन परियोजनाओं के माध्यम से यहां के क्षेत्रवासी खुशहाली एवं तरक्की के रास्ते पर आगे बढ़ेंगे।श्री केशव प्रसाद मौर्य ने लोक निर्माण विभाग के अन्तर्गत अकबरपुर विधान सभा के अन्तर्गत 28 कार्यों का रू० 10.71 करोड़ कटेहरी विधानसभा में 39 कार्यों का रू० 27.35 करोड़. टाण्डा विधानसभा में 12 कार्यों रू० 5.78 करोड़, जलालपुर विधान सभा में 15 कार्यों रू० 9.11 करोड एवं विधानसभा आलापुर में 16 कार्यों का रू० 8.92 करोड़ का लोकार्पण किया गया तथा अकबरपुर विधानसभा में 6 कार्यों का रू० 0.88 करोड़, कटेहरी विधानसभा में 12 कार्यों का रू0 53.38 करोड़, टाण्डा विधानसभा में 01 कार्य का रू० 0.09 करोड़, जलालपुर विधानसभा में 15 कार्यों का रू० 2.48 करोड़ एवं विधानसभा आलापुर में 15 कार्यों का रू0 3.78 करोड़ का शिलान्यास किया गया।

जनपद को सौगात के रूप में उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने जनपद अम्बेडकरनगर में कटेहरी बाजार के बाईपास का निर्माण कार्य, ल० 3.900 कि०मी० लागत रू० 101.00 करोड. गोसाईगंज भीटी मार्ग का चौड़ीकरण एवं सुदृढीकरण कार्य, ल0 10रू200 कि०मी० लागत रू0 24.98 करोड़ एवं महरूआ मिझौड़ा यादवनगर मार्ग का चौड़ीकरण एवं सुदृढीकरण कार्य ल० 10.30 कि०मी०, लागत रू० 20.21 करोड़ के कार्याे की घोषणा की गयी उपमुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि यशस्वी प्रधानमंत्री एवं उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के नेतृत्व में प्रदेश के चहुंमुखी विकास के लिए अग्रसर है। जनता को समस्त योजनाओं का लाभ शासन- प्रशासन द्वारा दिया जा रहा है उन्होंने कहा कि जनपद अंबेडकर नगर मे हर क्षेत्र में विकास का कार्य किया गया है और पात्र लोगों को प्रधानमंत्री आवास योजना, मुख्यमंत्री आवास योजना एवं समस्त जनहितकारी  योजनाओं का लाभ जनपदवासियों को दिया गया है। कहा कि शासन की मंशा है कि अंतिम पायदान के व्यक्ति तक समस्त योजनाओं का लाभ पहुंचाया जाए और सरकार निरंतर इसके लिए कार्य कर रही है। इस दौरान विधायक संजू देवी ,अनीता कमल, पूर्व सांसद हरिओम पांडे मिथिलेश त्रिपाठी जी, जिला पंचायत अध्यक्ष साधु राम वर्मा एवं जनप्रतिनिधि गण, जनपद के जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक  सहित  अन्य वरिष्ठ अधिकारी प्रमुख रूप से मौजूद रहे।

सरकार का संकल्प, सड़कों का हो कायाकल्प -उपमुख्यमंत्री, केशव प्रसाद मौर्य’

उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य द्वारा शनिवार को जनपद बाराबंकी के विधान सभा जैदपुर अन्तर्गत विकास खण्ड सिद्धौर रामलीला मैदान में लोक निर्माण विभाग, राजकीय निर्माण विभाग, सेतु निगम विभाग सहित लगभग 34 करोड़ लागत की कुल 27 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण/शिलान्यास किया गया। कार्यक्रम का शुभारम्भ उपमुख्यमंत्री ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। कार्यक्रम के दौरान उपमुख्यमंत्री का स्वागत अंगवस्त्र, पुष्पगुच्छ तथा स्मृति चिन्ह प्रदान कर किया गया। कार्यक्रम के पश्चात उपमुख्यमंत्री ने विकासखंड सिद्धौर में सिद्धेश्वर मंदिर में आशीर्वाद प्राप्त किया।

