नाराज विधायकों के साथ कर्नाटक में सियासी उठापटक शुरू, मंत्री का दावा- कांग्रेस के 22 विधायक हमारे संपर्क में

नाराज विधायकों के साथ कर्नाटक में सियासी उठापटक शुरू, मंत्री का दावा- कांग्रेस के 22 विधायक हमारे संपर्क में

उत्तर कर्नाटक के विधायकों ने एक समूह ने बेलगाम जिले के ताकतवर लिंगायत नेता उमेश कत्ती के आवास पर एक बैठक की थी। बैठक मे शामिल सभी बागी विधायक उमेश कत्ती के समर्थक बताए जा रहे हैं।

बेंगलुरू। देश कोरोना महामारी से लड़ रहा है और राज्य भी केंद्र की मदद कर रहे हैं। लेकिन कर्नाटक सरकार कोरोना के साथ-साथ एक और मुश्किल का सामना करना पड़ रहा है। दरअसल, कर्नाटक के मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा के खिलाफ 20 बागी विधायकों ने मोर्चा खोल दिया है और इस बात के संकेत भी मिलना शुरू हो चुके हैं।

उत्तर कर्नाटक के विधायकों ने एक समूह ने बेलगाम जिले के ताकतवर लिंगायत नेता उमेश कत्ती के आवास पर एक बैठक की थी। बैठक मे शामिल सभी बागी विधायक उमेश कत्ती के समर्थक बताए जा रहे हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक उमेश कत्ती ने गुरुवार को 20 विधायकों को डिनर पर बुलाया था। हालांकि इसके बारे में कोई भी आधिकारिक तौर पर बातचीत करने के लिए तैयार नहीं है। लेकिन सूत्रों के हवाले से बताया जा रहा है कि यह मौजूदा सरकार के लिए संकट खड़ा कर सकते हैं। 

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क्या है विधायकों की मांग ?

लिंगायत नेता उमेश कत्ती और बाकी के तमाम विधायक चाहते हैं कि मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा अपने कामकाज के तरीके को बदले और उमेश कत्ती को मंत्रिमंडल में शामिल किया जाए। इसके साथ ही विधायकों की मांग है कि उमेश कत्ती के भाई रमेश को राज्यसभा भेजा जाए।

मीडिया रिपोर्ट्स में यह भी दावा किया जा रहा है कि इस बैठक के पीछे की असल वजह बेलगावी जिले में पूर्व सांसद रमेश कट्टी को राज्यसभा भेजने के लिए दबाव बनाना है। 

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संपर्क में कांग्रेस के 22 विधायक

इसी बीच कर्नाटक के जल संसाधन मंत्री रमेश जरकीहोली ने दावा किया कि कांग्रेस के 22 विधायक उनके संपर्क में हैं। अगर आलाकमान इजाजत दे तो वह एक सप्ताह के अंदर परीक्षण के आधार पर 22 विधायकों में से पांच का दल-बदल करा सकते हैं।

इतना ही नहीं एक सवाल के जरकीहोली ने कहा कि इस बैठक का ज्यादा मतलब नहीं निकाला जाना चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने दावा किया कि पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के सहयोग से सब ठीक हो जाएगा और येदियुरप्पा सरकार अगले तीन साल क्या मौजूदा कार्यकाल के बाद के पांच साल के लिए भी सुरक्षित है। 

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जरकीहोली ने बयान दिया ही था कि कांग्रेस की तरफ से भी प्रतिक्रिया सामने आ गई। कांग्रेस ने कहा कि अगर कर्नाटक सरकार स्थिर है तो फिर दल-बदल कराने की जरूरत क्या है। दरअसल, यह बीजेपी से खफा हुए विधायकों के लिए एक संदेश है कि अगर वे पार्टी छोड़ भी देते हैं तो भी सरकार को कोई नुकसान नहीं होने वाला है।

कांग्रेस प्रवक्ता ए एन नटराज गौड़ा ने कहा कि एक साल के भीतर येदियुरप्पा को इस्तीफा देने के लिए मजबूर किया जा सकता है। इस पर राज्य के कृषि मंत्री बीसी पाटिल ने कहा कि सरकार को कोई खतरा नहीं है।

सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक मुख्यमंत्री येदियुरप्पा ने उमेश कत्ती से मुलाकात करने की इच्छा जताई है। हालांकि इस विषय पर अभी कोई भी प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। 





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