UP में कोरोना संक्रमण के 12 नये मामले, कुल 16,38,12,323 कोविड डोज दी गयी

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  दिसंबर 2, 2021   18:16
UP में कोरोना संक्रमण के 12 नये मामले, कुल 16,38,12,323 कोविड डोज दी गयी

सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग द्वारा नगीना शाखा के क्षतिग्रस्त किनारों की पुनर्स्थापना की परियोजना हेतु प्रावधानित धनराशि 22.70 लाख रुपये परियोजना के अवशेष कार्यों पर व्यय हेतु अवमुक्त किये जाने की स्वीकृति प्रदान की गई है।

(प्रेस विक्षप्ति)  अपर मुख्य सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अमित मोहन प्रसाद ने बताया कि प्रदेश में कल एक दिन में कुल 1,66,010 सैम्पल की जांच की गयी है। जिसमें कोरोना संक्रमण के 12 नये मामले आये है। प्रदेश में अब तक कुल 8,78,83,444 सैम्पल की जांच की गयी है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में पिछले 24 घंटे में 11 तथा अब तक कुल 16,87,413 लोग कोविड−19 से ठीक हो चुके हैं। प्रदेश में कोरोना के कुल 93 एक्टिव मामले हैं। उन्होंने बताया कि कोविड वैक्सीनेशन का कार्य निरन्तर किया जा रहा है। प्रदेश में कल एक दिन में 10,05,525 डोज दी गयी। प्रदेश में कल तक पहली डोज 11,28,40,727 तथा दूसरी डोज 5,09,71,596 लगायी गयी हैं। कल तक कुल 16,38,12,323 कोविड डोज दी गयी है। 

इसे भी पढ़ें: विपक्ष ने सरकार को कोरोना के मुद्दे पर घेरा, उठाई बूस्टर खुराक की मांग

प्रसाद ने बताया कि कोविड संक्रमण अभी पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है। इसलिए सभी लोग कोविड अनुरूप आचरण करे। टीकाकरण के बाद भी कोविड प्रोटोकॉल का पालन अवश्य करें। किसी भी प्रकार की समस्या होने पर कोविड हेल्पलाइन 18001805145 पर सम्पर्क करे।

राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के लिए 10271.61 लाख रूपये की धनराशि मंजूर

उत्तर प्रदेश सरकार ने चालू वित्तीय वर्ष 2021−22 में राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत अवमुक्त केन्द्रांश के सापेक्ष मैचिंग राज्यांश की धनराशि 10271.61 लाख रूपये (रूपये एक अरब दो करोड़ इकहत्तर लाख इकसठ हजार मात्र) अवमुक्त करते हुए आयुक्त ग्राम्य विकास, उत्तर प्रदेश के निवर्तन पर रखने के निर्देश दिये हैं। योजना में 60 प्रतिशत केन्द्रांश एवं उसके सापेक्ष 40 प्रतिशत राज्यांश की व्यवस्था है।

इस सम्बन्ध में ग्राम्य विकास विभाग द्वारा आवश्यक आदेश जारी कर दिया गया है, जिसमें कहा गया है कि स्वीकृत की जा रही धनराशि के नियम संगत व्यय व स्वीकृत धनराशियों के निर्धािरत प्रारूप पर उपयोगिता प्रमाण पत्र प्राप्त किये जाने का दायित्व आयुक्त, ग्राम्य विकास एवं मिशन निदेशक, राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन का होगा।

प्रदेश में अब तक 13.47 मीटि्रक टन हुई धान खरीद, किसानों को किया गया 1600.20 करोड़ रूपये का भुगतान

खरीफ खरीद वर्ष 2021−22 के तहत प्रदेश में खोले गए विभिन्न क्रय केन्द्रों के माध्यम से, अब तक 1347839.69 मीटि्रक टन धान की खरीद की गयी है। इस योजना से 191424 किसानों को लाभान्वित किया गया है तथा उनके खातों में 1600.201 करोड़ रूपये का भुगतान किया गया है। खाद्य एवं रसद विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार आज 77562.66 मीटि्रक टन धान की खरीद हुई है। धान खरीद केन्द्रों पर किसानों को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसका पूरा−पूरा ध्यान रखते हुए खरीद की जा रही है।

जेनेटिक इम्प्रूवमेंन्ट फार शीप ए.ड गोट योजना के लिए 112.50 लाख रूपये की धनराशि स्वीकृत