जनपद बाराबंकी में विकास परियोजनाओं का लोकार्पण/शिलान्यास की सौगात देते हुए आईसीडीएस के तहत 05 शिशुओं का अन्नप्राशन किया गया तथा ग्राम विकास के तहत 05 लाभार्थियों को प्रधानमंत्री आवास की चाभी दी गयी। पंचायतीराज विभाग के अन्तर्गत 05 लाभार्थियों को सामुदायिक शौचालय संचालन हेतु धनराशि डेमो चेक और उद्योग विभाग के अन्तर्गत 03 लाभार्थियों को विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के अन्तर्गत टूलकिट एव प्रमाणपत्र तथा एक जनपद एक उत्पाद वित्त पोषण सहायता योजना के तहत एक लाभार्थी को डेमो चेक प्रदान किया गया। इसके साथ ही श्रम विभाग के अन्तर्गत 02 लाभार्थी प्रमिला व राजू को पुत्री विवाह अनुदान योजनान्तर्गत प्रमाण पत्र दिया गया। 

उपमुख्यमंत्री ने महिला कल्याण विभाग से 02 लाभार्थियों नेहा सिंह व शालू को उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के तहत स्वीकृति पत्र तथा अन्य दो लाभार्थी लक्ष्मी पाण्डेय व वैशाली मौर्या को मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना प्रमाण पत्र प्रदान किया। उन्होंने कृषि यंत्रीकरण योजना के अन्तर्गत फर्म मशीनरी, बैंक अनुदान के तहत सत्यनाम साहिब को टैªक्टर चाभी साथ ही मत्स्य विभाग के अन्तर्गत नीली क्रान्ति योजनान्तर्गत प्रीती वर्मा को डेमो चेक प्रदान किया। उद्यान विभाग से चेतराम को एकीकृत बागवानी विकास मिशन योजना के तहत डेमो चेक तथा चिकित्सा विभाग की आयुष्मान योजना के अन्तर्गत 05 लाभार्थियों को डेमो गोल्डन कार्ड वितरित किया गया। डूडा के अन्तर्गत प्रधानमंत्री आवास शहरी के तहत दो लाभार्थियों चमेली देवी तथा जगरानी को चाभी वितरित की गयी।

उपमुख्यमंत्री ने जनसभा को सम्बोधित करते हुए कहा कि जिन लाभार्थियों को यहॉ पर प्रमाण पत्र, डेमो चेक से लाभान्वित किया गया है, उनको मैं हदय से बधाई व शुभकामनाएं देता हॅू। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा विभिन्न प्रकार की योजनाओं को संचालित करते हुए पात्र लाभार्थियों को विभिन्न प्रकार की योजनओं से लाभान्वित किया जा रहा है। प्रत्येक स्तर पर सरकार गरीबों के साथ खड़ी है। उन्होंने उपस्थित सांसद, विधायकगण,  जिला पंचायत अध्यक्ष को धन्यवाद दिया। कार्यक्रम के दौरान सांसद उपेन्द्र सिंह रावत, जिला पंचायत अध्यक्ष राजरानी रावत, विधायक हैदरगढ़ बैजनाथ रावत, विधायक रामनगर शरद अवस्थी, विधायक दरियाबाद सतीश चन्द्र शर्मा, विधायक कुर्सी साकेन्द्र प्रताप वर्मा, जिलाधिकारी डॉ0आदर्श सिंह, पुलिस अधीक्षक डॉ0अनुराग वत्स, मुख्य विकास अधिकारी एकता सिंह, भारी संख्या में लोग मौजूद रहे।

तरक्की-विकास को लग रहे हैं पंख, उड़ चलिए पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे के संग

शरीर के लिए जो महत्व रक्तवाहिकाओं का होता है, वही महत्व एक राष्ट्र या राज्य के विकास के लिए अच्छी सड़कों का होता है। जिस प्रकार रक्त वाहिकाओं के माध्यम से रक्त शरीर के प्रत्येक अंग तक पहुँच कर उसे ऑक्सीजन पहुँचाकर प्रत्येक  अंग को सक्रिय रखता हैं, उसी प्रकार अच्छी सड़कें भी राज्य के विकास की गति को तीव्र कर देती हैं एवं इसके अंग-अर्थव्यवस्था, समाज, बाजार, अस्पताल, प्रशासन, कृषि आदि को सक्रिय रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। बात जब एक्सप्रेसवे की एवं उत्तर प्रदेश राज्य के विकास की हो तो सड़कों का महत्व स्वतःसिद्ध हो जाता है।

