मतदान के बीच हिंसा की छिटपुट घटनाएं, दोपहर 1 बजे तक असम में 37.06 और बंगाल में 40.73 फीसदी हुई वोटिंग

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पुलिस ने बताया कि पश्चिम मेदिनीपुर जिले के बेगमपुर इलाके में एक व्यक्ति मृत पाया गया है। उसकी उम्र 30 वर्ष के आसपास बताई जा रही है। उन्होंने बताया कि उसकी पहचान मंगल सोरेन के रूप में की गई है। उसका शव उसके घर के बाहर बरामद किया गया।

कोलकाता। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के पहले चरण में शनिवार को जिन सीटों पर मतदान हो रहा है, वहां हिंसा की छिटपुट घटनाएं सामने आयी हैं। बहरहाल, हालात अभी शांतिपूर्ण हैं और दोपहर 1 बजे तक 40.73 प्रतिशत मतदान हुआ। राज्य में कड़ी सुरक्षा के बीच 30 सीटों पर मतदान हो रहा है, जिनमें से ज्यादातर कभी नक्सल प्रभावित इलाका रहे जंगल महल में हैं। पुलिस ने बताया कि पश्चिम मेदिनीपुर जिले के बेगमपुर इलाके में एक व्यक्ति मृत पाया गया है। उसकी उम्र 30 वर्ष के आसपास बताई जा रही है। उन्होंने बताया कि उसकी पहचान मंगल सोरेन के रूप में की गई है। उसका शव उसके घर के बाहर बरामद किया गया।

भाजपा ने दावा किया कि सोरेन उनका समर्थक था और टीएमसी के ‘‘गुंडों’’ ने कथित तौर पर उसकी हत्या की। हालांकि सत्तारूढ़ पार्टी ने इस आरोप को खारिज किया है। स्थानीय भाजपा नेता बबलू बराम ने आरोप लगाया, ‘‘टीएमसी मतदान के दौरान इलाके में तनाव पैदा करने की कोशिश कर रही है इसलिए उन्होंने मंगल की हत्या की।’’ बहरहाल, जिला प्रशासन ने निर्वाचन आयोग को दी अपनी रिपोर्ट में कहा कि मौत का चुनाव से कोई संबंध नहीं है। अधिकारियेां ने बताया कि इलाके में केंद्रीय बलों के एक बड़े दल को तैनात किया गया है। पुलिस ने बताया कि इसी जिले के सालबोनी इलाके में टीएमसी समर्थकों ने माकपा उम्मीदवार सुशांत घोष से कथित तौर पर हाथापाई की और उनके वाहन पर पथराव किया। 

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प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि जैसे ही घोष सालबोनी बाजार पहुंचे तो कुछ टीएमसी समर्थकों ने उनका घेराव कर लिया और उनसे हाथापाई की। इसके बाद उन्होंने घोष की कार पर भी हमला किया। इलाके में तैनात पुलिस कर्मियों ने उन्हें बचाया और सुरक्षित निकाल कर ले गए। वाम मोर्चा सरकार में मंत्री रहे घोष ने कहा, ‘‘यह लोकतंत्र पर हमला है। जंगल राज चल रहा है।’’ घटना की रिपोर्टिंग कर रहे कुछ पत्रकारों से भी हाथापाई की गई। चुनाव आयोग के एक अधिकारी ने बताया कि घटना के संबंध में तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है और जिला प्रशासन से एक रिपोर्ट मांगी गई है। टीएमसी ने इसमें किसी भी तरह की संलिप्तता से इनकार किया है। इससे पहले घोष की इलाके में एक मतदान केंद्र पर टीएमसी नेताओं से नोंकझोंक भी हो गई थी क्योंकि वहां से माकपा के पोलिंग एजेंट को कथित तौर पर हटा दिया गया था। मतदान शुरू होने से पहले ही कई मतदान केंद्रों के बाहर लंबी कतारें देखी गई। लोग गर्मी और बाद में हिंसा की किसी आशंका से बचने के लिए सुबह-सुबह ही मतदान के लिए पहुंचे।