उत्तर प्रदेश सरकार ने राष्ट्रीय पशुधन प्रबन्धन कार्यक्रम के तहत जेनेटिक इम्प्रूवमेंन्ट फार शीप ए.ड गोट योजना के लिए 112.50 लाख रूपये (एक करोड़ बारह लाख पचास हजार रूपये) की धनराशि वर्तमान वित्तीय वर्ष में स्वीकृत की है। यह योजना 60 प्रतिशत केन्द्र पोषित तथा 40 प्रतिशत राज्य पोषित है। स्वीकृत धनराशि का व्यय अनुसूचित जातियों के लिए विशेष घटक योजना के तहत किया जायेगा।

इसे भी पढ़ें: अगर आपने नहीं लगवाया है कोरोना का टीका तो दिल्ली मेट्रो और बसों में नहीं कर पाएंगे सफर, लागू होने जा रहा यह नियम

पशुधन विभाग द्वारा इस संबंध में शासनादेश जारी करते हुएयोजना के सुनियोजित क्रियान्वयन के लिए निदेशक, प्रशासन एवं विकास, पशुपालन विभाग को आवश्यक दिशा−निर्देश दे दिए गए हैं। शासनादेश में कहा गया है कि स्वीकृत धनराशि का आहरण एवं व्यय भारत सरकार तथा राज्य सरकार द्वारा एस0सी0एस0पी0/टी0एस0पी0 हेतु निर्धारित मानकों व दिशा−निर्देशों का पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित करते हुए किया जाएगा।

सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय, मेरठ के केन्द्रीय पुस्तकालय हेतु 83.33 लाख रूपये स्वीकृत

उत्तर प्रदेश सरकार ने सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय, मेरठ के केन्द्रीय पुस्तकालय हेतु फर्नीचर, किताबें एवं पत्रिकाओं को क्रय करने के लिए 83.33 लाख रूपये की स्वीकृति प्रदान कर दी है। कृषि विभाग के विशेष सचिव, श्री बृजराज सिंह यादव ने यह जानकारी देते हुये बताया कि इस सम्बन्ध में औपचारिक आदेश में निर्गत कर दिये गये हैं। 

यादव ने बताया कि सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय, मेरठ के लिए 575 लाख रूपये का प्रावधान किया गया है। जारी की जा रही धनराशि 83.33 लाख रूपये प्रथम किश्त के रूप में स्वीकार की गयी है। स्वीकृत धनराशि का व्यय उन्हीं मदों पर किया जायेगा, जिस मद के लिए धनराशि स्वीकृत की जा रही है।

जारी शासनादेश में निर्देश दिये गये हैं कि स्वीकृत धनराशि का आहरण एकमुश्त न करते हुये आवश्यकतानुसार किया जायेगा। इसके अतिरिक्त प्रस्ताव में आंकड़ों की शुद्धता एवं पुष्टि का दायित्व विश्वविद्यालय प्रशासन का होगा। 

राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान, अलीगंज, लखनऊ में जनपद स्तरीय रोजगार मेले में 53 प्रशिक्षार्थियों का हुआ चयन

आज कोविड−19 गाइडलाइन का पालन करते हुए व्यावसायिक शिक्षा एवं कौशल विकास विभाग, उ0प्र0 के द्वारा विभिन्न व्यावसायों से आई0टी0आई0 उत्तीर्ण महिला अभ्र्यथियों के लिये एस0आर0एफ0 लि0, म0प्र0 के द्वारा जनपद स्तरीय रोजगार मेले का आयोजन राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान, अलीगंज, लखनऊ में सम्पन्न हुआ। जिसमें 53 प्रशिक्षार्थियों का चयन कम्पनी द्वारा किया गया। उक्त अवसर पर नोडल प्रधानाचार्य श्री आर0एन0 त्रिपाठी एंव श्री एम0ए0 खाँ, प्लेसमेन्ट प्रभारी ने चयनित प्रशिक्षार्थियों को बधाई दी।

केन्द्र पुरोनिधानित प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के अन्तर्गत केन्द्रांश 06 करोड़ 26 लाख 35 हजार 298 रूपये स्वीकृत

