उप्र में भारी बारिश के चलते मलबे में दबकर लखनऊ के नौ मजदूरों समेत 22 लोगों की मौत

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मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ ने दिवंगतों के परिजनों को अनुमन्य राहत राशि तत्काल वितरित किए जाने के निर्देश दिए हैं और शोक संतप्त परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की है। पुलिस और प्रशासन के अनुसार, भारी बारिश से चारदीवारी गिरने से जहां लखनऊ में नौ मजदूरों की मौत हुई है, वहीं उन्‍नाव जिले में कच्ची दीवार और झोपड़ी ढहने की तीन घटनाओं में तीन बच्चों सहित पांच लोगों की मौत हो गई।

उत्तर प्रदेश में भारी बारिश के कारण लखनऊ में मलबे के नीचे दबने से नौ मजदूरों समेत राज्‍य के विभिन्न हिस्सों में हुए वर्षा जनित हादसों में शुक्रवार को कुल 22 लोगों की मौत हो गयी। राज्‍य सरकार ने मृतकों के परिजनों को चार-चार लाख रुपये आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। राहत आयुक्त कार्यालय द्वारा उपलब्ध करायी गयी ताजा जानकारी के अनुसार, जनपद लखनऊ में अतिवृष्टि से नौ, उन्नाव में पांच, फतेहपुर में तीन, झांसी में एक, रायबरेली में एक, प्रयागराज में दो तथा सीतापुर में एक व्यक्ति की मौत हुई है।

मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ ने दिवंगतों के परिजनों को अनुमन्य राहत राशि तत्काल वितरित किए जाने के निर्देश दिए हैं और शोक संतप्त परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की है। पुलिस और प्रशासन के अनुसार, भारी बारिश से चारदीवारी गिरने से जहां लखनऊ में नौ मजदूरों की मौत हुई है, वहीं उन्‍नाव जिले में कच्ची दीवार और झोपड़ी ढहने की तीन घटनाओं में तीन बच्चों सहित पांच लोगों की मौत हो गई। जबकि रायबरेली में पक्का मकान से गिरने से तीन वर्षीय बच्चे की मौत हो गयी और उसके माता-पिता, भाई-बहन घायल हो गये। 

वहीं प्रयागराज जिले में एक कच्चे मकान की दीवार गिरने से उसके मलबे में दबकर दो मासूम बच्चों की मृत्यु हो गई। पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि लखनऊ के दिलकुशा इलाके में बृहस्पिवार को रात भर हुई भारी बारिश के कारण ‘आर्मी एन्क्लेव’ की चारदीवारी गिरने से झांसी जिले के रहने वाले कम से कम नौ लोगों की मौत हो गई। उन्होंने बताया कि हादसे में दो लोग घायल हुए हैं। संयुक्त पुलिस आयुक्त (कानून व्यवस्था) पीयूष मोर्डिया ने बताया कि चाहरदीवारी ढहने से मरने वाले मजदूर दीवार के पास झोपड़ा बनाकर उसमें रह रहे थे।

लखनऊ के जिलाधिकारी सूर्यपाल गंगवार ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि रातभर हुई बारिश के बाद एक निर्माणाधीन दीवार गिरने से नौ लोगों की मौत हो गई, जबकि दो अन्य घायल हो गए। वहीं, संयुक्त पुलिस आयुक्त (कानून-व्यवस्था) ने बताया कि मृतकों में से छह की शिनाख्त मानकुंवर, धर्मेंद्र, नैना, प्रदीप, रेशमा और चंदा के रूप में की गई है। मुख्‍यमंत्री कार्यालय ने ट्वीट कर घटना पर दुख जताते हुए कहा है, “मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ ने जनपद लखनऊ स्थित एक कॉलोनी में दीवार गिरने के हादसे में हुई जनहानि पर गहरा दुख जताया है।