उत्तर प्रदेश भौगोलिक क्षेत्रफल दृष्टि से देश का चौथा बड़ा राज्य है। उत्तर प्रदेश के विभिन्न भौगोलिक क्षेत्रों में विकास के दृष्टिकोण से असमानताएं व्याप्त थी। उत्तर प्रदेश का पूर्वी भाग (पूर्वांचल), पश्चिमी भाग से अपेक्षाकृत पिछड़ा हुआ था। 

विकास की इन्हीं असमानताओं को दूर करने तथा राष्ट्रीय राजधानी एवं प्रदेश की राजधानी तक तीव्रतम संपर्क स्थापित करने की माननीय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी की कोशिशों के फलस्वरूप तीन वर्ष पूर्व पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे का शिलान्यास भारत के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी द्वारा किया गया था। पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे का कोरोना महामारी की विकट परिस्थितियों में पूरे सुरक्षात्मक उपायों के साथ निर्माण कार्य जारी रहा। इसी का सुखद परिणाम 16 नवम्बर, 2021 को देखने को मिला जब प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी द्वारा सुलतानपुर जनपद के ‘अरवल कीरी करवत’ में पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे का उद्घाटन किया। प्रदेश सरकार के मुखिया श्री योगी आदित्यनाथ जी की निरंतर सक्रियता तथा अनुश्रवण के कारण पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे रिकार्ड समय में बनकर तैयार हुआ है और इस पर आवागमन शुरू हो गया है।

पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे लखनऊ, बाराबंकी, अमेठी, सुलतानपुर, अयोध्या, अम्बेडकरनगर, मऊ, आजमगढ़ एवं गाजीपुर को जोड़ रहा है। लखनऊ के अतिरिक्त यह सभी छोटे शहर हैं एवं इनमें विकास प्रदेश के अन्य हिस्सों विशेषकर पश्चिमी उ0प्र0 से काफी कम हुआ है, परन्तु पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे के शुरू हो जाने से पूर्वांचल के इन जनपदों के साथ ही समूचे पूर्वांचल के विकास को पंख लगना निश्चित है। और यही प्रदेश सरकार की सोच व प्राथमिकता भी है कि प्रदेश के सभी हिस्सों का समरूप विकास हो एवं प्रदेश का प्रत्येक हिस्सा, प्रदेश का कोना-कोना विकास की रोशनी से जगमग हो जाए।

पूर्वांचल एक्सप्रेस वे बनने से राजधानी लखनऊ से पूर्वांचल के जिलों की दूरी तय करने में लगने वाला समय काफी घट गया है। एवं इससे ईंधन की बचत, समय की बचत, जाम की समस्या से मुक्ति, व्यापार की तीव्रता व वृद्धि, पूर्वांचल के कृषकों को अपने उत्पादों के लिए अतिरिक्त बाजार की उपलब्धि जैसे अनेक हित एक साथ पूरे हो रहे हैं। यदि और आगे देखें तो लखनऊ, आगरा एक्सप्रेस-वे तथा आगे यमुना एक्सप्रेस-वे के माध्यम से पूर्वांचल की राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से भी कनेक्टीविटी मिल गयी है। इससे समय व संसाधनों की काफी बचत हो रही है। इस एक्सप्रेस-वे का लाभ बिहार राज्य के सीमावर्ती जिलों को भी मिल रहा है क्योंकि इसके माध्यम से बिहार के लोग भी उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ व राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से सीधे जुड़ गए हैं। अब पूर्वांचल के लोगों को चिकित्सा हेतु शीघ्रता से सड़कमार्ग से लखनऊ या दिल्ली पहुँचना आसान हो गया है। व्यापारियों के लिए अपने व्यापार के संबंध में पूर्वांचल जाना या लखनऊ, दिल्ली जाना आसान हो गया है। यह सभी पूर्वांचल के समग्र विकास हेतु प्रदेश सरकार द्वारा प्रदेश वासियों को दीपावली एवं नववर्ष का उपहार है।

पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे के निर्माण पर लगभग 22000 करोड़ रुपये से भी ज्यादा व्यय हुआ है एवं इसके निर्माण में व्यापक रोजगार के अवसर निर्मित हुए। अब एक्सप्रेस-वे के बन जाने से भी विभिन्न क्षेत्रों के विकास के माध्यम से रोजगार में वृद्धि होने की पूरी संभावनाएं हैं। प्रदेश सरकार की भेदभाव, पक्षपात, जातिवाद, क्षेत्रवाद के बिना, सबका साथ-सबका विकास-सबका विश्वास की नीति पर चलते हुए, प्रदेश के समग्र व संतुलित विकास की दिशा में पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे अद्वितीय उदाहरण प्रस्तुत कर रहा है। यहां यह भी उल्लेखनीय है कि पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे पर 21 जगहों को उद्योगों की स्थापना के लिए चिन्हित किया गया है। जहां विभिन्न उद्योगों की स्थापना की जा रही है। जिससे व्यापक स्तर पर रोजगार सृजन हो रहा है। इन उद्योगों में खाद्य प्रसंस्करण, दुग्ध उत्पाद, कोल्ड स्टोरेज, भण्डारण, फल, सब्जी, अनाज, पशुपालन व खेती से जुड़े उत्पाद आधारित उद्योग, फार्मा, इलेक्ट्रिकल, टेक्सटाइल, हैण्डलूम, मेटल, फर्नीचर, पेट्रोकेमिकल आदि प्रमुख है। यह सभी उद्योग संबंधित क्षेत्रों का विकास तो करेंगे ही साथ ही प्रदेश की अर्थव्यवस्था को भी गति प्रदान करने में सहायक सिद्ध होंगे। एक्सप्रेस-वे से सटे शहरों में आईटीआई, मेडिकल संस्थान, ऑफिस, कृषि से संबंधित संस्थानों की स्थापना भी प्रस्तावित है जिससे कृषि एवं औद्योगिक क्षेत्र में अनेक नए विकल्पों की उपलब्धता छात्रों व युवाओं के लिए बढ़ेगी।

पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे की एक बड़ी उपलब्धि व खासियत यह है कि इसपर सुलतानपुर में एयरस्ट्रिप बनाई गई है। जिस पर आपातकाल में वायुसेना के विमान उड़ान भर सकेंगे व लैंडिंग कर सकेंगे। स्वयं माननीय प्रधानमंत्री जी एक्सप्रेस-वे का उद्घाटन करने हेतु वायुसेना के विशेष विमान से ही आए थे, जो सुलतानपुर में एक्सप्रेस-वे की हवाई पट्टी पर उतरा। पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे को प्रदेश के पूर्वी हिस्से के भौतिक विकास की जीवन रेखा कहा जाना पूर्णतः सही होगा। जिसके लिए प्रदेश सरकार का नेतृत्व व दूरदर्शी सोच जिम्मेदार है। प्रदेश की वर्तमान सरकार संकल्पों की सिद्धि पर अमल करते हुए सरकार की दृढ़ इच्छाशक्ति से प्रदेश को निरंतर आधुनिक सुविधाओं से समृद्ध कर रही है व प्रदेशवासियों का जीवन स्तर उठाकर उनका जीवन आसान कर रही है। प्रदेश सरकार पूर्वाचल एक्सप्रेस-वे के बाद कुशीनगर हवाई अड्डा के लोकार्पण एवं कुछ ही समय बाद होने वाले बुंदेलखण्ड एक्सप्रेस-वे के लोकार्पण के माध्यम से प्रदेश में अवसंरचना को लगातार मजबूत कर रही है। जिससे उत्तर प्रदेश का देश-विदेश में सम्मान बढ़ रहा है। पर्यटन, कृषि, व्यापार, वाणिज्य, रोजगार, उद्योग आदि को इन अवसंरचनाओं से लाभ हो रहा है। तो उड़ चलिए पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे के संग, विकास के लगाकर पंख।





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