प्रदेश सरकार द्वारा केन्द्र पुरोनिधानित प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना राज्य घटक के अन्तर्गत भारत सरकार से प्राप्त केन्द्रांश की धनराशि जारी कर दी गयी है। इस संबंध में आवश्यक शासनादेश व्यावसायिक शिक्षा एवं कौशल विकास द्वारा जारी कर दिया गया है। जारी शासनादेश के अनुसार केन्द्र पुरोनिधानित प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के अन्तर्गत चालू वित्तीय वर्ष 2021−22 में केन्द्रंाश धनराशि 6,26,35,298 (छरू करोड़ छब्बीस लाख पैतीस हजार दो सौ अट्ठानबे मात्र) की स्वीकृति शर्तों के अधीन प्रदान की गयी है। 

पीलीभीत के ललित हरि राजकीय आयुर्वेद महाविद्यालय एवं चिकित्सालय छात्रावास के निर्माण हेतु 211.64 लाख रूपये की धनराशि स्वीकृत

उत्तर प्रदेश सरकार ने पीलीभीत के ललित हरि राजकीय आयुर्वेद महाविद्यालय एवं चिकित्सालय में 84 छात्राओं के लिए छात्रावास के निर्माण कार्य हेतु द्वितीय किश्त के रूप में 211.64 लाख रूपये की धनराशि वर्तमान वित्तीय वर्ष में स्वीकृत की है। आयुष विभाग द्वारा इस सम्बंध में शासनादेश जारी करते हुए निदेशक आयुर्वेद सेवायें को आवश्यक दिशा−निर्देश दे दिये गये हैं। आदेश में कहा गया है कि कार्य की गुणवत्ता, मानक एवं विशिष्टियों की जिम्मेदारी प्रधानाचार्य, राजकीय आयुर्वेद महाविद्यालय पीलीभीत एवं कार्यदायी संस्था की होगी। 

शारदा सहायक पोषक नहर के कुछ किमी के बीच क्षतिग्रस्त पैरापेट वाल की मरम्मत एवं नये पैरापेट वाल के निर्माण हेतु 184.37 लाख रुपये की धनराशि अवमुक्त

सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग द्वारा जनपद शारदा सहायक पोषक नहर के कुछ किमी0 के बीच बांये किनारे के आंतरिक किनारे पर पुराने क्षतिग्रस्त पैरापेट वाल की मरम्मत और दांये किनारे पर नये पैरापेट वाल के निर्माण की कार्य योजना हेतु प्रावधानित धनराशि 184.37 लाख रुपये चालू परियोजना के अवशेष कार्यों पर व्यय हेतु अवमुक्त किये जाने की स्वीकृति प्रदान की गई है।

इसे भी पढ़ें: साढ़े चार साल में हुआ पांच लाख करोड़ से अधिक का निवेश, तीन करोड़ लोगों को मिला रोजगार

इस संबंध में विशेष सचिव सिंचाई मुश्ताक अहमद की ओर से 02 दिसम्बर, 2021 को शासनादेश जारी करते हुए कहा गया है कि परियोजना का निर्माण कार्य समय से पूरा कराने के साथ ही धनराशि व्यय करते समय शासन द्वारा समय−समय पर जारी सुसंगत शासनादेशों का अनुपालन अनिवार्य रूप से किया जाये। स्वीकृत धनराशि का उपयोग स्वीकृत परियोजनाओं पर ही किया जाये। ऐसा न किये जाने पर किसी प्रकार की गड़बड़ी होने पर समस्त उत्तरदायित्व विभाग का होगा। परियोजना में कराये जाने वाले कार्यों में गुणवत्ता एवं समय से कराया जाना मुख्य अभियंता द्वारा सुनिश्चित किया जायेगा। इसका निरीक्षण करके फोटो आदि भी उपलब्ध कराना होगा। 

नगीना शाखा के क्षतिग्रस्त किनारों के पुननिर्माण हेतु 22.70 लाख रुपये  की धनराशि अवमुक्त

सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग द्वारा नगीना शाखा के क्षतिग्रस्त किनारों की पुनर्स्थापना की परियोजना हेतु प्रावधानित धनराशि 22.70 लाख रुपये परियोजना के अवशेष कार्यों पर व्यय हेतु अवमुक्त किये जाने की स्वीकृति प्रदान की गई है। इस संबंध में विशेष सचिव सिंचाई मुश्ताक अहमद की ओर से 01 दिसम्बर, 2021 को शासनादेश जारी करते हुए कहा गया है कि परियोजना का निर्माण कार्य समय से पूरा कराने के साथ ही धनराशि व्यय करते समय शासन द्वारा समय−समय पर जारी सुसंगत शासनादेशों का अनुपालन अनिवार्य रूप से किया जाये। स्वीकृत धनराशि का उपयोग स्वीकृत परियोजनाओं पर ही किया जाये। ऐसा न किये जाने पर किसी प्रकार की गड़बड़ी होने पर समस्त उत्तरदायित्व विभाग का होगा। परियोजना में कराये जाने वाले कार्यों में गुणवत्ता एवं समय से कराया जाना मुख्य अभियंता द्वारा सुनिश्चित किया जायेगा। इसका निरीक्षण करके फोटो आदि भी उपलब्ध कराना होगा। 

दिव्यांगजन को निरूशुल्क मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल उपलब्ध कराने के लिये 32.56 करोड़ रूपये मंजूर 

प्रदेश सरकार ने वर्तमान वित्तीय वर्ष में दिव्यांगजन को निरूशुल्क मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल उपलब्ध कराये जाने के लिए योजना के क्रियान्वयन हेतु 32.56 करोड़ रूपये की धनराशि मंजूर की है। मंजूर की गयी धनराशि व्यय की स्वीकृति सहित निदेशक, दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग को उपलब्ध करा दी गयी है। इस सम्बन्ध में दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग ने आवश्यक आदेश जारी कर दिया हैं। आदेशानुसार योजना के अन्तर्गत मोटराइज्ड ट्राई साइकिल के क्रय की कार्यवाही जेम पोर्टल के माध्यम से नियमानुसार पारदर्शी प्रक्रिया के अनुसार की जायेगी। मंजूर की गयी धनराशि का आहरण एकमुश्त नहीं किया जायेगा, बल्कि आवश्यकतानुसार एवं नियमानुसार किया जायेगा। उपकरणों का क्रय सक्षम स्तर के अनुमोदनोपरान्त शासन द्वारा निर्गत क्रय−संबंधी सुसंगत नियमों एवं अन्य सुसंगत वित्तीय नियमों का अनुपालन करते हुये सुनिश्चित की जायेगी। 

धान खरीद के सम्बन्ध में किसानों को किसी भी प्रकार की परेशानी न होने पाये− श्री केशव प्रसाद मौर्य

उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री ने धान खरीद की समीक्षा के दौरान डिप्टी आर0एम0ओ0 को निर्देशित किया कि वे सुनिश्चित करें कि धान खरीद के सम्बन्ध में किसानों को किसी भी प्रकार की कोई परेशानी न होने पाये एवं घटतौली की शिकायत न आने पाये, शिकायत पाये जाने पर सम्बन्धित के विरूद्ध कार्यवाही की जायेगी। इसके साथ ही उन्होंने धान खरीद के सम्बन्ध में दूरभाष नम्बर जारी करने के निर्देश दिये, जिससे आमजन अपनी शिकायत दर्ज करा सकें। उन्होंने कहा कि हाईब्रिड धान खरीद के सम्बन्ध में विस्तृत जानकारी क्रय केन्द्रों सहित अन्य स्थानों पर अंकित कराया जाय तथा विभिन्न माध्यमों द्वारा व्यापक प्रचार−प्रसार सुनिश्चित किया जाय। बैठक में डिप्टी आर0एम0ओ0 ने बताया कि जनपद में राईस मीलें कम हैं, जिस पर उप मुख्यमंत्री ने जनपद प्रयागराज एवं फतेहपुर के राईस मीलरों से वार्ता कर आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिये। 

इसे भी पढ़ें: कोरोना के नए वेरिएंट 'ओमीक्रोन' ने बढ़ाई चिंता, कर्नाटक में सामने आए 2 मामले, स्वास्थ्य मंत्रालय ने की मास्क लगाने की अपील

उप मुख्यमंत्री ने गौआश्रय स्थलों की समीक्षा के दौरान कहा कि आवारा घूम रहे गोवंशों को आश्रय स्थलों में रखा जाय तथा यह सुनिश्चित किया जाय किसी  भी गोवंश के आवारा घूमने की शिकायत न आने पाये। उन्होंने गौआश्रय स्थलों में सभी व्यवस्थाओं के साथ ही गोंवशों को ठ.ड से बचाव हेतु सभी आवश्यक व्यवस्थायें सुनिश्चित करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि चिन्हित अस्थायी गोआश्रय स्थलों के सम्बन्ध में तेजी से आवश्यक कार्यवाही की जाय एवं निर्माणाधीन गौशालाओं को शीघ्र पूर्ण कराया जाय। उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य आज मॉ शीतला देवी अतिथि गृह, सिराथू, जनपद कौशाम्बी में जनपद कौशांबी के विकास कार्यों व सोशल सेक्टर की योजनाओं की प्रगति की समीक्षा कर रहे थे।