मुख्यमंत्री ने शोक संतप्त परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की है।” ट्वीट के मुताबिक, योगी ने घटना में मारे गए लोगों के परिजनों को चार-चार लाख रुपये की आर्थिक मदद प्रदान करने के निर्देश दिए हैं। वहीं, राजभवन ने एक बयान जारी कर कहा कि राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने भी घटना में लोगों की मौत पर दुख व्यक्त किया है।  केंद्रीय रक्षा मंत्री और स्थानीय सांसद राजनाथ सिंह ने ट्वीट किया, “लखनऊ में एक दीवार गिरने से कई लोगों की मौत की खबर सुनकर मुझे बहुत दुख हुआ।

जिन लोगों को इस हादसे में अपनी जान गंवानी पड़ी है, उनके परिजनों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं हैं। इसके साथ ही मैं इस दुर्घटना में घायल सभी लोगों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं।” उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने दिलकुशा के पीड़ितों से अस्पताल पहुंच कर मुलाक़ात की। पाठक ने ट्वीट किया, “आज लखनऊ कैंट विधानसभा के दिलकुशा में दीवार गिरने से हुई दुर्घटना में घायल हुए लोगों से सिविल अस्पताल पहुंचकर उनके स्वास्थ्य का कुशलक्षेम जाना एवं उच्च कोटि की स्वास्थ्य सुविधाओं से इलाज करने व हर संभव मदद हेतु डॉक्टर्स को निर्देशित किया।”

वहीं, उन्नाव जिले में भारी बारिश के कारण कच्ची दीवार ढहने की तीन घटनाओं में तीन बच्चों सहित पांच लोगों की मौत हो गई। अधिकारियों ने बताया कि स्थानीय थाना पुलिस ने मृतकों का पंचनामा भरकर शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिए हैं। उपजिलाधिकारी नरेंद्र सिंह ने बताया कि पुरवा तहसील के असोहा विकासखंड के कांथा गांव में बृहस्पतिवार रात भारी बारिश के कारण दीवार गिरने से अंकित (20), उन्नति (6) और अंकुश (4) की मौत हो गई।

अधिकारियों ने बताया कि चांदपुर झलिहई थाना क्षेत्र के अजगैन गांव में भारी बारिश के कारण मकान की दीवार गिरने से बाल गोविंद (66) की मौत हो गई। मृतक के परिवार को भी आपदा राहत राशि उपलब्ध कराने की कवायद की जा रही है। उन्नाव जिले के ही अजगैन थाना क्षेत्र के कसांडा गांव के बाहर बांस और फूस की झोपड़ी बनाकर रहने वाले सोहन (75) के ऊपर बृहस्पतिवार की देर रात तेज बारिश और हवा से झोपड़ी गिर गई, जिसमें दबकर उसकी मौत हो गई। उपजिलाधिकारी (एसडीएम) हसनगंज देवेंद्र प्रताप सिंह ने घटना की पुष्टि की है।

पुलिस ने बताया कि रायबरेली सदर कोतवाली क्षेत्र के मुर्रैयापुर मुहल्ले में शुक्रवार की सुबह तेज बारिश के कारण एक पक्का मकान गिर जाने से पूरा परिवार मलबे में दब गया, जिसमें तीन वर्षीय बच्चे की मौत हो गयी, जबकि परिवार के अन्य सदस्य घायल हो गए। जिला प्रशासन के अनुसार, मृतक की पहचान रजनीश के रूप में हुई है। प्रयागराज के जिलाधिकारी संजय कुमार खत्री ने बताया कि शुक्रवार की दोपहर छतौना गांव में एक कच्चे मकान की दीवार बारिश के दौरान ढह गई जिसमें दबकर दो बच्चों की मृत्यु हो गई। दोनों बच्चों के पिता सूरत में काम करते हैं।

उन्होंने बताया कि इस घटना में कुमारी श्रेया (चार) पुत्री अभयराज और अमित कुमार (पांच) पुत्र मंगला प्रसाद की मृत्यु हो गई। घटना के समय दोनों बच्चे घर में खेल रहे थे। उत्तर प्रदेश में भारी बारिश को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संबंधित जिलों के अधिकारियों को राहत कार्यों पर नजर रखने और प्रभावित लोगों की मदद करने के निर्देश दिये हैं।

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