निर्वाचन आयोग के एक अधिकारी ने बताया कि सुबह नौ बजे तक 14.28 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने राज्य के लोगों से मतदान के लिए बड़ी संख्या में आकर अपने लोकतांत्रिक अधिकार का इस्तेमाल करने की अपील की। निर्वाचन आयोग (ईसी) के अधिकारी ने बताया कि अभी तक 107 ईवीएम के काम न करने का पता चला है। उन्होंने कहा, ‘‘हमारे सेक्टर अधिकारियों ने 47 ईवीएम को फिर से चालू कर दिया है और बाकी को ठीक किया जा रहा है।’’ तृणमूल कांग्रेस ने कहा कि पार्टी का एक प्रतिनिधिमंडल कई मतदान केंद्रों पर ईवीएम में गड़बड़ी को लेकर दोपहर 12 बजे निर्वाचन आयोग के अधिकारी से मुलाकात करेगा। पूर्व मेदिनीपुर में कांठी दक्षिण सीट पर मतदाताओं ने इस मुद्दे पर एक मतदान केंद्र के बाहर प्रदर्शन किया। 

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ईसी अधिकारी ने बताया कि हालात को नियंत्रण में करने के लिए घटनास्थल पर केंद्रीय बलों का एक दल तैनात किया गया है। कोरोना वायरस के फिर से फैलने के बावजूद ज्यादातर मतदाताओं और राजनीतिक दलों के कार्यकर्ताओं को बिना मास्क लगाए देखा गया। कुछ मतदान केंद्रों पर मतदाताओं को मास्क दिए गए जबकि ज्यादातर जगहों पर सैनिटाइजर और पॉलिथीन दस्ताने दिए गए। विभिन्न राजनीतिक दलों के उम्मीदवारों को पोलिंग एजेंटों को प्रोत्साहित करने और आखिरी वक्त में मतदाताओं तक पहुंचने के लिए मतदान केंद्रों पर आते देखा गया। ईसी अधिकारी ने कहा, ‘‘कुल मिलाकर अभी तक हालात शांतिपूर्ण हैं।’’ एक अधिकारी ने बताया कि शुक्रवार रात को पताशपुर पुलिस थाने के प्रभारी अधिकारी दीपक चक्रवर्ती और अर्द्धसैन्य बल का एक कर्मी बम हमले में उस समय घायल हो गए जब वे इलाके में गश्त दे रहे थे।

उन्होंने बताया कि उनका एग्रा अस्पताल में इलाज चल रहा है और उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है। इन 30 सीटों पर 73 लाख से अधिक मतदाता 191 उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला करेंगे। अधिकारियों ने बताया कि मतदान शाम छह बजे तक चलेगा और कड़ी सुरक्षा के बीच मतदान कराया जा रहा है। निर्वाचन आयोग ने 7,061 परिसरों में बनाए 10,288 मतदान केंद्रों की सुरक्षा के लिए केंद्रीय बलों की करीब 730 टुकड़ियों को तैनात किया है। 

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असम में पहले दो घंटों में 9.47 फीसदी मतदान

असम में विधानसभा चुनाव के पहले चरण में 47 सीटों के लिए शनिवार को शुरू हुए मतदान में 1  बजे तक तकरीबन 37.06 प्रतिशत मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। राज्य में पहले चरण के चुनाव में कोविड-19 संबंधी नियमों का सख्ती से पालन करते हुए मतदान हो रहा है। निर्वाचन आयोग के एक अधिकारी ने बताया कि अभी तक मतदान शांतिपूर्ण है। हालांकि ईवीएम में गड़बड़ी की कुछ शिकायतें आयी हैं। मतदान केंद्रों के बाहर लंबी कतारें देखी गई। मतदाता और निर्वाचन अधिकारी कोविड-19 संबंधी नियमों का पालन कर रहे हैं। कई मतदान केंद्रों पर पहले मतदाता का स्वागत पौधा देकर किया गया। अधिकारी ने बताया कि पूर्वोत्तर राज्य में सुबह सात बजे मतदान शुरू हो गया। इस चरण में मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल, मंत्रियों तथा विपक्षी नेताओं की राजनीतिक किस्मत का फैसला होगा। उन्होंने बताया कि पहले चरण में 23 महिलाओं सहित कुल 264 उम्मीदवार मैदान में हैं। पहले चरण में सुरक्षा बलों की कुल 300 कंपनियों को तैनात किया गया है, जिसमें लोग ऊपरी असम और ब्रह्मपुत्र के उत्तरी तटीय 12 जिलों में 11,537 मतदान केंद्रों पर मतदान कर रहे हैं। 

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