उप मुख्यमंत्री द्वारा जनपद में स्वास्थ्य व्यवस्थाओं एवं कोविड−19 टीकाकरण की प्रगति की जानकारी प्राप्त करने पर मुख्य चिकित्साधिकारी ने बताया कि कोविड−19 टीकाकरण में जनपद प्रदेश में 6वें स्थान पर है तथा कोविड−19 टीकाकरण की प्रथम डोज 84 प्रतिशत एवं द्वितीय डोज 30 प्रतिशत दी जा चुकी है। उप मुख्यमंत्री ने कोविड टीकाकरण में तेजी से और अधिक प्रगति लाने तथा कोविड−19 की नये वैरिय.ट के दृष्टिगत स्वास्थ्य की बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित करने हेतु सभी आवश्यक तैयारियॉ पूर्ण करने एवं सी0एच0सी0 व पी0एच0सी0 में स्वास्थ्य सुविधाओं को और अधिक बेहतर करने तथा अॉक्सीजन प्ला.टों को क्रियाशील करने के निर्देश दिये। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि जनपद में नगर पालिकाओं के विस्तार में जो गांव शामिल हुए हैं, उन सभी क्षेत्रों में कैम्प लगाकर पात्र लोगों को आवास आदि कल्याणकारी योजनाओं से लाभान्वित किया जाय। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण एवं शहरी के लिए चिन्हित सभी पात्र व्यक्तियों को शीघ्र लाभान्वित किये जाने हेतु आवश्यक कार्यवाही की जाय। उन्होंने कृषक दुर्घटना के लाभार्थियों को शीघ्र सहायता राशि दिये जाने के निर्देश दिये।    

इसे भी पढ़ें: डोनाल्ड ट्रंप की बड़ी लापरवाही, राष्ट्रपति चुनाव के वक्त कोरोना पॉजिटिव होने के बावजूद बाइडेन संग की थी डिबेट!

उप मुख्यमंत्री ने कहा कि जहॉ−जहॉ नई सड़कें बननी हैं, उन सभी के प्रस्ताव बनाकर उपलब्ध कराया जाय तथा जो भी परियोजनायें पूर्ण हो गयी हैं, उनका लोकार्पण तथा स्वीकृत परियोजनाओं का शिलान्यास जनप्रतिनिधियों से कराया जाय। उन्होंने सांसद निधि एवं विधायक निधि के अन्तर्गत कराये जा रहे कार्यो की प्रगति की भी समीक्षा की। उन्होंने जनपद में डी0ए0पी0 की उपलब्धता एवं बिजली की आपूर्ति आदि की भी विस्तृत जानकारी प्राप्त की। बैठक में जिलापूर्ति अधिकरी ने बताया कि सभी कार्ड धारकों को इस माह से राशन के साथ ही 01 लीटर खाद्य तेल, 01 किलो नमक एवं 01 किलो दाल दिया जायेगा, जिस पर उपमुख्यमंत्री ने कहा कि कोटेदारों की बैठक कर कार्यक्रम आयोजित कराकर वितरण कराया जाय। इसके साथ ही उन्होंने निर्देश दिये कि सभी पात्र व्यक्तियों का राशन कार्ड बनाया जाय, इस सम्बन्ध में कोई शिकायत न आने पाये। इस अवसर पर सांसद विनोद सोनकर, अध्यक्ष जिला पंचायत श्रीमती कल्पना सोनकर, विधायक श्री शीतला प्रसाद, श्रीमती अनीता त्रिपाठी सहित जिलाधिकारी श्री सुजीत कुमार एवं पुलिस अधीक्षक श्री राधेश्याम विश्वकर्मा व मुख्य विकास अधिकारी श्री शशिकांत त्रिपाठी सहित अन्य सम्बन्धित अधिकारीगण उपस्थित रहे।

प्रदेश में 6 सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक की स्थापना की गई−श्री सुरेश कुमार खन्ना

उत्तर प्रदेश के वित्त, चिकित्सा शिक्षा एवं संसदीय कार्य मंत्री श्री सुरेश कुमार खन्ना ने प्रेस प्रतिनिधियों से बातचीत करते हुए कहा कि प्रदेश की जनता में आज वर्तमान सरकार के प्रति विश्वास बढ़ा है। वर्तमान सरकार ने हर क्षेत्र में बेहतर कार्य करते हुए भ्रष्टाचार एवं गु.डागर्दी पर अंकुश लगाया है। आज मा0 प्रधानमंत्री जी के मार्गदर्शन में एवं मा0 मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी के नेतृत्व में प्रदेश में किये गये विकासपरक कार्यों एवं योजनाओं से आम जनता यह महसूस कर रही है कि वर्तमान सरकार ही सबसे बेहतर सरकार है। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार द्वारा स्वास्थ्य के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य हुए हैं। सरकार प्रदेश की जनता को बेहतर से बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए हरसंभव कदम उठा रही है। 

इसे भी पढ़ें: दक्षिण अफ्रीका में कोरोना वायरस संक्रमण के मामले हुए दोगुने, टीकाकरण नहीं कराने वालों पर सरकार की सख्ती

चिकित्सा शिक्षा मंत्री ने कहा कि कोरोना महामारी पर प्रदेश सरकार ने सबसे प्रभावी नियंत्रण किया है। डब्ल्यूएचओ ने भी कोरोना संक्रमण पर प्रभावी नियंत्रण के लिए प्रदेश के थ्री−टी फार्मूले की प्रशंसा की है। मा0 प्रधानमंत्री जी एवं नीति आयोग ने भी इसे सराहा है। निगरानी समितियों से लेकर इलाज तक हर स्तर पर कोरोना को नियंत्रित करने में प्रदेश सरकार द्वारा प्रयास किया गया, जिसका परिणाम रहा कि कोरोना से उत्तर प्रदेश में बाकी राज्यों के मुकाबले काफी कम मौतें भी हुईं। उन्होंने कहा कि यह भी न होती तो ज्यादा अच्छा था। उत्तर प्रदेश में विगत 24 घंटे में 12 केस आए हैं और 42 ऐसे जि़ले हैं जिसमें ज़ीरो केस मिले हैं। यह सरकार के कुशल प्रबंधन एवं नियमित मॉनीटरिंग का परिणाम रहा। उन्होंने बताया कि प्रदेश में केस फैटलिटी रेट 1.3 परसेंट, रिकवरी रेट 98.7 प्रतिशत तथा पॉजिटीविटी रेट 1.95 प्रतिशत है।

खन्ना ने कहा कि पहले यूपी में कोरोना के मात्र 70 टेस्ट करने की क्षमता थी और आज एक दिन में ढाई लाख टेस्ट करने की क्षमता हो गई है। उन्होंने कहा कि देश में पहली बार किसी महामारी के दौरान दो−दो स्वदेशी वैक्सीन की खोज की गई। कुछ लोगों द्वारा वैक्सीन के प्रति भ्रान्तियां फैलायी गई जिसके कारण जिस गति से वैक्सीनेशन होना चाहिए था, उस गति से नहीं हो सकी, जिसका दुष्परिणाम देखना पड़ा, परन्तु आज तेजी से वैक्सीनेशन का कार्य चल रहा है। अगर उस वक्त ये दूरप्रचार ना किया गया होता तो प्रदेश में वैक्सिनेशन और तेज़ी से होता। वर्तमान में प्रदेश में 11 करोड़ 28 लाख 40 हजार 727 लोगों को कोविड वैक्सीन की प्रथम डोज दी जा चुकी है, जो कुल जनसंख्या का 76.54 प्रतिशत है, जबकि 5 करोड़ 9 लाख 71 हजार 596 लोगों को वैक्सीन की दोनो डोज दी जा चुकी है। खन्ना ने बताया कि प्रदेश में वर्ष 2016−17 तक सिर्फ़ 12 मेडिकल कॉलेज थे और 2017 से वर्तमान सरकार में 33 मेडिकल कॉलेज बनाए गए। प्रदेश में अभी कुल 65 एक्टिव मेडिकल कॉलेज हैं। उन्होंने बताया कि 35 मेडिकल कालेज सरकारी क्षेत्र में तथा 30 मेडिकल कोलेज निजी क्षेत्र में हैं। उन्होंने बताया कि 2017 तक प्रदेश में एमबीबीएस की 1840 सीटें थी और अब 2021 में 1160 सीटें और बढ़ गईं हैं। निजी क्षेत्र के मेडिकल कालेजों में एमबीबीएस की 2550 सीटें थी जिसमें 1600 सीटों का इजाफा हुआ है। सरकारी क्षेत्र में एमडीएमएस की जहां 741 सीटें थी वहीं अब 1027 सीटें हो गई हैं जबकि निजी क्षेत्र में 603 सीटों से बढ़कर 1064 सीटें हो गई हैं।

इसे भी पढ़ें: बूस्टर डोज लाने की तैयारी में सीरम इंस्टीट्यूट, Omicron पर भी होगा असरदार, DCGI से मांगी मंज़ूरी

चिकित्सा शिक्षा मंत्री ने बताया कि वर्तमान सरकार के पहले प्रदेश में पंजीकृत नर्सों की संख्या 42612 थी और 65343 पंजीकृत डॉक्टर थे, जबकि वर्तमान में 82299 पंजीकृत डॉक्टर और 74680 पंजीकृत नर्स हैं। उन्होंने कहा कि वेक्टर जनित रोगों पर वर्तमान सरकार द्वारा बेहतर नियंत्रण किया गया है। डाक्टरों एवं अधिकारियों की ट्रेनिंग एवं जनजागरूकता के प्रयासों से बीमारियों पर नियंत्रण पाया गया है। उन्होंने कहा कि संचारी रोगों और दिमागी बुखार पर अंकुश लगा और आज इस सरकार में दिमागी बुखार की दर 16 प्रतिशत से घटकर 3 प्रतिशत हो गया है।  वर्तमान सरकार से पूर्व बीआरडी मेडिकल कॉलेज में 264 बाल रोग बेड थे जबकि आज 428 बेड हो गए हैं। खन्ना ने बताया कि आयुषमान भारत योजना के माध्यम से लोगों को 05 लाख तक मुफ्त इलाज मिल रहा है। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार का उद्देश्य है कि उत्तर प्रदेश का कोई भी व्यक्ति बीमार हो तो उसका पूरा का पूरा इलाज उत्तर प्रदेश में ही संभव हो। लीवर एवं किडनी ट्रांसप्ला.ट का कार्य प्रदेश में किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि डाक्टरों की कमी को दूर करने के लिए डाक्टरों की अधिवर्षता आयु 60 से बढ़ाकर 65 और पुनरू 65 बढ़ाकर 70 की गई। प्रदेश में 6 सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक की स्थापना की गई है, जिनमें 04 तैयार हो चुके हैं तथा कानपुर में भी सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक लगभग पूर्ण हो चुका है।

विश्व दिव्यांग दिवस के अवसर पर राज्य स्तरीय पुरस्कार वितरण समारोह का आयोजन कल

प्रदेश के दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग द्वारा कल 03 दिसम्बर, 2021 को विश्व दिव्यांग दिवस के अवसर पर राज्य स्तरीय पुरस्कार वितरण समारोह का आयोजन किया जा रहा है। इस अवसर पर प्रतिभावान दिव्यांगजन तथा दिव्यांगता के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले व्यक्तियों एवं संस्थाओं को राज्य स्तरीय पुरस्कार से सम्मानित किया जायेगा। यह जानकारी निदेशक, दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग, सत्य प्रकाश पटेल ने आज यहां दी। उन्होंने बताया कि कार्यक्रम का आयोजन यहां मोहान रोड स्थित डा0 शकुन्तला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय के अटल ऑडिटोरियम में पूर्वाह्न 11रू00 बजे से किया जायेगा।





Disclaimer:प्रभासाक्षी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।


नोट:कोरोना वायरस से भारत की लड़ाई में हम पूर्ण रूप से सहभागी हैं। इस कठिन समय में अपनी जिम्मेदारी का पूर्णतः पालन करते हुए हमारा हरसंभव प्रयास है कि तथ्यों पर आधारित खबरें ही प्रकाशित हों। हम स्व-अनुशासन में भी हैं और सरकार की ओर से जारी सभी नियमों का पालन भी हमारी पहली प्राथमिकता है।

Prabhasakshi logoखबरें और भी हैं...

राष्ट्रीय

झरोखे से...